Old Testament
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मीका 5:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हे बैतलहम एप्रात, यदि तू ऐसा छोटा है कि यहूदा के हजारों में गिना नहीं जाता, तो भी तुझ में से मेरे लिये एक पुरुष निकलेगा, जो इस्राएलियों में प्रभुता करनेवाला होगा; और उसका निकलना प्राचीनकाल से, वरन् अनादि काल से होता आया है। (मत्ती 2:6, यूह. 7:42)
मीका 5:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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मीका 5:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 2:6 (HINIRV) »
“हे बैतलहम, यहूदा के प्रदेश, तू किसी भी रीति से यहूदा के अधिकारियों में सबसे छोटा नहीं; क्योंकि तुझ में से एक अधिपति निकलेगा, जो मेरी प्रजा इस्राएल का चरवाहा बनेगा।” (मीका 5:2)

यूहन्ना 7:42 (HINIRV) »
क्या पवित्रशास्त्र में नहीं लिखा कि मसीह दाऊद के वंश से और बैतलहम गाँव से आएगा, जहाँ दाऊद रहता था?” (यशा. 11:1, मीका 5:2)

भजन संहिता 90:2 (HINIRV) »
इससे पहले कि पहाड़ उत्पन्न हुए, या तूने पृथ्वी और जगत की रचना की, वरन् अनादिकाल से अनन्तकाल तक तू ही परमेश्वर है।
मीका 5:2 का सन्निवेशन और महत्व
यह वचन मैदान-मैदान नहीं, भविष्य के स्वर्गीय नियुक्ति के संदर्भ में एक गम्भीर घोषणा है। मीका nabi इस्राएल के छोटे-से नगर बेतलहम को भी नहीं छोड़ते, क्योंकि यहां से प्रभुता करने वाले एक पुरुष का जन्म होना है, जो दाऊद की राजधानी की अस्मिता को फिर से जीवित करेगा।”
पवित्रता की ग्रामीण imagery और ईश्वर की योजना
वचन बताता है कि ईश्वर अपने उद्धारकर्ता को लोक-स्थल के भीतर ही चुनते हैं — एक ऐसा स्थल जो छोटा और अनदेखा माना जाता है, ताकि स्पष्ट हो कि प्रभुता उसकी शक्ति से नहीं, बल्कि उसकी योजना और दया से आती है। यह गांव-गली के बीच से उठकर पूरे राष्ट्र के लिए उद्धार की दिशा निर्धारित करने का संकेत है।
ईश्वर के शब्दों का अर्थ: “प्राचीनकाल से, वरन् अनादि काल से”
यह वक्तव्य यह दर्शाता है कि Messiah का इतिहास मानव इतिहास से परे है; उसका अस्तित्व अवरुद्ध नहीं, बल्कि अनादि काल से चला आ रहा है। इसका तात्पर्य है कि उद्धारकर्ता की सत्ता ईश्वर की स्थिरता और विश्वसनीयता पर आधारित है, न कि मानव बनावट या राजनीतिक स्थितियों पर।
संदर्भित उद्धरणों के संकेत
यह वचन मत्ती 2:6 और यूहन्ना 7:42 के संकेतों के साथ जोड़ा गया है, जो बतलाता है कि मसीह का जन्म दाऊद के पैतृक घर से होना और परमेश्वर के अनुसार लोगों के उद्धार के रूप में प्रस्तुत होना पूर्व-निर्धारित योजना का भाग है।
कथन से जुड़ी प्रमुख शब्दावली
क्रॉस-रेफरेंस और उनका संक्षिप्त संधान
1) मत्ती 2:6 — मसीह का दाऊद परिवार से होना: यह संकेत कि उद्धारकर्ता दाऊद की राजशाही की पुरानी प्रतिज्ञा को पूरा करेंगे।
2) यूहन्ना 7:42 — नबी से प्रत्याशित उद्धारकर्ता का अवतरण: यह स्पष्ट करता है कि मसीह के आगमन की अपेक्षा पुराने आस्थागत ग्रंथों में बनी है।
3) द्वैतता के संकेत — स्तरित प्रकृति: छोटा नगर, बड़े उद्देश्य; इस संसार में वास्तविक सत्ता की परिभाषा ईश्वर की योजना के अनुरूप बदलती है।
आज के संदर्भ में व्यवहारिक अनुप्रयोग
- आशावादी दृष्टिकोण: जो कुछ भी छोटा लग सकता है, उसमें ईश्वर के उद्धार के बड़े काम छिपे हो सकते हैं।
- वचन-आस्था: गूढ़ योजना के प्रति विश्वास बनाए रखें, भले ही वर्तमान परिस्थिति प्रतिपन्न न हो।
- नेतृत्व का नया मापदंड: प्रभुता एक आकांक्षा नहीं, सेवा, नम्रता और सत्य के द्वारा प्रकट होती है—जैसी मसीह ने दिखाई।
महत्वपूर्ण उद्धरण (जहाँ उपलब्ध हो) और स्रोत भावना
इस लेखन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों से समन्वय किया गया है, ताकि पाठ का तात्पर्य स्पष्ट हो सके। नीचे किसी भी सीधे शब्द-चयन को मौखिक रूप में उद्धृत किया गया हो, तो उसे ही उद्धृत रूप में लिया गया है:
- “अनादि काल से” के तात्पर्य को समझाने में Clarke की प्रकृति-पुष्टि का उल्लेख किया गया है।
इन विचारों का उद्देश्य पाठ की गहराई को सरल हिंदी अनुभूति के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि आज के पाठक भी परमेश्वर की स्थिरता, उद्धार की योजना और छोटे-से आरम्भों में महान उद्देश्य को समझ सकें।