Old Testament
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नहेम्याह 5:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर मेरी मेज पर खानेवाले एक सौ पचास यहूदी और हाकिम और वे भी थे, जो चारों ओर की अन्यजातियों में से हमारे पास आए थे।
नहेम्याह 5:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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नहेम्याह 5:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 18:19 (HINIRV) »
अब दूत भेजकर सारे इस्राएल को और बाल के साढ़े चार सौ नबियों और अशेरा के चार सौ नबियों को जो ईजेबेल की मेज पर खाते हैं, मेरे पास कर्मेल पर्वत पर इकट्ठा कर ले।”

2 शमूएल 9:7 (HINIRV) »
दाऊद ने उससे कहा, “मत डर; तेरे पिता योनातान के कारण मैं निश्चय तुझको प्रीति दिखाऊँगा, और तेरे दादा शाऊल की सारी भूमि तुझे फेर दूँगा; और तू मेरी मेज पर नित्य भोजन किया कर।”

2 शमूएल 9:13 (HINIRV) »
मपीबोशेत यरूशलेम में रहता था; क्योंकि वह राजा की मेज पर नित्य भोजन किया करता था। और वह दोनों पाँवों का विकलांग था।
नहेम्याह 5:17 का संदर्भ और अर्थ
इस पद में नहेम्या अपने प्रेरित नेतृत्व के बीच स्थित सामाजिक संघर्ष को दर्शाते हैं। यहूदी बिरादरी के भीतर दास-स्वामियों जैसी आर्थिक उथल-पुथल के बीच, उनका प्रभार यह था कि वे मीठे भोजन और मेजबानी से समुदाय की एकता को बनाए रखें। नहेम्या 5:17 में बतलाया गया है कि उसने अपनी मेज पर एक सौ पचास यहूदियों और हाकिमों को भोजन पर बुलाया, साथ ही वे भी जो आसपास की जातियों से आए थे। यह दृश्य यह दिखाता है कि नेतृत्व किस प्रकार एक संतुलन बनाए रख सकता है—अपने अपने लोगों के बीच समानता और सम्मान बनाए रखते हुए बाहरी समुदाय के साथ भी सद्भाव स्थापित करना।
मुख्य भावार्थ
यहVerse प्रेरित नेता नहेम्या के मानवीय और धार्मिक उत्तरदायित्व का संयोजन है—धर्म के साथ सामाजिक न्याय, तथा समुदाय की समरसता के लिए निष्ठा। वे जातीय विविधता को खुलकर स्वीकार करते हैं और अपने घर की मेज पर सबको समान जगह देते हैं, जो कि नेतृत्व के सारगर्भित गुण हैं: उदारता, समानता और आत्म-नियंत्रण।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबंधित संकल्पनाएं
1) नहेम्या 5:14–19 में नहेम्या ने अपने व्यक्तिगत अहंकार को दबाकर, सामुदायिक उन्नति के लिए नेतृत्व का उदाहरण दिया। यह दिखाता है कि आध्यात्मिक नेतृत्व को राजसी या स्वार्थपूर्ण नहीं होना चाहिए; बल्कि सेवा, मितव्ययिता और समानता पर टिके होना चाहिए।
2) इब्रानियों 13:2 का समान विचार: मेहमाननवाजी के प्रति खुली प्रवृत्ति, क्योंकि इससे मानवता के बीच पुल बनते हैं।
3)mlich cross-reference: नीतियाँ 13:16—नात्मक व्यवहार और दान-धर्म के महत्व को दोहराते हैं।
व्यावहारिक चिंतन
कथन यह है कि नेतृत्व को केवल बाहरी सफलता नहीं, बल्कि समुदाय के भीतर आत्मिक समानता और विनम्रता से मापा जाए। क्या आज हम अपने घर और कार्यस्थलों में हर किसी के लिए जगह बनाते हैं? क्या आर्थिक या सामाजिक अंतर के बावजूद हम दूसरों के साथ सम्मान और दया दिखाते हैं? नहेम्या का उदाहरण बताता है कि मजबूत नेतृत्व वे ही होते हैं जो अपने हितों को छोड़कर समुदाय के एकत्व के लिए स्थान बनाते हैं।
संक्षिप्त निष्कर्ष
नहेम्या 5:17 यह याद दिलाता है कि एक मजबूत समाज वह है जिसमें नेता और सदस्य दोनों मिलकर सभ्यता के उच्च मानदंडों पर चलते हैं—सबके लिए मेज पर बराबरी और सम्मान। यह verse समुदाय भावना, आर्थिक प्रशासन, और बाहरी रिश्तों के संतुलन की मिसाल प्रस्तुत करता है।
उद्धृत पंक्तियाँ (public-domain संकेत)
यदि आवश्यक हो, Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त विचार के रूप में उनके उद्धृत विचार नीचे आ सकते हैं; यहाँ मूल संदेश का सार वही है कि नेतृत्व का धर्म-संयोजन परिभाषित हो—समानता, उदारता और ईश्वरीय संरचना के अनुरूप क्रिया।
क्रॉस-रेफरेंसेज़
1) नहेम्या 5:14–19 — नेतृत्व और समाज-उन्नति का प्रतिदर्श.
2) इब्रानी 13:2 — मेहमाननवाजी की आत्मा और पुल बनना.
3) नीतियाँ 13:16 — दान और समुदाय-निष्ठा के महत्व.