Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:6 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण दुःख में हो,
1 पतरस 1:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 1:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 पतरस 5:10 (HINIRV) »
अब परमेश्वर जो सारे अनुग्रह का दाता है, जिसने तुम्हें मसीह में अपनी अनन्त महिमा के लिये बुलाया, तुम्हारे थोड़ी देर तक दुःख उठाने के बाद आप ही तुम्हें सिद्ध और स्थिर और बलवन्त करेगा*।

याकूब 1:2 (HINIRV) »
हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसको पूरे आनन्द की बात समझो*,

रोमियों 12:12 (HINIRV) »
आशा के विषय में, आनन्दित; क्लेश के विषय में, धैर्य रखें; प्रार्थना के विषय में, स्थिर रहें।
1 पतरस 1:6 का संक्षिप्त संदर्भ और मौजूदा संदेश
पतरस पहले एपिस्टल में विश्वासियों को संघर्षों के बीच आशा बनाए रखने का बुलावा देता है। इस पद में प्रेरित पतरस बतलाते हैं कि अभी वे कुछ समय के लिए दुःख-स्वरूप परीक्षाओं से गुजरेंगे, ताकि उनका चरित्र और विश्वास दृढ़ हो। फिर भी वे मगन रहते हैं, क्योंकि यह सब परमेश्वर की योजना में है और उनका भाग सुरक्षित है।
मुख्य भाव का अभिप्राय
इस पद का केंद्रीय संदेश यह है कि दुख के समय में भी विश्वासी का हृदय मगन रहने का कारण है: परमेश्वर की दृष्टि में उनकी आशा स्थिर है, और परीक्षाएं अंततः पूर्ण विश्वास को परिष्कृत करती हैं। वास्तविक खुशी बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि परमेश्वर की रक्षा और उद्धार पर टिके रहने से आती है।
तीन प्रमुख विषय
संबद्ध आयतन और तुलनात्मक विचार
इस विचार को समझने के लिए अन्य संरचना में लिखे पाठ देखें जहाँ संतान-जीवन में परीक्षणों के साथ परमेश्वर की निज-प्रेम और निरंतर तैयारी का उल्लेख है। जैसे:
व्यावहारिक विचार
जब जीवन कठिन हो, तब भी अपनी दृष्टि परमेश्वर की वाचा पर बनाए रखें। प्रार्थना में सहायता माँगें, समुदाय के साथ अपनी अपेक्षा बाँटें, और छोटे-छोटे कदमों में कृतज्ञता के पल खोजें। परीक्षाओं से उभरकर आने वाला विश्वास आपके और परिवार के लिए एक स्थिर प्रतिज्ञान बन सकता है कि भगवान हर परिस्थिति में विश्वासयोग्य रहते हैं।
संक्षिप्त समापन
पतरस के शब्द हमें याद दिलाते हैं कि दुःख के समय में भी हमारा भाग मगन और आशा से भरा होता है—क्योंकि परमेश्वर की योजना में हमारी आस्था की पुष्टि होती है। यह अनुभूति हमारे दैनिक जीवन में नई स्थिरता और परमेश्वर-भरोसे के साथ आगे बढ़ना सिखाती है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षिप्त व्याख्या)
याकूब 1:2-4: परिक्षाओं को खुशी से स्वीकारना ताकि विश्वास दृढ़ हो और mature हो। यह 1 पतरस 1:6 के विचार को पूरक करता है कि दुःख शोषण नहीं, बल्कि विश्वास निर्माण का मार्ग है। रोम 5:3-5: धैर्य एक आशा को जन्म देता है—जो अंततः परमेश्वर की मोह में हमारे प्रेम को पक्का करता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (यदि उपलब्ध):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणी से प्राप्त संकेतित संक्षेप विचार एकीकृत रूप से प्रस्तुत हैं; नीचे वास्तविक पूर्ण वाक्यों के संक्षेप उद्धरण केवल जहां उपयुक्त हैं:
डायरी: “इस कारण तुम मगन होते हो…” — पतरस का यह कथन विश्वास की पुष्टि के लिए है; परीक्षाओं के समय भी आनंद बनाए रखना चाहिए।