Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
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गिनती 5:20 — एक दायित्व और सीमा निर्धारण की बन्धन-सीमा
पर यदि तू अपने पति को छोड़ दूसरे की ओर फिरके अशुद्ध हुई हो, और तेरे पति को छोड़ किसी दूसरे पुरुष ने तुझसे प्रसंग किया हो,
पंक्ति का तत्काल संदर्भ और संदर्भ-स्थिति
यह वाक्य गिनती के व्यावहारिक कानूनों के एक हिस्से के भीतर है जहां परमेश्वर विवाह-प्रतिबद्धता और विवाह-चरित्र पर स्पष्ट मानक स्थापित करते हैं। इधर-उधर के सामाजिक अर्थों में न जाने दें—यह परमेश्वर द्वारा दुष्कर्म और अशुद्धता के सामाजिक-नैतिक प्रभावों की सीमा तय करने का वक्त है। अगर कोई पत्नी अन्य पुरुष से सम्बन्ध बनाती है, तो यह विवाह के भीतर एक गंभीर उल्लंघन माना गया है और परिवार-जीवन की पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह पैदा करता है।
ईश्वर के विचार और विश्वास के बारे में पाठ का संकेत
यह शास्त्र परमेश्वर की आदर्श योजना की सुरक्षा के बारे में है। विवाह धर्म-संस्थाओं की पवित्रता का प्रतीक है, और निष्ठा में कमी सामाजिक और धार्मिक बहस से परे आकर परिवार की आत्मा को चोट पहुँचाती है। जैसा कि अन्य कानूनों में भी दिखता है, परमेश्वर नैतिक स्पष्टता देना चाहते हैं ताकि जीवन-सम्बन्ध निश्चय और भरोसे पर टिके रहें।
प्रमुख शब्दावली और आभूति चित्रण
- अशुद्ध हुई हो: यहाँ “अशुद्ध” से आशय विवाह-प्रतिश्रुति के उल्लंघन से है, जो पवित्रता और विश्वास के चिह्नों को तोड़ता है।
अन्य संबद्ध पाठ
- व्यवस्थागत संदर्भ: विवाह-प्रतिबद्धता, निष्काम-धर्म और पति-पत्नी के बंधन के नियमों से जुड़ी अन्य धाराओं में भी स्पष्ट निर्देश मिलते हैं कि कैसे परिवार समाज में नैतिक मानदंड बनाए रखें।
- बाइबल के अन्य हिस्सों में पति-पत्नी के संबंध की पवित्रता की याद दिलाने वाले अध्याय: विवाह की पवित्रता, विश्वास और विश्वासघात के परिणामों पर विचार।
जीवन-आयाम में आज के लिए अनुप्रयोग
1) पारस्परिक निष्ठा बनाए रखना: विवाह-बन्धन में ईमानदारी और सम्मान सबसे ऊपर हो।
2) संघर्षों में उत्तरदायित्व: यदि वैवाहिक तनाव या रिश्तों में संकट आए, तो चुप्पी की जगह ईमानदार संवाद और समुदाय-समर्थन खोजें।
3) समुदाय-समझ: सामाजिक दायरे में एक-दूसरे की नैतिक जिम्मेदारी समझना और परिवार को सुरक्षित रखें।
पि़सला-आधारित उद्धरण (शास्त्रीय टिप्पणी-धरोहर)
Matthew Henry के अनुसार, यह नियम विवाह-विश्वास के संरक्षण के लिए है और पवित्रता के दायरे में रहने की आवश्यकता को दर्शाता है। Albert Barnes का विचार है कि इसका उद्देश्य पत्नियों—या परिवारों—की नैतिक सुरक्षा और समाज के आचार-नीति को संरक्षित करना है। Adam Clarke इस बात पर बल देते हैं कि मानव सम्बन्धों में विश्वासघात सामाजिक-धर्म के प्रति गंभीर परिणामों के साथ जुड़ा है।
Cross-references (संक्षिप्त):
- समान प्रकार के विवाह-विश्वास के नियम: विवाह-प्रतिबद्धता की पंरपरा पर विचार।
- परिवार-नैतिकता: विवाह-परिवार में ईमानदारी और सामाजिक भूमिका की चर्चा।
- नैतिक-न्याय: नैतिक दायित्व और दायित्व-निष्ठा के कारण सामाजिक संरचना बनती है।
नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के संक्षिप्त, स्पष्ट विचार उद्धृत या उल्लेखित हैं, ताकि एक संतुलित और पवित्र-उद्देश्यीय व्याख्या प्रस्तुत हो सके।