Old Testament
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नहेम्याह 6:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर मैंने जान लिया कि वह परमेश्वर का भेजा नहीं है परन्तु उसने हर बात परमेश्वर का वचन कहकर मेरी हानि के लिये कही, क्योंकि तोबियाह और सम्बल्लत ने उसे रुपया दे रखा था।
नहेम्याह 6:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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नहेम्याह 6:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहेजकेल 13:22 (HINIRV) »
तुमने जो झूठ कहकर धर्मी के मन को उदास किया है, यद्यपि मैंने उसको उदास करना नहीं चाहा, और तुमने दुष्ट जन को हियाव बन्धाया है, ताकि वह अपने बुरे मार्ग से न फिरे और जीवित रहे।

यशायाह 56:11 (HINIRV) »
वे मरभूखे कुत्ते हैं जो कभी तृप्त नहीं होते। वे चरवाहे हैं जिनमें समझ ही नहीं*; उन सभी ने अपने-अपने लाभ के लिये अपना-अपना मार्ग लिया है।

यिर्मयाह 23:25 (HINIRV) »
मैंने इन भविष्यद्वक्ताओं की बातें भी सुनीं हैं जो मेरे नाम से यह कहकर झूठी भविष्यद्वाणी करते हैं, 'मैंने स्वप्न देखा है, स्वप्न!'
मुख्य interpretive बिंदु
नहेम्याह 6:12 में कहावत है कि उसने जाना कि आतंरिक रूप से काम deceptive था—उसने परमेश्वर के भेजे जाने का दावा करके ही आक्रामक योजना चलाई, परन्तु वह तावीज़ी चाल थी ताकि नहेम्याह को नुकसान पहुँचे। यह वाक्य तब आता है जब नहेम्याह के शत्रु अपने एकअंश बेईमानी को छिपाते हैं और परमेश्वर के नाम का उपयोग करते हैं। इसका अर्थ है कि सत्यान्वेषी लोग भौतिक लाभ के लिए धर्म का आवरण पहनते हैं, पर ईश्वर की योजना की वास्तविक निगरानी से वे परास्त रहते हैं।
पाठ का साहित्यिक संदर्भ
यह पद नहेम्याह के व्यवहार और राजनीतिक वातावरण की गहराई को दर्शाता है। नहेम्याह के समय में यहूदियों के शहर-निर्माण और सुरक्षा-व्यवस्था के बीच धार्मिक-राजनीतिक दबाव बढ़ रहे थे। विरोधी दोस्तों तोबियाह और सम्बल्लत के साथ मिली-भगत के आरोप ने एक बार फिर दिखाया कि वे कैसे शब्द-युद्ध के सहारे नहेम्याह के प्रचार-कार्य को नुकसान पहुँचाना चाहते थे।
theological significance (धार्मिक महत्त्व)
इस वाक्य से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की योजना में शत्रु कभी-कभी धार्मिक भाषा का इस्तेमाल कर नुकसान पहुँचाते हैं। ईश्वर की प्रेरणा बनाम मानव स्वार्थ की परीक्षा में, नहेम्याह की निर्भरता परमेश्वर पर ही थी—वह पहचान लेते हैं कि “परमेश्वर ने भेजा” होने का दावा दूसरों के निष्ठुर लाभ के लिए होता है। यह हमारे लिए चेतावनी है कि विश्वासयोग्यता के साथ discernment आवश्यक है ताकि धर्मावलंबी वास्तविक उद्देश्य को पहचान सकें।
Cross-references (संयोगी संदर्भ)
संक्षेप में, इन क्रॉस-रेफरेंसों से यह दिखता है कि भली-भांति धार्मिक ढांचे के भीतर भी छल संभव है; इसलिए ईमानदार discernment आवश्यक है ताकि परमेश्वर की योजना सुरक्षित रहे।
जीवंत विचार—Reflection questions
conclusion (निष्कर्ष)
नहेम्याह 6:12 संकेत देता है कि शत्रु तब भी चाल चलेंगे जब वे परमेश्वर के नाम का प्रयोग करें। संतुलित विवेक और परमेश्वर की दिशा में निर्भरता इस प्रकार की चालाकी को पहचानने में मदद करती है। सुनिश्चित रहें कि हमारी सेवा और दुआ में प्रेरणा स्पष्ट रूप से परमेश्वर के शासन के अनुरूप हो।
पूर्व-नोट्स: शिक्षण विकल्प
यदि आप साहित्यिक टिप्पणी पढ़ना चाहें, तो नीचे उल्लेखित चर्चित विचारकों के संक्षिप्त उद्धरण और उनके दृष्टिकोण से आप दिशा पा सकते हैं:
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की उपलब्ध सार्वजनिक-डायन-टिप्पणियों से उत्पन्न सामान्य मूल्यांकन एक ही धागे में समाहित हैं: धार्मिक भाषण के भीतर चालाकी पर सतर्क रहना, और सत्य के परीक्षण के साथ परमेश्वर की प्रेरणा की पहचान करना।