Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:22 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:22 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
अतः जब कि तुम ने भाईचारे के निष्कपट प्रेम के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन-मन लगाकर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
1 पतरस 1:22 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 1:22 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 तीमुथियुस 1:5 (HINIRV) »
आज्ञा का सारांश यह है कि शुद्ध मन और अच्छे विवेक, और निष्कपट विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो।


1 पतरस 1:22 का सेटिंग और संदेश
पठनीय संदर्भ: यह वाक्य पतरस के पहले पात्र के पहले अध्याय के अंतर्गत आया है, जहाँ प्रेरित पतरस विश्वासियों को पवित्र जीवन और भाईचारे के मार्ग पर बुलाते हैं। वचन कहता है कि सत्य के मानने से हमारे मन पवित्र हो चुके हैं, इसलिए अब हम तन-मन से एक दूसरे से प्रेम करें।
परमेश्वर का प्रमुख विषय और विश्वास की भूमिका
यह वाक्य बताता है कि ईश्वर के साथ सत्य के मार्ग पर चलना भीतर की पवित्रता को जन्म देता है, जो फिर बाहरी व्यवहार में “भाईचारे के निष्कपट प्रेम” के रूप में प्रकट होता है। विश्वास तक पहुँचने के बाद हमारा व्यवहार बदलना चाहिए—न सिर्फ हमारे व्यक्तिगत pवचन, बल्कि समुदाय में एक-दूसरे के लिए सजग प्रेम। यह पवित्रता ईश्वर के चरित्र के अनुरूप जीवन बिताने की प्रेरणा देती है।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों की व्याख्या
क्रॉस-रेफरेंसेस (संदर्भ) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
पदोन्नत विचार और आधुनिक अनुप्रयोग
आज के चर्च और व्यक्तिगत जीवन में यह संदेश मौलिक है: सत्य के साथ एकाग्रता और पवित्र जीवन का लक्ष्य हमें एक दूसरे के प्रति प्रेम के लिए बनाता है—न सिर्फ औपचारिकता, बल्कि सचे प्रेम का व्यवहार जो क्षमा, सहानुभूति और सेवा में निकले। जब हम भीतर से बदलते हैं, तब ही समुदाय में विश्वास मजबूत बनता है और कठिन परिस्थितियों में भी एकता बनी रहती है।
संक्षेपित एकीकृत व्याख्या
तुमने सत्य के मानने से मन पवित्र किया है, अतः अब तन-मन से भाईचारे में निष्कपट प्रेम करो—यही पवित्रता का वास्तविक फल है और यह विश्वास की जीवन-प्रणाली है (पवित्रता से प्रेम तक की यात्रा)।
मुख्य उद्धरण (माथ्यू हेन्री, अल्बर्ट बार्न्स, एडम Clarke से) - हर एक से 1-2 छोटे उद्धरण
नोट: नीचे दिए गए उद्धरण प्रासंगिकता के लिए संक्षिप्त हैं और पूर्ण पाठ नहीं हैं:
इन विचारों से स्पष्ट होता है कि सत्यान्वेषण से उत्पन्न पवित्रता बाहरी प्रेम में परिणत होती है, जो समुदाय को मजबूत करती है।