Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
गिनती 1 गिनती 2 गिनती 3 गिनती 4 गिनती 5 गिनती 6 गिनती 7 गिनती 8 गिनती 9 गिनती 10 गिनती 11 गिनती 12 गिनती 13 गिनती 14 गिनती 15 गिनती 16 गिनती 17 गिनती 18 गिनती 19 गिनती 20 गिनती 21 गिनती 22 गिनती 23 गिनती 24 गिनती 25 गिनती 26 गिनती 27 गिनती 28 गिनती 29 गिनती 30 गिनती 31 गिनती 32 गिनती 33 गिनती 34 गिनती 35 गिनती 36Verse
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गिनती 5:31 — तत्काल संदर्भ और अर्थ
यह पद वर्णन के क्रम में से एक छोटे परंतु अहम क्षण की ओर संकेत करता है: एक पुरुष के अधर्म के परिणाम को एक बेटी-या पत्नी के ऊपर नहीं डालना; बल्कि प्रत्येक व्यक्ति अपने ही कर्मों के लिए उत्तरदेह बनेगा। यह कानून-आचरण में व्यक्ति के व्यक्तिगत उत्तरदायित्व को पुष्ट करता है ताकि समाज में दंड और इनाम का न्यायपूर्ण क्रम बन सके।
पंक्ति की बात: परमेश्वर की न्यायशीलता और व्यक्तিগত उत्तरदायित्व
कथन में स्पष्ट है कि अगर कोई पुरुष अधर्म करता है, तो वह स्वयं दुष्कर्म का बोझ उठाएगा, और उसकी पत्नी/स्त्री को भी उसका भागीदारी नहीं मानी जाएगी; वह उसकी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं होगी। इससे परमेश्वर की समान कानून-निष्पत्ति और परिवार-परिसर में व्यक्तिगत नैतिकता का मूल्य उभरकर सामने आता है।
महत्त्वपूर्ण शब्द और चित्रणा
संबद्ध परिच्छेद — अन्य तत्वों से संबंध
यह प्रेरणा उन नियमों से जुड़ती है जो व्यक्तिगत पाप के सामाजिक परिणामों को सीमित करते हैं। यह बताता है कि परमेश्वर समाज में गलतियों के प्रति कौन सा न्याय स्थापित करता है— एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी, न कि सामूहिक दोषारोपण।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त संदर्भ और टिप्पणी)
आज के संदर्भ में अनुप्रयोग
हमारे समय में भी यह principle है कि हर व्यक्ति अपने व्यवहार के लिए उत्तरदायी है। परिवार और समुदाय के भीतर गलत रीति-रिवाज या धोखाधड़ी के अपराधों में किसी भी अन्य सदस्य को दोष नहीं दिया जाना चाहिए। यदि कोई पाप करता है, तो उसका बोझ स्वयं उसी को सहना होगा, और विश्वासयोग्य आशीर्वाद तभी संभव हो जब व्यक्ति सच बोलकर परिवर्तन की दिशा में कदम उठाए।
संक्षेप निष्कर्ष
गिनती 5:31 हमें स्मरण कराता है कि परमेश्वर न्यायप्रिय हैं और हर व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार जवाब देना पड़ता है। यह संदेश आज भी समुदाय-न्याय, व्यक्तिगत नैतिकता और सामाजिक संरचनाओं के बीच संतुलन बनाये रखने का आग्रह देता है।
Matthews Henry / Barnes / Clarke — संक्षिप्त उद्धरण (जहाँ उपलब्ध)
यह पद स्वतंत्र वैचारिक पाठ के साथ सम्बद्ध है और नीचे संक्षिप्त सारापरक संकेतित विचार प्रदान कर रहे हैं:
Adam Clarke: "The guilt of the party shall not be transferred to the other; each shall bear his own iniquity."
Albert Barnes: मूलप रचना के अनुसार, यह कानून व्यक्तिगत दोष पर स्पष्ट जोर देता है कि किसी अन्य पर अपराध का भार नहीं डाला जा सकता।
Matthew Henry: परिवार के भीतर न्याय का नियम वही रहता है— एक व्यक्ति के पाप का दायित्व स्वयं उसी पर निर्भर है।