भजन संहिता 113:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा की स्तुति करो! हे यहोवा के दासों, स्तुति करो, यहोवा के नाम की स्तुति करो!

भजन संहिता 113:1 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 113:1—“यहोवा की स्तुति करो! हे यहोवा के दासों, स्तुति करो, यहोवा के नाम की स्तुति करो!” का सरल अर्थ

यह वाक्य स्पष्ट निर्देश है कि जो भी हमारे प्रभु के दास हैं, वे एक सार्थक और नियमित धन्यवाद-स्तुति के जीवन से ईश्वरीय महिमा को प्रदर्शित करें। यहोवा के नाम की स्तुति करना, उसकी कृपा, संरक्षण और परम व्यापक करुणा के प्रति आभार व्यक्त करने का एक स्थिर अभ्यास है।

संदर्भिक पृष्ठभूमि

भजन संहिता 113–118 “हिम्मतभरी महत्त्वपूर्ण भजन” समूह का हिस्सा है, जिसे प्रायः “हिलेल” (Hallelujah) भजनों के रूप में जाना जाता है। यह भाग ईश्वर के दयालुत्व, निर्भरता और अनुकंपा के समकालीन अनुभव से जुड़ता है — खासकर यहोवा के दासों के लिए जो उसकी उपस्थिति और आशीष के पात्र हैं।

व्याख्यात्मक टिप्पणियाँ

• यह आज्ञा एक समुदायगत प्रार्थना है, न कि केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति। यह बताती है कि भक्ति जीवित, सार्वजनिक और निरंतर होनी चाहिए।

• “यहोवा के दास” से आशय यह है कि ईश्वर की सेवाLatest में रहने वाले लोग—जो उसकी प्रभुता मानते हैं—उन्हीं के लिए यह स्तुति अनिवार्य है; इसका उद्देश्य ईश्वर की महानता को हर दिशा में उजागर करना है।

मूल संवाद से जुड़ी उद्धरणीय विचार

• संदिग्ध नहीं कि यह वाक्य संपूर्ण दासिता का संकेत देता है; पर इसकी प्रेरणा में यह है कि भगवान के चरणकमलों के नीचे जीवन बिताने वाले लोग ही सच्चे आशीर्वाद के पात्र बनते हैं।

तीन-सार विचार

  • ईश्वर की स्तुति एक जीवनशैली है, जो कर्म, शब्द, और विचार में परिलक्षित होनी चाहिए।
  • उसके नाम की स्तुति वह सम्मान है जिसे उसके सर्वोच्च गौरव के साथ किया जाना चाहिए।
  • यथा दास अपने स्वामी के प्रति विश्वास और समर्पण दिखाते हैं, वैसे ही ईश्वर के दास उसकी महिमा को उच्चारित करें।

अन्य प्रचलित टिप्पणियाँ (क्रॉस-रेफरेंसेज़)

• अन्य भजनों में भी यह उद्घोष मिलता है कि ईश्वर के नाम की महिमा सभी पीढ़ियों तक पहुँचे—यह पंक्ति एक स्थिर स्मरण देता है कि ईश्वर का नाम पवित्र और शक्ति से परिपूर्ण है।

• एक स्थान पर स्मरण रहता है कि प्रभु का नाम पवित्र है; इसका अर्थ है कि उसकी कृपा और न्याय दोनों ही ईश्वर के मान-प्रतिष्ठा के लिए आवश्यक हैं।

व्यावहारिक निष्कर्ष

हमारी दैनिक धार्मिक जीवन योजना में यह स्पष्ट स्थान है कि हम यहोवा की स्तुति में निरंतर लगन रखें—सार्वजनिक सभा में, व्यक्तिगत समय में, और घर-परिवार के बीच—ताकि ईश्वर की महिमा हर जगह अनुभव की जा सके।

उद्धृत विचारधारा (संदर्भित टिप्पणीकारों से संक्षेप):

Matthew Henry: यहोवा के दासों के लिए स्तुति एक दृढ़ विश्वास की अभिव्यक्ति है; यह जीवनशैली के रूप में श्रद्धा दिखाती है।

Albert Barnes: इस क्रम में दास-संबंध शब्द यह दर्शाते हैं कि ईश्वर के सेवक उसकी करुणा के सम्मान में एक समुदाय बनकर काम करते हैं।

Adam Clarke: स्तुति का मूल भाव यह है कि प्रभु की महानता हर परिस्थिति में प्रकट हो; यह भक्त की आस्था और समर्पण का परिचय है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 113:1 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

इफिसियों 5:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
इफिसियों 5:19 (HINIRV) »
और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने-अपने मन में प्रभु के सामने गाते और स्तुति करते रहो। (कुलु. 3:16, 1 कुरि. 14:26)

भजन संहिता 69:36 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 69:36 (HINIRV) »
उसके दासों को वंश उसको अपने भाग में पाएगा, और उसके नाम के प्रेमी उसमें वास करेंगे।

भजन संहिता 135:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 135:20 (HINIRV) »
हे लेवी के घराने, यहोवा को धन्य कह! हे यहोवा के डरवैयों, यहोवा को धन्य कहो!

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें