Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:17 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और जब कि तुम, ‘हे पिता’ कहकर उससे प्रार्थना करते हो, जो बिना पक्षपात हर एक के काम के अनुसार न्याय करता है, तो अपने परदेशी होने का समय भय से बिताओ। (2 इति. 19:7, भज. 28:4, यशा. 59:18, यिर्म. 3:19, यिर्म. 17:10)
1 पतरस 1:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 1:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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प्रेरितों के काम 10:34 (HINIRV) »
तब पतरस ने मुँह खोलकर कहा, अब मुझे निश्चय हुआ, कि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता, (व्य. 10:17, 2 इति. 19:7)

मत्ती 6:9 (HINIRV) »
“अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो: ‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में हैं; तेरा नाम पवित्र* माना जाए। (लूका 11:2)

2 इतिहास 19:7 (HINIRV) »
अब यहोवा का भय तुम में बना रहे; चौकसी से काम करना, क्योंकि हमारे परमेश्वर यहोवा में कुछ कुटिलता नहीं है, और न वह किसी का पक्ष करता और न घूस लेता है।” (रोम. 2:11)
1 पतरस 1:17 पर टिप्पणी
इस पद में पतरस विश्वासियों से आग्रह करते हैं कि वे परम पिता के सामने, जो सभी लोगों के कर्मों के अनुसार tanpa पक्षपात न्याय करता है, भय से उनका जीवन बिताएं। यह बात समय-अवसर (परदेशी होने) के संदर्भ में कही गई है ताकि प्रभु की उपस्थिति में हमारी प्रगति और आचरण सत्य और निर्भीक हो।
कथ्य का केंद्रीय अर्थ
पद हमें यह याद दिलाता है कि ईश्वर निष्पक्ष न्यायी हैं; उनका दायित्व है कि वे हर एक कर्म के अनुसार निर्णय करें। अभियोग करने से पहले वह हमें हमारी परिस्थितियों और आस्था के भीतर मूल्यांकन करते हैं। इसलिए विश्वासियों को अपने समय-परदेशी जीवन को भय और पाखंड के बजाय ईमानदारी, नम्रता और पवित्र जीवन के साथ बिताना चाहिए, यह सोचकर कि हर दिन प्रभु के सामने जवाबदेही है।
तीन प्रमुख विषय
संबद्ध उपदेश और बहस
कई मसीही टीकाकार इसे पुराने नियम के न्याय-न्याय के परिप्रेक्ष्य से जोड़ते हैं। मार्था हैनरी, बॉर्न्स, और एडम क्लार्क के सारग्रंथों में प्रायः यह संकेत मिलता है कि विश्वासियों को अपने आचरण में निष्कपटता, आदर और विवेक बनाये रखना चाहिए, ताकि ईश्वरीय न्याय की दृष्टि में हमारा जीवन प्रकाशमान रहे। चर्चित टिप्पणीकारों ने मत दिया है कि भय से जीवन बिताने का अर्थ यह नहीं कि हम त्रासद अवस्था में रहें, बल्कि यह है कि हम प्रभु के सामने सचेत और विनम्र रहें।
क्रॉस-रेफरेन्स
• यिर्मयाह 17:10 — परमेश्वर परीक्षा करते हैं और हर मन के विचारों को जानते हैं, ताकि हमारे हृदय की प्रेरणा भी साफ हो।
• मत्ती 7:12 — दूसरे के लिए वही करें जो आप चाहते हैं कि वे आपके लिए करें; निष्पक्षता और प्रेम-आचरण का व्यवहार ही ईश्वर के न्याय के अनुरूप है।
• इब्रानियों 4:13 — ईश्वर के सामने सब कुछ खोल है; कोई भी अस्त्र-शस्त्र उसकी दृष्टि से छिपा नहीं है।
व्यावहारिक अनुप्रयोग
- दिनचर्या में सत्य और नम्रता बनाए रखें: तुलना-चिंता से दूर, त्रुटियों को मानना और क्षमा माँगना।
- व्यवहार में निष्कपटता: लोगों के साथ व्यवहार में निष्पक्षता, वर्ग-भेद-भाव से परे।
- समय के प्रति सचेतना: जीवन के हर क्षण को परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप जीना—खासकर कठिन परिस्थितियों में भी विश्वास-कार्य करना।
संक्षिप्त सार
यह आयत हमें याद दिलाती है कि हमारा समय-परदेशी जीवन निष्कपट न्याय और पवित्रता के साथ जीना है, ताकि हम परमपिता के ऐश्वर्यपूर्ण न्याय के सामने सुरक्षित रहें। प्रभु की दृष्टि में हमारा व्यवहार वही माप है जो अंतिम दंड-युग में मापा जाएगा।