Old Testament
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1 पतरस 1:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ।
1 पतरस 1:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 1:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 यूहन्ना 1:7 (HINIRV) »
पर यदि जैसा वह ज्योति में है, वैसे ही हम भी ज्योति में चलें, तो एक दूसरे से सहभागिता रखते हैं और उसके पुत्र यीशु मसीह का लहू हमें सब पापों से शुद्ध करता है। (यशा. 2:5)

1 पतरस 2:22 (HINIRV) »
न तो उसने पाप किया, और न उसके मुँह से छल की कोई बात निकली। (यशा. 53:9, 2 कुरि. 5:21)

यूहन्ना 1:29 (HINIRV) »
दूसरे दिन उसने यीशु को अपनी ओर आते देखकर कहा, “देखो, यह परमेश्वर का मेम्ना* है, जो जगत के पाप हरता है। (1 पत. 1:19, यशा. 53:7)
1 पतरस 1:19 का पाठ–पर निर्दोष और निष्कलंक मेम्ने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ
—पेत्रुस के इस पाठ में ख्रिस्त का उत्थानपूर्वक अतीत नहीं, अपितु उन विश्वासी लोगों के लिए एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया गया है जिन्होंने पाप से बचाव पाने के लिए चुना है। यहाँ वे स्पष्ट शब्दों में बताते हैं कि हमारी उद्धार की कीमत किस महत्त्वपूर्ण और अद्भुत लहू की है—ताकि हम उसे अपराध-विहीन, निष्कलंक जीवन के स्रोत के रूप में पहचानेें।
ईश्वर की महिमा व विश्वास की निशानी
यह वाक्य है, “पर निर्दोष और निष्कलंक और न्यूतनिष्ठ मेम्ने अर्थात् मसीह के बहुमूल्य लहू के द्वारा हुआ”—यानी ईश्वर ने अपने पुत्र को एक निर्भय और पवित्र बलिदान के लिए भेजा। इसका अर्थ है कि उद्धार केवल कृपा से नहीं, बल्कि परम पवित्रता के उच्च मानदंड के अनुरूप है। मसीह की निर्दोषता और निष्कलंकता ने पाप के दायरे को समाप्त कर दिया और विश्वसियों को पवित्रता की राह पर खड़ा किया।
पवित्र शब्दों के अर्थ
इन धारणाओं का संयोजन बतलाता है कि उद्धार का मार्ग वैध और मजबूत है, जो पाप के दायरे को पार कर ईश्वर के सामने हमारी स्थिति को बदले नहीं, बल्कि नया बनाता है।
अन्य प्रसिद्ध विवेचन से संक्षिप्त निर्भरता
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के पारंपरिक अवलोकनों में यह पाठ—
—प्रकटी करता है कि मसीह का लहू एक विशिष्ट प्रतिफल नहीं, बल्कि पाप का दाम चुकाने वाली शक्ति है; निर्दोषता एक नवीनीकृत आचरण की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
उद्धरण के रूप में इन टिप्पणीकारों से जो स्पष्ट शब्द मिलते हैं, वे पाठ के भीतर उद्धार की कीमत और पवित्रता के मानक के बीच सुइयों का मार्गदर्शन करते हैं।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संदर्भ) और उनके सम्बन्ध
ये संदर्भ बताते हैं कि मसीह का लहू न केवल पाप के क्षमा में, बल्कि निरंतर पवित्र जीवन-यात्रा में भी एक मार्गदर्शक है।
यह आज हमारे लिए कैसे प्रासंगिक है
- उद्धार की ओर हमारी पहली कदम: मसीह की निर्दोषता पर विश्वास करें, ताकि हमारा दोष-जनित खतरा दूर हो।
- पवित्र आचरण की प्रेरणा: निर्दोष जीवन शैली—ईश्वर के नये नियम के अनुरूप—हमारे दैनिक व्यवहार में झलकनी चाहिए।
- बहुमूल्य लहू की स्मृति: यह याद दिलाती है कि परमेश्वर ने प्रेम से अपने पुत्र को भेजा; उसके प्रेम के नीचे सुरक्षित और स्वामित्वपूर्ण जीवन पाएँ।’
संक्षेप: इस वाक्य का केंद्र बिंदु है—मसीह का निष्कलंक और निर्दोष जीवन, उसका बहुमूल्य लहू जो हमारे उद्धार का मार्ग बनाता है। यह ईश्वर की पवित्रता और हमारे विश्वास की गाँठ को मजबूती देता है, और आज भी पवित्र जीवन के लिए प्रेरित करता है।