Old Testament
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प्रकाशितवाक्य 5:9 का अर्थ
इस पवित्र गीत का केंद्रकथन यह है कि पश्चाताप और विश्वास से प्राप्त लोग परमेश्वर के लिये मूल्यवान हैं; वे वध करके हमारे लिये लहू चढ़ाने वाले मसीह के प्रायश्चित द्वारा एक नया समुदाय बनाते हैं, जिसे हर जाति-भाषा-जन-वंश के लोग मिलकर धन्यवाद गाते हैं। यह पद गवाही देता है कि उद्धार उस अनंत योजना का हिस्सा है जिसमें प्रभु ने सारी दुनिया को एक प्रतिनिधि समुदाय के रूप में पाला है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
प्रकाशितवाक्य का यह भाग ईश्वर के throne के पास के भव्य चरण की तस्वीर है, जहाँ निवृत्ति-पूजन के गीत गाए जाते हैं। 5 अध्याय में एक पुस्त के सिंहासन के पास के दृश्य से यह स्पष्ट होता है कि यीशु मसीह के वध से पृथ्वी-युग के सभी वंश, भाषा और जातियाँ एकत्र होकर परमेश्वर के लिये एक नया गीत गाते हैं। यह उद्धार की बहुवर्षीय योजना का निहित भाग है—जात-पात से ऊपर उठकर लोगों का एक संतोषजनक समुदाय बनना।
interpretive observations
2-3 क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में व्याख्या)
• योहान्न 1:29— यीशु क्रूस पर का बलिदान संसार के पापों को हटाने वाला है; यह उद्धार की आधारशिला है। • गलातियों 3:28— सभी में एक ही प्रभु, एक विश्वास, एक बप्तिस्मा; विविधता के बीच एकात्मता का सिद्धांत। • रोम 10:12— न कोई फर्क जाति-भाषा-वंश के आधार पर, सबके लिये प्रभु यीशु मसीह में नया जीवन संभव है।
धर्मशास्त्रीयों के संक्षिप्त संकेत
हेनरी, बर्न्स और क्लार्क के शब्दों से जो संदेश मिलता है वह यह कि यह गान एक सार्थक उद्धारक्रम का प्रभाव है जिसमें मसीह के बलिदान से आने वाली बहुलता एकता में बदलती है।
यहाँ अगर छोटे उद्धरण दिये जाएँ तो: "तूने वध होकर अपने लहू से"—ऐसी पंक्ति स्पष्ट करती है कि उद्धार का केन्द्र मानवीय पाप की कीमत चुकाने वाला प्रभु है।
छोटी विषय-सूची
Practical takeaway
हम सभी को यह स्मरण रहे: ईश्वर के उद्देश्य में हमारे विभेद अस्थायी हैं; चर्च और दण्ड द्वारा नहीं, बल्कि मसीह के लहू द्वारा एक समान पुत्र-पत्र बनते हैं। अपने जीवन में आप इस नई-उद्धार समुदाय की सदस्यता की भागीदारी कैसे दिखाते हैं—सेवा, प्रेम, और एकता के छोटे-छोटे कदमों से?
संदर्भ-संग्रह
उद्धार के विश्वव्यापी दायरे पर दृष्टि डालते हुए यह पाठ पक्का कराता है कि मसीह की मृत्यु से चयनित हर प्रकार के लोग परमेश्वर के लिये पंजीकृत हैं। नीचे दिए गए संदर्भ पाठ इस विचार को समृद्ध बनाते हैं:
योहान्न 1:29; गलातियों 3:28; रोम 10:12 — इन verses से उद्धार-योजना की सार्वभौमिकता स्पष्ट होती है।