Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
गिनती 5:1 गिनती 5:2 गिनती 5:3 गिनती 5:4 गिनती 5:5 गिनती 5:6 गिनती 5:7 गिनती 5:8 गिनती 5:9 गिनती 5:10 गिनती 5:11 गिनती 5:12 गिनती 5:13 गिनती 5:14 गिनती 5:15 गिनती 5:16 गिनती 5:17 गिनती 5:18 गिनती 5:19 गिनती 5:20 गिनती 5:21 गिनती 5:22 गिनती 5:23 गिनती 5:24 गिनती 5:25 गिनती 5:26 गिनती 5:27 गिनती 5:28 गिनती 5:29 गिनती 5:30 गिनती 5:31



गिनती 5:13 पर हिंदी टीका (HINIRV)
पवित्र-वचन में यह वाक्य एक विशिष्ट सामाजिक-धार्मिक परिदृश्य को स्पष्ट करता है: यदि पति के साथ किसी पुरुष के कुकर्म की चर्चा छिपी रहे और केवल ब्रह्म-निष्ठा के अनुसार स्थिति अशुद्धि के रूप में मानी जाए, परन्तु वह व्यभिचार के आरोप में साक्षी-गवाही से परे रहे या पकड़ी न गई हो, तो उसका परिणाम क्या होता है। यह आयत व्यवहारिक नैतिकता और धार्मिक कानून के बीच संतुलन की चुनौती को सामने लाती है: दोष-सिद्धि के बिना भी अशुद्धि की स्थिति बनी रहती है।
पाठ का एकीकृत अवलोकन
यह भाग परमेश्वर के कानून-प्रणाली के अंतर्गत महिलाओं के लिए जिम्मेदारियों, स्वच्छता-व्रत, और विवाह-निष्ठा के नियमों की स्थापना करता है। यहाँ यह स्पष्ट किया गया है कि घरेलू-नैतिकता निजी दोष-प्रयासों से जुड़ी है, परन्तु साक्षी-गवाही की अनुपस्थिति उसे दंडित नहीं करती—इसके पीछे यह विचार है कि समाज की निगहबानी और प्रमाणिकता का मानक कितना सख्त और पारदर्शी होना चाहिए।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
1) स्व-नैतिकता और पारदर्शिता: विवाहित जीवन में निष्ठा और स्पष्टता का सम्मान अनिवार्य है। भलाई की दृष्टि से, व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, खासकर जब मामला विवाह-विश्वास से जुड़ा हो।
2) प्रमाणและ चिकित्सा-चिकित्सा: चूंकि यहाँ साक्ष्य की कमी है, इसलिए निष्कर्ष निकालना कठिन है। यह आयत एक नियम स्थापित करती है कि आरोप-प्रचलन के बिना भी अशुद्धि संभव है, जो कानून-न्याय की संवेदनशीलता पर जोर देता है।
3) दायित्व और दया: कानून कड़े हो सकते हैं, परन्तु परमेश्वर की इच्छा समाज को दया और सत्य के बीच संतुलन बनाने का अवसर भी देता है।
अनुरूप तुलना और क्रॉस-रेफरेंस
उपर्युक्त क्रॉस-रेफरेंस इस बात पर संकेत करते हैं कि आयत से जुड़ी कठिनाई, प्रमाण-आश्रित निष्कर्ष और विवाह-निष्ठा की पवित्रता कितनी गहराई से जुड़ी है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
संक्षिप्त सार
गिनती 5:13 में एक विवाह-संबंधी नैतिक परिस्थिति स्पष्ट होती है: अगर कुकर्म का अपराध किसी पुरुष के साथ हुआ और वह पति को पता न चले, तथा कोई साक्षी उपलब्ध न हो, फिर भी स्थिति अशुद्धि मानी जाती है। यह आयत न्याय के प्रमाण और निजी नैतिकता के बीच संतुलन समझाने की कोशिश करती है—जहाँ सत्य, पारदर्शिता, और दायित्व को एक साथ रखना आवश्यक है।
संदर्भ-नोट: दो प्रमुख चर्चित道人ों के विचार संक्षेप में यह अभिमत देते हैं कि दोष-भेद के बिना भी purification क्यों आवश्यक है, और विवाह-स्थापना के लिए नैतिक दायित्व किस तरह बनाए रखना चाहिए।