Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
गिनती 34:1 गिनती 34:2 गिनती 34:3 गिनती 34:4 गिनती 34:5 गिनती 34:6 गिनती 34:7 गिनती 34:8 गिनती 34:9 गिनती 34:10 गिनती 34:11 गिनती 34:12 गिनती 34:13 गिनती 34:14 गिनती 34:15 गिनती 34:16 गिनती 34:17 गिनती 34:18 गिनती 34:19 गिनती 34:20 गिनती 34:21 गिनती 34:22 गिनती 34:23 गिनती 34:24 गिनती 34:25 गिनती 34:26 गिनती 34:27 गिनती 34:28 गिनती 34:29
मतलब का संक्षेप
गिनती 34:10 में पूर्वी सीमा की शपथ-पुष्टि यह बताती है कि भू-सीमा के विनिर्देशों को how to define कर देना न्यायसंगत है; चारों ओर के क्षेत्रों के साथ सीमाओं का निर्धारण यह दर्शाता है कि प्रभु के निर्देशानुसार नए राज्यों की व्यवस्था कैसे स्थापित होगी।
सारभौमिक संदर्भ
यह अध्याय अरबात के मैदानों में इज़राइल के संग्रामोत्तर योजना द्वारा मोशन-निर्देशक सीमाओं की सूची देता है। विशुद्ध विषय शासक-विधान, उत्तर-सीमा और पूर्वी मापदंडों के साथ तटस्थता के साथ कानून-संरचना है। 34:10 विशेष रूप से पूर्वी सीमा के विस्तार के निर्देश को स्पष्ट करता है, जो कि हेसोरनान से शपाम तक फैली सीमा के अंतर्गत आती है।
व्याख्या के प्रमुख बिंदु
प्रमुख उद्धरण (संयोजनात्मक संदर्भ)
यह भाग हमारे लिए दो बड़े पुरानो टिप्पणीकारों की दृष्टिकोण का सम्मिश्रण प्रस्तुत करता है:
Matthew Henry: “The bounds of the land shall be drawn and kept according to the word of God; obedience to his appointment secures peace and order.”
Albert Barnes: “Division of the land by lot and boundary lines showed God’s orderly governance and his care for his people in settled homes.”
Adam Clarke: “The eastern boundary from Hazeron to Shapham marks a deliberate limitation, ensuring justice in possession and preventing encroachments.”
इनमें से ऊपर बताये गये शब्द सीधे उद्धरण नहीं हैं, बल्कि संकेतित सार हैं; यदि पाठक के पास वास्तविक उद्धरण उपलब्ध हों, तो तीव्रता से स्थानीय पाठ में देखें।
अन्य संबंधित आयतें और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
– संदर्भ 1: गिनती 26–27 में वंशानुक्रम और भू-भाग का बंटवारा कैसे किया गया, इसका क्रम है; वर्तमान अध्याय इसे आगे बढ़ता है।
– संदर्भ 2: व्यवस्थापन-न्याय की भूमिका जब सीमाओं की घोषणा होती है।
– संदर्भ 3: भू-स्वामित्व के सुरक्षा-चिन्ह, ताकि विभाजन के बाद भी समुदाय एकजुट रहे।
संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष
हर नए क्षेत्र की स्थापना और उसके सीमाओं की पुष्टि इस बात की याद दिलाती है कि ईश्वर के निर्देश के अनुसार व्यवस्था और सुरक्षा एक साथ चलती हैं। समुदाय के भीतर स्थिरता और भाईचारे के लिए स्पष्ट सीमाओं और न्यायपूर्ण वितरण आवश्यक है।