प्रकाशितवाक्य 5:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

फिर मैंने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब रची हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उनमें हैं, यह कहते सुना, “जो सिंहासन पर बैठा है, उसकी, और मेम्‍ने की स्तुति, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे।”

प्रकाशितवाक्य 5:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

प्रकाशितवाक्य 5:13 पर टिप्पणी (हिनिर्व)

यह-वाक्य दृश्य-परिचय का पूर्ण समापन है। स्वर्गीय सिंहासन पर बैठा भगवान के राजा के चारों ओर देव-समुदाय और हर सृष्टि की सृजनात्मक वस्तुएं एक स्वर से उसकी महिमा, स्तुति और अधिकार की गवाही देती हैं। इस अध्याय में खोली गई उत्सव-कीर्तनें पृथ्वी-आकाश के सभी शक्तिशाली और निर्बल जनों के लिए प्रभु के पूर्ण अधिपत्य को उद्घोषित करती हैं।

मुख्य अर्थ

वह मलिक जो सिंहासन पर बैठा है, उसकी महिमा, सम्मान, महिमा और राज पन्नों में एक पूर्ण, सार्वभौमिक स्वीकारोक्ति के साथ प्रकट होती है। स्वर्ग, पृथ्वी, और समुद्र—यानी समस्त सृजन—उसकी महिमा की गवाही दे रहे हैं। यह उद्घोषणा युग-युग तक के प्रभुत्व की ध्वनियों को एक साथ मिलाकर कहती है कि ईश्वर का शासन अनंत और अपरिवर्तित है।

मुख्य विषय

  • —सिंहासन वाला परमेश्वर समस्त ब्रह्मांड का अधिपति है; सभी ब्रह्मांड उस की महिमा को स्वीकारते हैं।
  • —स्तुति, आदर, महिमा और राज्य अनंत काल तक बना रहे। यह चर्या ब्रह्मांड के हर क्षण में जारी रहती है।
  • —स्वर्ग, पृथ्वी, समुद्र और उनकी सभी रचित वस्तुएँ एक स्वर में भक्तिगान में सम्मिलित होती हैं; यह एक ऐसी जागरूकता है जो हर निर्जीव और जीवंत को परे से जोड़ती है कि प्रभु का प्रभुत्व सब पर है।

नज़दीकी क्रॉस-रेफरेंस

- यशाय 6:3 में स्वर्गीय परंपरा से कहा गया है: “क्योंकि उसकी महिमा भरपूर है; पृथ्वी उसका ज्ञान गाती है।” यह दिखाता है कि दया-गायन और महिमा का अनुभव कहाँ से शुरू होता है।
- रोम 11:36 बताता है कि सब कुछ उसी के द्वारा, उसी के लिये और उसी में है; pagination, समय-स्थिति से ऊपर उठकर परमेश्वर का एकत्वपूर्ण शासन उजागर होता है।
- फिलिप्पि 2:9–11 में यीशु के नम्रता से exaltation की कथा है जो पूरे ब्रह्मांड में भगवान की महिमा कैसे प्रकट होती है, उसका दिव्य नमूना है।

व्यावहारिक विचार

हमारा जीवन भी उसी महिमा के अनुरूप ढाला जाए: evangelical worship, दिमाग और हृदय में प्रभु के स्पष्ट शासन को मानना; कठिन परिस्थितियों में भी “युगानुयुग” की दृष्टि रखना कि ईश्वर का योजनात्मक राज्य कभी टलता नहीं। दूसरों के साथ सम्मान और करुणा के साथ व्यवहार करें, क्योंकि सभी सृजित वस्तुएं उसकी स्तुति के लिए बनाए गये हैं।

संक्षिप्त निष्कर्ष

गीत-युग की यह घोषणा एक सार्वभौमिक, अंतहीन राज-ख़बर है: सिंहासन पर बैठा वही प्रभु है, जिसकी स्तुति सृष्टि के हर अंश में गूंजती है और जिसका राज्य कभी समाप्त नहीं होता।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

प्रकाशितवाक्य 5:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

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कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें*,

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1 इतिहास 29:11 (HINIRV) »
हे यहोवा! महिमा, पराक्रम, शोभा, सामर्थ्य और वैभव, तेरा ही है; क्योंकि आकाश और पृथ्वी में जो कुछ है, वह तेरा ही है; हे यहोवा! राज्य तेरा है, और तू सभी के ऊपर मुख्य और महान ठहरा है। (प्रका. 5:12-13)

रोमियों 11:36 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
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क्योंकि उसकी ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उसकी महिमा युगानुयुग होती रहे। आमीन।

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