भजन संहिता 138:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जिस दिन मैंने पुकारा, उसी दिन तूने मेरी सुन ली, और मुझ में बल देकर हियाव बन्धाया।

भजन संहिता 138:3 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 138:3 — संदर्भ और संक्षेप व्याख्या

यह श्लोक गुरु-वार्त्ताओं के बीच परमेश्वर के त्वरित उत्तर और साहस बढ़ाने की व्यवस्था को बताता है। पूरा भजन प्रार्थना, स्तुति और विश्वास की प्रतिक्रिया का विवरण है: जब लेखक ने संकट में परमेश्वर को पुकारा, परमेश्वर ने उसी दिन उत्तर दिया और हृदय में साहस और धैर्य भर दिया। यह वचन व्यक्तिगत अनुभव और देवत्व के विश्वसनीय होने का साक्ष्य पेश करता है।

केंद्रीय अर्थ

मुख्य विचार यह है कि परमेश्वर संकट के समय शीघ्र सुनता है और केवल उत्तर नहीं देता, बल्कि उस उत्तर से मनुष्य को शक्ति और आशा प्रदान करता। "तूने मेरी सुन ली" कहकर विश्वास की पुष्टि होती है कि प्रार्थना सुनी गई; "मुझ में बल देकर हियाव बन्धाया" बताता है कि उत्तर का फल केवल समाधान नहीं, बल्कि आंतरिक बन्धन और साहस का उदय है।

प्रमुख विषय

  • त्वरित उत्तर और परमेश्वर की तत्परता: यह वचन दर्शाता है कि परमेश्वर समय पर बोलता है — कभी देर नहीं करता जब उसकी मदद चाहिए।
  • उत्तर से प्राप्त साहस: परमेश्वर की उपस्थिति मन को सशक्त बनाती है; उत्तर के साथ दिल में आशा और दृढ़ विश्वास जगता है।
  • व्यक्तिगत संबंध और भरोसा: लेखक का अनुभव बताता है कि प्रार्थना और परमेश्वर के उत्तर के बीच निकट संबंध संभव है — एक जीवंत, अनुभवात्मक विश्वास।

संबंधित पद और उनके सम्बन्ध

भजन 34:4 — इसमें भी कहा गया है कि जब मैंने परमेश्वर की ओर मुंह किया, उसने मुझे उत्तर दिया; संबंध यह है कि ईश्वर की शरण लेने पर वही व्यवहार बार-बार दिखाई देता है।

यिर्मयाह 33:3 — परमेश्वर से पुकारने पर वह महान और छिपी बातें दिखाने का वादा करता है; यह पद प्रार्थना के उत्तर में ज्ञान और मार्गदर्शन के पहलुओं को जोड़ता है।

फिलिप्पियों 4:13 — "मैं सब कुछ कर सकता हूँ" जैसे वचन बतलाते हैं कि परमेश्वर के समर्थ होने से विश्वासी को आंतरिक शक्ति मिलती है; दोनों पद मनोबल और निर्भरता के विचार को साझा करते हैं।

व्यावहारिक चिंतन

इस श्लोक से सीखने योग्य बातें सरल और प्रयुक्ति योग्य हैं: कठिनाई के क्षणों में संयमित और दृढ़ प्रार्थना रखें, यह मानते हुए कि उत्तर समय पर मिलेगा। जब उत्तर आए तो उसे केवल परिसमाधान न समझें — उसके द्वारा मिलने वाले साहस और विश्वास पर ध्यान केंद्रित करें। व्यक्तिगत रूप से यह प्रोत्साहित करता है कि परखने वाली परिस्थितियों में भी आशावान और हृदय से बंधे रहें।

छोटा उद्धरण नोट

मैथ्यू हेनरी ने समान अर्थ में लिखा है कि परमेश्वर केवल संकट मिटाने के लिए नहीं, बल्कि मन को सांत्वना और शक्ति देने के लिए भी उतरता है। (सूत्र: Matthew Henry, सारांश उद्धरण रूप में संदर्भित)

संक्षेप सार

भजन 138:3 हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर जल्दी सुनता है और उसकी जवाबदेही केवल बाहरी सहायता तक सीमित नहीं रहती — वह हमारे हृदय में बल और विश्वास स्थापित करता है। यह वचन प्रार्थना की प्रभावशीलता और परमेश्वर के निकट संबंध का प्रमाण है, जो हर विश्वासी के जीवन में आशा और स्थिरता लाता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 138:3 समानांतर पद और संबंधित वचन

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अपने संकट में मैंने यहोवा परमेश्‍वर को पुकारा; मैंने अपने परमेश्‍वर की दुहाई दी। और उसने अपने मन्दिर* में से मेरी वाणी सुनी। और मेरी दुहाई उसके पास पहुँचकर उसके कानों में पड़ी।

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1 पतरस 5:10 (HINIRV) »
अब परमेश्‍वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुःख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्त करेगा*।

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