Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:18 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा निकम्मा चाल-चलन जो पूर्वजों से चला आता है उससे तुम्हारा छुटकारा चाँदी-सोने अर्थात् नाशवान वस्तुओं के द्वारा नहीं हुआ, (भज. 49:7-8, गला. 1:4, यशा. 52:3)
1 पतरस 1:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 1:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 6:20 (HINIRV) »
क्योंकि दाम देकर मोल लिये गए हो, इसलिए अपनी देह के द्वारा परमेश्वर की महिमा करो।

तीतुस 2:14 (HINIRV) »
जिस ने अपने आप को हमारे लिये दे दिया, कि हमें हर प्रकार के अधर्म से छुड़ा ले, और शुद्ध करके अपने लिये एक ऐसी जाति बना ले जो भले-भले कामों में सरगर्म हो। (निर्ग. 19:5, व्य. 4:20, व्य. 7:6, व्य. 14:2, भज. 72:14, भज. 130:8, यहे. 37:23)

मुख्य टिप्पणी: निकम्मे चाल-चलन से उद्धार—खरीदी गई स्वतंत्रता
1 पतरस 1:18 में प्रेरित पतरस हमें याद दिलाते हैं कि हमारी मुक्ति ऐसी चीज़ों से नहीं हुइ है जो अस्थाई और मिट्टी की कीमत पर मिल सकती है। परमेश्वर ने चाँदी-सोने से नहीं, बल्कि उसकी पवित्र रूह और पवित्र योजना के अनुसार हमारे उद्धार को प्राप्त कराया है। इस वचन से यह स्पष्ट होता है कि ईश्वर की मुक्ति एक दैवीय उपहार है, शास्त्र-संदेश के अनुरूप, जिसे किसी मनुष्यों के हाथ की कमाई से नहीं जोड़ा जा सकता।
पाठ-संदर्भ का साहित्यिक संदर्भ
पद के भाष्य में “तुम जानते हो” कह कर पाठक को उन अनुभवों की स्मृति दिलाई जाती है जो पहले से स्थापित हैं—अर्थात उस निकम्मे चाल-चलन से छुटकारा जो परंपरा-जनित है। यह उद्धार नाशवान पदार्थों के द्वारा नहीं हुआ, बल्कि ईश्वर के स्थायी और पवित्र उद्धार के द्वारा हुआ। भज. 49:7-8 और अन्य उद्धरण पुराने नियम के प्रभावी अर्थ को प्रकाशित करते हैं: धन से छुटकारे की परिभाषा एक क्षणिक और अस्थिर मूल्य है, जबकि उद्धार एक चिरस्थायी पहचान है।
धर्मशास्त्रीय महत्त्व
ग्रंथ-परस्पर संबंध
संरचना के अनुसार यह संदेश अन्य जगहों में भी धन-चाल के बारें में है। जेनेरिक शब्दों से नहीं, बल्कि ईश्वर के आत्मा के द्वारा पुर्नजीवन मिलने की योजना स्पष्ट होती है।
1) गला. 1:4—ईसा मसीह के बलिदान के द्वारा मुक्ति का संदेश; 2) यशा. 52:3—समयानुसार दया का उद्घोष; 3) भज. 49:7-8—धन से मुक्ति की सीमाएँ। इन संदर्भों से दिखता है कि उद्धार एक पूर्ण और चिरस्थायी घटना है, जो धन के साथ नहीं खरीदी जा सकती।
विचार-विमर्श के प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पद हमें बताता है कि हमारा उद्धार एक अचल, ईश्वर-निर्दिष्ट चूँकि है—न कि मानव-निर्भर मूल्य पर। भज, गला, और यशा के संदर्भों के साथ यह स्पष्ट होता है कि प्रभु की ममता और उसकी पवित्र योजना हमारे जीवन का अस्थाई चंगुल नहीं, बल्कि आशीषों की स्थिर सुरक्षा है।
2-3跨-ग्रंथ संदर्भ (संক্ষिप्त) और उनके अर्थ
यह पाठ हमारे जीवन में मूल्य-चेतना को मिटाकर, परमेश्वर की कृपा-उद्धार की वास्तविकता को केंद्र बनाता है।