Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:20 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
मसीह को जगत की सृष्टि से पहले चुना गया था, पर अब इस अन्तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ।
1 पतरस 1:20 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 1:20 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इफिसियों 1:4 (HINIRV) »
जैसा उसने हमें जगत की उत्पत्ति से पहले उसमें चुन लिया कि हम उसकी दृष्टि में पवित्र और निर्दोष हों।

2 तीमुथियुस 1:9 (HINIRV) »
जिस ने हमारा उद्धार किया, और पवित्र बुलाहट से बुलाया, और यह हमारे कामों के अनुसार नहीं; पर अपनी मनसा और उस अनुग्रह के अनुसार है; जो मसीह यीशु में अनादि काल से हम पर हुआ है।

इब्रानियों 9:26 (HINIRV) »
नहीं तो जगत की उत्पत्ति से लेकर उसको बार-बार दुःख उठाना पड़ता; पर अब युग के अन्त में वह एक बार प्रगट हुआ है, ताकि अपने ही बलिदान के द्वारा पाप को दूर कर दे।
1 पतरस 1:20 — यह उद्धार का पूर्व नियोजन और प्रभु मसीह का प्रगट होना
यह पद हमें यह याद दिलाता है कि मसीह यीशु का उद्धार क्रम पहले से परमेश्वर की योजना में था, और उसकी उपस्थिति इतिहास के अंतर्गत एक उत्तरोत्तर घटनाचक्र के रूप में प्रकट हुई है। यह युग-विशिष्ट संदर्भ देता है कि किस प्रकार परमेश्वर के कार्य समय के अनुसार सामने आए और कैसे विश्व के स्वभाविक घटनाक्रमों में ईश्वर की परम योजना स्पष्ट होती है।
मूल संदर्भ पर एक नज़र
पत्रस में यह पाठ एक ऐसी कथा का भाग है जहाँ शिष्यों को भविष्य की कठिनाइयों के बीच स्थिर रहने की प्रेरणा दी जाती है। “मसीह को जगत की सृष्टि से पहले चुना गया था, पर अब इस अन्तिम युग में तुम्हारे लिये प्रगट हुआ” कहना कहता है कि उद्धारकर्ता का कार्य शून्य से नहीं शुरू हुआ; यह ईश्वर की दीर्घकालिक योजना का culminate था, जिसे समय के साथ प्रकट किया गया। पतरस न annotates कि यीशु की प्रत्यक्ष उपस्थिति और क्रूस-निर्वाण से पहले भी इस योजना की पुष्टि थी, ताकि विश्वासियों को गहराई से विश्वास हो कि उनके उद्धार का आधार स्थिर और अटल है।
मुख्य संदेश
1) पूर्व-चुना गया होना: मसीह के चयन की बात बताती है कि परमेश्वर की भूमिका मानव इतिहास से पहले से तय थी। यह सुरक्षा का संदेश देता है कि ईश्वर के निमित्त हमारा प्रवेश विश्वासी जीवन के लिए एक उत्तरदायित्व बनता है।
2) अन्तिम युग में प्रगट होना: यीशु का इस युग में आना यह दर्शाता है कि ईश्वर के समय सारिणी में हर कदम एक उद्देश्य के साथ होता है—विश्वासियों को भक्ति, पवित्र जीवन और उम्मीद के साथ जीना सिखाने के लिए।
बाइबल थीमैटिक सपोर्ट
विश्वास की सुरक्षा: जैसे अन्य ठोस उद्धरणों में कहा गया है कि प्रभु के चयनों पर निर्भर रहने से हमारे प्रभुवास का भरोसा बना रहता है (उद्धार के पूर्व-निर्धारण के विचार से संबंधित अन्य बाइबिल संदर्भ देखें)।
क्रॉस-रेफरंसेस (संक्षेप)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर की जिन्दगी-योजना समय से परे है और मसीह के आने के साथ इस योजना ने आकार पाया।
व्यावहारिक देवotional फोकस
आज के विश्वासी के लिए यह verse प्रेरित करता है कि: भले ही जीवन में परिवर्तन और चुनौतियाँ आयें, ईश्वर की योजना निरंतर रहती है। क्या आप अपनी दिशा और दिनचर्या को इस भरोसे के साथ जीते हैं कि प्रभु ने पहले से अपने उद्धार का रास्ता निश्चित किया है?idhi
संक्षिप्त निष्कर्ष
पूर्व-चयन और प्रगट होकर नहीं, बल्कि आज के समय में भी प्रभु की कृपा और सुरक्षा हमारे साथ है। हमारी जवाबदेही है कि हम विश्वास के पथ पर दृढ़ बने रहें, क्योंकि यह योजना पहले से निर्धारित थी और अब भी चल रही है।