Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:14 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और आज्ञाकारी बालकों के समान अपनी अज्ञानता के समय की पुरानी अभिलाषाओं के सदृश न बनो।
1 पतरस 1:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 1:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

रोमियों 12:2 (HINIRV) »
और इस संसार के सदृश न बनो*; परन्तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिससे तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्छा अनुभव से मालूम करते रहो।

1 पतरस 4:2 (HINIRV) »
ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं वरन् परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो।

तीतुस 3:3 (HINIRV) »
क्योंकि हम भी पहले, निर्बुद्धि और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और विभिन्न प्रकार की अभिलाषाओं और सुख-विलास के दासत्व में थे, और बैर-भाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।
पार्थिबोध: 1 पतरस 1:14 का पाठक-मैत्रीपूर्ण विवेचन
यह वचन नए समझौते के प्रकाश में ईमानदार संवेदनाओं के बारे में मार्गदर्शन देता है। यहाँ प्रेरित पतरस अनेकों विश्वासियों को पुकारते हैं कि वे अपने आयुध-पूर्वक जीवन को बदलें: अज्ञानता के समय की पुरानी इच्छाओं से दूर चलें और आज्ञाकारी जीवन अपनाएं। यह संयम और पवित्रता का अभ्यास है, न कि नियमों की कठोरता; यह प्रेम-आधारित परिवर्तन है जो परमेश्वर के साथ नज़दीकी रिश्ते को मजबूत करता है।
पद का विवरण औरchapter-व्याख्या
पद 14 में लिखा है: “और आज्ञाकारी बालकों के समान अपनी अज्ञानता के समय की पुरानी अभिलाषाओं के सदृश न बनो।” इस उद्धरण में प्रेरित पतरस न सिर्फ आचरण की दिशा देते हैं, बल्कि आंतरिक परिवर्तन की आवश्यकता भी बताते हैं। “आज्ञाकारी बालक” शब्द एक स्पष्ट अनुशासन का संकेत है: पुत्र-सा उत्तरदायित्व, विश्वासयोग्यता, और पिता के निर्देशों की मान्यता। अज्ञानता के समय की पुरानी इच्छाओं से मतलब उन आदतों, सोच-समझ, और व्यवहार से है जो ईश्वर के राज्य के बाहर प्रशिक्षित हुए थे।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अन्य बाइबल उद्धरणों से सम्बन्ध
यह विचार 1 पतरस के पूरे प्रेषित संदेश में धारण है कि नया जन्म और पवित्र जीवन का आह्वान कैसे पुराने मनोभावों को मिटाकर परमेश्वर के प्रति समर्पण को बढ़ाता है। उदाहरणार्थ: - रोमियों 12:2 में कहा गया है कि हमें इस संसार के ढांचे के अनुसार नहीं ढलना, बल्कि मन renewing के द्वारा परिवर्तन होना चाहिए। - इब्रानियों 12:14 बताता है कि पवित्रता से जीना परमेश्वर के सामने सबके लिए योग्य है।
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि आचरण का परिवर्तन केवल नैतिक उपाय नहीं, बल्कि नई पहचान के अनुसार जीवन बिताने की प्रेरणा है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- हर दिन की सोच-व्यवहार में निर्णय लें कि क्या यह कदम आपके विश्वास को मजबूत करता है या पुराने अहंकार को पुनर्जीवित करता है।
- ईश्वर के वचन को अपना पथ-निर्देशक बनाएं; छोटी-छोटी सूचनाओं पर भी व्यवस्था और चरित्र बनाएं।
- परिवार, मित्रों, और समाज के साथ व्यवहार में प्रेम, नमrता औरर्द्धन-शांति को मापदण्ड बनाएं ताकि जीवन की निरंतरता में परिवर्तन स्पष्ट हो।
Cross- संदर्भ संक्षेप
1) रोमियों 12:2 — संसार की धारणाओं से प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि परिवर्तन द्वारा दृष्टिकोण परिवर्तन। यह पद 1 पतरस 1:14 के पाठ को व्यावहारिक दायरे में लाता है।
2) इब्रानियों 12:14 — पवित्र जीवन की माँग, जिससे विश्वासियों का हर कदम परमेश्वर के समीप आता है।
3) यूहन्ना 3:3 — नया जन्म मन में परिवर्तन की शुरुात है, जो आज्ञाकारी होने की संवेदना को गहराता है।
संक्षेप सार
1 पतरस 1:14 अस्थायित्व से स्थिरता की ओरLogical परिवर्तन का आह्वान है। यह न केवल आचरण की सतह पर, बल्कि मन के मूल ढांचे पर कार्य करता है—एक अधिक-आध्यात्मिक, अधिक अनुरक्त जीवन जो पिता परमेश्वर के साथ गहरे रिश्ते को दर्शाता है। आज्ञाकारी बालकों के समान व्यवहार की प्रेरणा यहां एक प्रेम-आधारित बुलाहट के रूप में है, ताकि हम अतीत की पुरानी अभिलाषाओं से विमुक्त होकर नई yaşam में प्रवेश करें।
टिप्पणी Note: इस पंक्ति का संक्षिप्त उद्धरण Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचार-समूह से प्रेरित है; यदि किसी कथन की सटीक पंक्तियाँ उपलब्ध हों, उन्हें विवेचना में उद्धृत किया गया है।