नहेम्याह 6:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

वे सब लोग यह सोचकर हमें डराना चाहते थे, कि “उनके हाथ ढीले पड़ जाए, और काम बन्द हो जाए।” परन्तु अब हे परमेश्‍वर तू मुझे हियाव दे।

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नहेम्याह 6:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

नहेम्याह 6:9 पर टिप्पणी

पर्वाहीन प्रचार-कार्य के दौरान नेहेम्याह नेत्र नाक-फर्श पर नहीं, बल्कि परमेश्वर की सहायता पर टिका कर उन्होंने विरोध के सामने साहस बनाए रखा। इस verse में विरोधी ताकतें यह सोच कर डराने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके हाथ ढीले पड़ जाएँ और काम रुक जाए। पर नेहेम्याह ने कहा, “परन्तु अब हे परमेश्वर तू मुझे हियाव दे।” यह कर्म-विश्वास का समरूप वाक्य है—परमेश्वर का साहस आ जाने पर मनुष्य भय से ऊपर उठकर कार्य समाप्ति तक निरन्तर बना रहता है।

केंद्रीय अर्थ

यह पद दर्शाता है कि दुर्बलता और विरोध के बीच भी भक्ति और प्रार्थना का स्रोत परमेश्वर की सहायता है। नेहेम्याह ने परिस्थितियों को देखकर नहीं, बल्कि परमेश्वर के आशीर्वाद और हियाव से निर्णय लिया। उसका उद्देश्य स्पष्ट था: काम जारी रखना, प्रतिरोधों के बावजूद भी ईश्वर के दिए गए कार्य को पूरा करना।

दो-तीन प्रमुख विषय

  • विश्वास बनाम भय: विरोध का दबाव दिखता है, पर भक्त अपने परमेश्वर पर भरोसा बनाए रखता है, ताकि भय नियंत्रण में रहे।
  • प्रार्थना के पीछे की शक्ति: “हियाव दे” एक सरल-पर-गहरा plea है कि ईश्वर सहायता के बिना प्रयास व्यर्थ हैं।
  • कार्यशील धैर्य: चुनौती के बीच अस्थिरता के बावजूद निर्माण-कार्य का निरन्तर चलना संकेत स्वरूप है कि ईश्वर का उद्देश्य पूरा होना है।

संबंधी पाठ (cross-references) और उनका संक्षिप्त स्पष्टीकरण

  • यशायाह 41:10 — परमेश्वर के साथ साहस बना रहता है; भय के कारण नहीं, बल्कि उसकी सहायता के कारण सञ्चालन होता है।
  • अनुवचन 14:31 — विश्वासियों की सुरक्षा और निर्भयता माता-पिता के प्रेम से बढ़ती है, ताकि जीवन के कार्य निरंतर आगे बढ़ें।
  • लूका 12:11-12 — आवश्यक समय पर साहायता का अनुभव कैसे होता है जब आत्मा हमें बोलने की प्रेरणा दे।

व्यावहारिकreflection

आज के शिक्षार्थी भी कठिन समय में इसी तरह के निर्णय कर सकते हैं—अपनी योजनाओं को नहीं छोड़ना, बल्कि परमेश्वर से हियाव मांगना। चाहे बाधाओं की मात्रा कितनी भी हो, कर्म-कार्य को जारी रखने की भक्ति और प्रार्थना शक्ति से ही सफलता मिलती है। छोटी-मोटी असफलताओं पर मत घबराइए; परमेश्वर से सहायता मांगिए और विश्वास बनाए रखिए कि वह आपके काम को संपूर्ण करेगा।

संक्षिप्त समापन

नहेम्याह 6:9 हमें यह सिखाता है कि भय जब तक प्रभु की प्रेरणा से दूर न हो, तब तक प्रभावशाली नहीं होता। परमेश्वर की हियाव से ही कठोर परिस्थिति में भी कार्य आगे बढ़ते हैं। उसका आशीर्वाद और मार्गदर्शन हमारे साहस की कुंजी हैं।

संदर्भ दृष्य: - नेहेम्याह की निर्भय प्रार्थना की प्रवृत्ति और प्रतिरोधों के सामने दृढ़ता।

टिप्पणी स्रोतों के संकेत (उद्धरण क्रेडिट): यदि उपलब्ध हों, तो Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के छोटे-छोटे उद्धरण दिखाए जा सकते हैं, पर यहाँ विशिष्ट पाठ से सीधे वाक्यों को उद्धृत नहीं किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

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