Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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मुख्य अभिव्यक्ति: गिनती 34:26 में अज्जान के पुत्र पलतीएल का उल्लेख
गिनती 34:26 इस्साकारियों के गोत्र के प्रधान अज्जान के पुत्र पलतीएल का नाम बताता है, जो विभाजन-भूमि गिनती के क्रम में एक विस्तृत जनपद-गणना का हिस्सा है। यह पंक्ति गोत्रीय-योजना और परिवार-स्थिति की स्पष्ट जानकारी देती है, ताकि यहूदियों के वंश और उनके क्षेत्र स्पष्ट रूप से निर्धारित हों।
पाठ काLiterary Context (साहित्यिक संदर्भ)
उत्तरी व दक्षिणी प्रदेशों के सीमांकन के समय, प्रत्येक गोत्र के प्रमुख और उनके परिवारों के नाम सूचीबद्ध होते हैं। पलतीएल, अज्जान के पुत्र के रूप में, इस्साकर गोत्र के भीतर स्थिरता और वंश-परम्परा की पुष्टि करता है। इस तरह सूची, जनसंख्या वितरण के साथ-साथ धार्मिक-परिवारिक अधिकारों के निर्धारण में भी भूमिका निभाती है।
theological significance (धार्मिक महत्व)
यहोवा के नियमों के अनुसार कुटुम्ब-गोत्र और उनके उत्तराधिकार का स्पष्ट क्रम रखना समुदाय के लिए आवश्यक था ताकि विभाजन-भूमि के समय दायित्व और विरासती अधिकार ठीक-ठीक निर्धारित हो सकें। पलतीएल का नाम सीधे-सीधे गोत्रीय संरचना को मजबूत करता है और यह दर्शाता है कि प्रत्येक सदस्य का स्थान, कर्तव्य और जिम्मेदारी कैसे चिह्नित होता है।
Cross-Connections (अनुबंध-स्तर पर अन्य शास्त्रगत संबंध)
इन संदर्भों से पाठक समझते हैं कि संयुक्तपाठ में गोत्रीय नामक खुदरा विवरण किस प्रकार धारणा-निर्भर व्यवस्था का हिस्सा है और यह चेतावनी देता है कि परमेश्वर की व्यवस्था कैसे समुदाय-जीवन को संरचित करती है।
Question for reflection (वाचनार्थ-प्रश्न)
Concluding insight (संक्षिप्त निष्कर्ष)
पलतीएल का उल्लेख एक छोटे से नाम से अधिक है—यह गोत्रीय संरचना की विश्वसनीयता और विरासत के व्यवस्थित संरक्षण की स्मारक-सी संकेतक है। यह कथा याद दिलाती है कि परमेश्वर अपने लोगों के घर-बार, क्षेत्र और कर्तव्य को क्रमबद्ध तरीके से बाँटता है, ताकि एक सुव्यवस्थित समाज और धार्मिक जीवन बन सके।
पूर्व-प्रस्तावित उद्धरणों मेंMatthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के स्पष्ट वाक्यों से आवश्यक संकेत मिले हैं, परन्तु यहाँ मैंने उनके विचारों को मौलिक रूप से समाहित किया है ताकि पाठक एक सम्मिलित और सरल व्याख्या पाएँ।
शास्त्रीय उद्धरण (संक्षेप में)
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke जैसे टिप्पणीकारों के विचारों की विशिष्ट पंक्तियाँ यहाँ संक्षेप में शामिल कर दी गई हैं जब वे उपलब्ध हों, परन्तु पूर्ण ग्रंथ-स्रोत से उद्धृत नहीं किया गया है।