Old Testament
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नहेम्याह 5:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर मैंने अपने कपड़े की छोर झाड़कर कहा, “इसी रीति से जो कोई इस वचन को पूरा न करे, उसको परमेश्वर झाड़कर, उसका घर और कमाई उससे छुड़ाए, और इसी रीति से वह झाड़ा जाए, और कंगाल हो जाए।” तब सारी सभा ने कहा, “आमीन!” और यहोवा की स्तुति की। और लोगों ने इस वचन के अनुसार काम किया।
नहेम्याह 5:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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नहेम्याह 5:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रेरितों के काम 18:6 (HINIRV) »
परन्तु जब वे विरोध और निन्दा करने लगे, तो उसने अपने कपड़े झाड़कर उनसे कहा, “तुम्हारा लहू तुम्हारी सिर पर रहे! मैं निर्दोष हूँ। अब से मैं अन्यजातियों के पास जाऊँगा।”

मत्ती 10:14 (HINIRV) »
और जो कोई तुम्हें ग्रहण न करे, और तुम्हारी बातें न सुने, उस घर या उस नगर से निकलते हुए अपने पाँवों की धूल झाड़ डालो।

जकर्याह 5:3 (HINIRV) »
तब उसने मुझसे कहा, “यह वह श्राप है जो इस सारे देश पर* पड़नेवाला है; क्योंकि जो कोई चोरी करता है, वह उसकी एक ओर लिखे हुए के अनुसार मैल के समान निकाल दिया जाएगा; और जो कोई शपथ खाता है, वह उसकी दूसरी ओर लिखे हुए के अनुसार मैल के समान निकाल दिया जाएगा।
नहेम्याह 5:13 का संदर्भ और बतौर पाठ का सार
नहेम्याह 5:13 में कहे गए वाक्यों में, कड़े सामाजिक सुधार के साथ्र चाल और प्रतिज्ञा की गूंज सुनाई देती है। नगर में आर्थिक विषमता और दासत्व-योग्यों के कारण यहूदियों के बीच तनाव बढ़ा था। नहेम्याह ने शक्तिशाली और पवित्र संवेदना के साथ एक रीति तय की: जो कोई भी इस वचन के अनुसार प्रतिज्ञा तोड़ेगा, उसका घर, उसकी संपत्ति और सम्मान सब कुछ परमेश्वर के न्याय से झाड़े जाएँगे। जब सभा ने “आमीन” कहा और लोग कहते हैं कि यह वचन अब पूरा होगा, तब यह यहूदियों के बीच पुनः एकता और विश्वास के ज्वार को दर्शाता है कि सुधार का कार्य धार्मिक और सामाजिक नैतिकता दोनों द्वारा समर्थित है।
मुख्य विचार
1) सामाजिक नैतिकता और धार्मिक चेतना का संगम: नहेम्याह ने धार्मिक प्रतिज्ञाओं को सामाजिक व्यवहार में उतारा, ताकि हृदय-परिवर्तन बाहरी व्यवहार से भी स्पष्ट हो।
2) community accountability (समुदाय जवाबदेही): जब एक वचन टूटता है, तो पूरे समुदाय को उसकी कीमत चुकानी पड़ती है; यह समूह की एकता और जिम्मेदारी की मिसाल है।
3) नेतृत्व की नम्रता और साहस: नहेम्याह का नेतृत्व कड़े कदम उठाते हुए भी समुदाय के लाभ को सर्वोपरेंद्र मानता है, जिससे लोगों में नैतिक प्रेरणा बंधती है।
दो-तीन मुख्य विषय
समानांतर गूढ़ विचार (Cross-references)
• दाऊद के शासन-काल के नैतिक आदेशों से प्रेरणा: परिवार-सम्बन्धों और समुदाय के नैतिक ढांचे की स्थिरता पर जोर। यह वचन बताता है कि सही प्रशासन और नैतिकता एक दूसरे पर निर्भर हैं।
• अर्थ-सामंजस्य और उद्धार के लिए दया का मार्ग: प्रभु के आचार विचार में संगठित न्याय से ही समाज में शांति और संतोष बना रहता है; यह वचन उसे संकेत करता है कि कड़ाई के साथ ही दया और सुधार साथ चलते हैं।
• ईश्वर की परिवर्तन-यात्रा के साथ समुदायिक स्वीकृति: शिक्षा और पुनर्निर्माण के लिए सामाजिक संकल्प साथ आते हैं जो प्रार्थना और कर्म को एक सूत्र में बाँधते हैं।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- व्यक्तिगत नैतिकता बनाम सामाजिक दबाव: कठिन समय में भी सत्य और न्याय का पालन करना चाहिए; जो इसका उल्लंघन करता है, उसे समुदाय के सम्मिलन में गिरावट का सामना करना पड़ सकता है।
- समुदाय के लिए जवाबदेही: सभी सदस्य एक दूसरे के कार्यों के लिए जिम्मेदार हों; यह विश्वास की परियोजना को स्थायित्व देता है।
संक्षिप्त समापन
नहेम्याह 5:13 का संदेश है कि सच्चा सुधार केवल पूजा-स्थल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह व्यवहार-प्रधान और समुदाय-कल्याण से जुड़ा हुआ है। साहसी नेतृत्व, नीति-निर्णय और एकता के साथ, यह वचन पूरे समाज की नैतिक संरचना को पुनर्सृजित करने की प्रेरणा देता है।
इतिहासिक टिप्पणी약
यह पाठ, महात्मा-प्रचलित प्रचार-नैतिकता के साथ, हमारे लिए प्रेरणा देता है कि प्रतिज्ञाओं का इमानदारी से पालन कर, गरीबों के प्रति न्यायपूर्ण व्यवहार और समुदाय-स्वीकृति को प्राथमिकता दी जाए।