Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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गिनती 34:16—संक्षिप्त संदर्भ और प्रवेश
यह पद यहोवा द्वारा मूसा को दी गई सीमांकन की योजना का हिस्सा है। इजराइल के वंश-यात्रा के समय, विभाजन-निर्णय की प्रक्रिया में यह स्पष्ट किया गया कि कौन-सी जमीन कौन-से गोत्र को मिलेगी। यहाँ यहोवा स्पष्ट करता है कि कौन-सी आयतें वह दे रहा है और कौन-जिन लोगों के अधिकार क्षेत्र में वे भूमि होंगी। यह हमारे लिए परमेश्वर की योजना-निर्माण और इसमें मानव-योजनाओं के साथ उसकी नियंत्रण की याद दिलाता है।
केंद्रीय अर्थ
कुल मिलाकर verse 16 एक सूची है—परियोजना का एक भाग जिसमें प्रत्येक गोत्र के लिए भूमि-स्वीकृति तय होती है। यह बताता है कि बंदोबस्त के अनुसार हर परिवार को अपने क्षेत्र मिलना चाहिए, ताकि दायित्व,_PAGE और विरासत स्पष्ट रहे। यहोवा की व्यवस्था में वितरण का क्रम और न्याय-परक बंटवारा दिखता है—जो समुदाय के स्थायित्व और परमेश्वर के राज्य-यथार्थ के साथ जुड़ा है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबद्ध पदों के संदर्भ
यह भाग एक क्रमिक योजना का हिस्सा है जो कृषि-उत्पादन, विरासत-उत्तराधिकार और सीमा-निर्धारण से जुड़ा है। संबंधित क्रॉस-रेफरेंसेस:
नोट: ऊपर के क्रॉस-रेफरेंसेस में संक्षिप्त संदर्भ दिए गए हैं; पूर्ण पद-संदर्भ यदि चाहें तो उपलब्ध धार्मिक पाठ-टिप्पणियों से मिल सकता है।
व्यावहारिक विचार
हम आज भी यह सीख लेते हैं कि भगवान की व्यवस्था में वितरण और संसाधन कैसे निष्पक्ष होकर निर्धारित होते हैं। सामाजिक-न्याय और पारिवारिक विरासत के प्रति उत्तरदायित्व, समुदाय के स्थायित्व के लिए आवश्यक है। यदि हम अपने जीवन में जिम्मेदार भागीदारी और पारदर्शी निर्णय सुनिश्चित करें, तो जैसे पुराने नियम में गोत्र-आधारित बंटवारा स्पष्ट था, वैसे ही आज के समुदाय भी आपसी सम्मान, साझा जिम्मेदारी और नैतिक नियमों के द्वारा सुरक्षित रहते हैं।
संक्षिप्त समापन
गिनती 34:16 में यहोवा मूसा के पास एक स्पष्ट, व्यवस्थित योजना लेकर आता है: प्रत्येक गोत्र के लिए भूमि-स्वीकृति का निर्धारण। यह न केवल भौगोलिक बंटवारे की बात है, बल्कि यह यह दर्शाता है कि परमेश्वर हर परिवार की विरासत को संरक्षित करना चाहता है और समाज में न्याय-व्यवस्था को महत्त्व देता है।
कथा-परक उद्धरण (मंदिमेट)
सम्भव शब्द-संदेश: यहोवा के आदेश के अनुसार व्यवस्था बनती है; जो विरासत, सुरक्षा और समुदाय-न्याय को strengthening देता है।