भजन संहिता 69:36 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

उसके दासों को वंश उसको अपने भाग में पाएगा, और उसके नाम के प्रेमी उसमें वास करेंगे।

भजन संहिता 69:36 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 69:36 का संक्षिप्त अर्थ

इस आयत में कहा गया है कि परमेश्वर के दासों को उनके वंश और प्रेमी—जो उसकी कृपा और निज-प्रेम से जुड़े हैं—उसके भाग में पाए जाएंगे; अर्थात उनके कल्याण और प्रतिष्ठा में प्रभु का निष्ठापूर्वक साथ मौजूद रहेगा।

Contextual background

भजन संहिता 69 में वास्तविक आस्था और संकट के समय परमेश्वर के साथ रहने की याचना है। यह भाग विशेष रूप से दासत्व के प्रतीक के माध्यम से भक्ति-समर्थन और विश्वास की स्थिरता को उजागर करता है। भजनकार विपत्ति के बीच भी परमेश्वर की कृपा की गहराई को अनुभव करता है, और अंततः जो परमेश्वर को प्रेम करते हैं, वे उसकी भागीदारी में विराजेंगे।

Interpretive observations

  • “उसके दासों को” से संकेत मिलता है कि परमेश्वर के लोग उन ही लोगों के समूह हैं जो उसकी आज्ञाओं और करुणा के अनुरूप चलते हैं।
  • “वंश उसको अपने भाग में पाएगा”—यह बताता है कि उसका आशीर्वाद और भागीदारी पवित्र–समुदाय के भीतर स्थिर रहती है, और दास अपनी पहचान परमेश्वर के साथ जोड़ लेते हैं।
  • “और उसके नाम के प्रेमी उसमें वास करेंगे”—जो परमेश्वर के प्रेम में स्थिर रहते हैं, वे उसकी चमक और सामर्थ्य का अनुभव करेंगे; यह आशीर्वाद व्यक्ति-के-व्यक्ति नहीं, समुदाय-के-समय के रूप में भी देखा जा सकता है।

Short thematic list

  1. विश्वास के साथ परमेश्वर की भागीदारी की सुरक्षा
  2. नाम-प्रीति से अपरिचित नहीं, प्रेम से निवास—आस्थावान समुदाय का जीवन
  3. दासत्व और कल्याण की निरंतरता—परमेश्वर की व्यवस्था में स्थिरता

Related passages (cross-references)

यशायाह 56:6-7— ज्ञात कराते हैं कि परमेश्वर के नाम के प्रेमी भी उसके घर में स्वागत पाएंगे; यह विश्वास-सम्पर्क का विस्तार है।

भजन संहिता 23:6— परामर्श देता है कि भले ही जीवन कठिन हो, परमेश्वर के वचन-प्रेम से हमारा निवास बनता है, और हम उसके चुने हुए भाग में रहते हैं।

यूहन्ना 14:23— यीशु के साथ प्रेम-आधारित सम्बंध में पिता और पुत्र का निवास स्थापित होता है; यह वचन-वास एक विशिष्ट प्रेरणा देता है कि प्रेम में बसे रहना कैसे परमेश्वर के साथ fellowship बनाता है।

Practical takeaway

जो भक्त हैं वे प्रभु के नाम के प्रेम में स्थिर रहते हैं, उनके लिए सफलता और आशीष दूसरों के लिए भी नमूदार होती है। अपने दैनिक जीवन में—वचन-स्मरण, प्रार्थना और सेवा के जरिये—हम ऐसी दृढ़ आस्तीन बनाएं जिससे परमेश्वर की भागीदारी हमारे समुदाय में स्पष्ट हो जाए।

Notes on sources

इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke जैसे सार्वजनिक-डोमेन टीका-लेखों के सारांश से आशीष प्राप्त होती है। उनकी पंक्तियाँ एक साथ एक समन्वित दृष्टिकोण बनाती हैं, ताकि हिंदी पाठक सीधे पाठ के अर्थ से जुड़ सकें। ड्राफ्ट में किसी एक स्रोत की पूर्ण उद्धृत पंक्तियाँ संक्षेप में समाहित नहीं की गईं; आवश्यकतानुसार उनके विचारों का समन्वय किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 69:36 समानांतर पद और संबंधित वचन

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