Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:13 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस कारण अपनी-अपनी बुद्धि की कमर बाँधकर, और सचेत रहकर उस अनुग्रह की पूरी आशा रखो, जो यीशु मसीह के प्रगट होने के समय तुम्हें मिलनेवाला है।
1 पतरस 1:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 1:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 पतरस 5:8 (HINIRV) »
सचेत हो*, और जागते रहो, क्योंकि तुम्हारा विरोधी शैतान गर्जनेवाले सिंह के समान इस खोज में रहता है, कि किसको फाड़ खाए।

लूका 12:35 (HINIRV) »
“तुम्हारी कमर बंधी रहें, और तुम्हारे दीये जलते रहें। (निर्ग. 12:11, 2 राजा. 4:29, इफि. 6:14, मत्ती 5:16)

इब्रानियों 9:28 (HINIRV) »
वैसे ही मसीह भी बहुतों के पापों को उठा लेने के लिये एक बार बलिदान हुआ और जो लोग उसकी प्रतीक्षा करते हैं, उनके उद्धार के लिये दूसरी बार बिना पाप के दिखाई देगा। (1 पत. 2:24, तीतु. 2:13)
सीधे अर्थ की व्याख्या
1 पतरस 1:13 में प्रेरित पतरस हमें यह कह रहे हैं: अपनी बुद्धि की कमर बाँधकर सचेत रहें, ताकि अनुग्रह की पूर्ण आशा जो मसीह यीशु के प्रगट होने पर मिलने वाली है, उसके अनुसार जीवन ढाल सकें। शब्दार्थ के अनुसार यह सतर्कता मानसिक तैयारियों और क्रियात्मक पवित्र जीवन की दिशा में है, ताकि भविष्य की कृपा के अभिज्ञान में हम अडिग रहें।
संदर्भ-परिप्रेक्ष्य
यह पाठ पहली सतर में आसन्न अनुग्रह की आशा पर जोर देता है—मसीह के प्रगट होने के दिन के लिए पवित्र जीवन की तैयारी। पतरस को यह लिखते हुए पीड़ा और परीक्षाओं की आशंका थी, पर उनका उद्देश्य है कि विश्वासियों के मन स्थिर हों और संसारिक विचलनों से बचें। यह चेतावनी “बुद्धि की कमर बाँधना” प्रभु के दिन के लिए मानसिक और नैतिक तैयारी का संकेत है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
छोटे विषयगत बिंदु
अन्य उद्धरणीय पाठ और संक्षिप्त टिप्पणी
मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क के सामान्य-उद्धरण से संकेत मिलता है कि यह स्थिरता और पवित्र जीवने प्रेरित दृष्टि से जुड़ी है। उनके अनुसार: यह चेतावनी मोक्ष के लिए आशा को चिपकाने की है, न कि आत्म-निर्भरता की। (कृपया ध्यान दें: नीचे केवल संकेतिक उद्धरण हैं; पूर्ण वाक्यों का पाठ नहीं दिया गया है।)
क्रॉस-रेफरेंस (संदर्भ-योग)
1 पतरस 1:3-5 परंतु हमारी आशा पवित्रता के कारण है, क्योंकि यह नया जन्म और उद्धार की पुष्टि है—यह संदर्भ दिलाता है कि हमारी तैयारी, प्रभु की कृपा पर आधारित है।
रोमियों 8:18-25 में भविष्य की अपेक्षा और सृष्टि की अपेक्षित उद्धार का विचार आता है—यहाँ भी भविष्य की आशा वर्तमान प्रयासों के लिए प्रेरणा बनती है।
यह्यू 10:23-25 में एकता और सतर्क रहने की एकता-उपदेशना है, ताकि विश्वास मजबूत रहे और हम प्रोत्साहित रहते हैं।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हम prayers में वर्तमान में बुद्धि और सचेतता बनाए रखें, ताकि भविष्य की अनुग्रह-उपस्थिति के लिए तैयार रहें। इसका तात्पर्य है कि हम: - पवित्र जीवन के मानदंड अपनाएं, - विचारों और व्यवहार पर निगरानी रखें, - लगन से प्रार्थना और अध्ययन जारी रखें।