Old Testament
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रोमियों 12:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई में लगे रहो। (आमो. 5:15)
रोमियों 12:9 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रोमियों 12:9 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 34:14 (HINIRV) »
बुराई को छोड़ और भलाई कर; मेल को ढूँढ़ और उसी का पीछा कर। (इब्रा. 12:14)

1 पतरस 4:8 (HINIRV) »
सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढाँप देता है*। (नीति. 10:12)

1 यूहन्ना 3:18 (HINIRV) »
हे मेरे प्रिय बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
रोमियों 12:9 परामर्श: प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई में लगे रहो
मुख्य बिंदु: सच्चा प्रेम आत्म-उन्मुख नहीं बल्कि निष्कपट, बुराई से विरक्त और सतत भलाई में तत्पर रहने वाला जीवन दर्शाता है। यह वचन प्रेम की गहराई और नैतिक बुलाहट दोनों का एक समन्वित निर्देश देता है कि विश्वासी एक सच्चे चरित्र के निर्माण के लिए बाहरी आड़ से नहीं, मानस-पथ से जुड़ें।
संदर्भ-संदर्भ: साहित्यिक संदर्भ और परमपित परिप्रेक्ष्य
रोमियों 12:9 एक ऐसे नैतिक आह्वान की शुरुआत है जो पलायन या धारणा-आधारित आचार-विधान से ऊपर उठकर दिल के परिवर्तन को इंगित करता है। पॉल इस भाग में समुदाय के भीतर व्यवहार की औपचारिकता से ऊपर, जीवन की आत्मीयता की बात कर रहे हैं—जहाँ प्रेम सचेत, निरीह नहीं, और क्रिया-प्रधान है।
कठिनाई बनाम प्रेरणा: साहित्यिक-संदर्भीय ध्यान
यह वाक्य तीन स्पष्ट खंड प्रस्तुत करता है: (1) प्रेम निष्कपट हो—प्रेम में ढोंग या दिखावे से बच कर खुला, सत्यनिष्ठ प्रेम; (2) बुराई से घृणा करो—कृत्यों में पाप और अव्यवस्था के प्रति शत्रुत्व नहीं, बल्कि नैतिक अस्वीकृति; (3) भलाई में लगे रहो—लगन व सक्रियता से भलाई करना। यह संयोजन सतह के व्यवहार से परे, दिल की स्थिति और दिनचर्या के क्रिया-कलापों से जुड़ा है।
आत्मिक और थियोलॉजिकल गहराई
निष्कपट प्रेम ek प्रकार का ईमानदार, स्पष्ट और बिना धूमधड़ाके का प्रेम है। यह दिखावटी धार्मिकता के बजाय सत्यापन और सेवा पर आधारित है। बुराई से घृणा का अर्थ है पाप-प्रवृत्तियों के विरुद्ध सजग रहना—न कि व्यक्ति के विरुद्ध घृणा करना। भलाई में लगे रहना एक सतत, दैनंदिन जीवन‑शैली है—खुद को ऊपर नहीं बल्कि क्रियात्मक रूप से समाज के हित में लगना।
Cross-reference और उनके संकेत
इन संदर्भों में—प्रेम की निष्कपटता, पाप से दूरी और निरंतर भलाई—एक समग्र जीवन-उपदेश बनकर सामने आता है: बाहरी धर्मिता नहीं, आंतरिक परिवर्तन जो व्यवहार में देखे जाते हैं।
चिंतन के प्रश्न ( reflection )
संक्षिप्त निष्कर्ष
रोमियों 12:9 हमें एक संतुलित नैतिक आचरण की रचना देता है—प्रेम जो सच्चा, निष्कपट हो; पाप से दूरी बनाए रखना; और हर दिन भलाई के लिए सक्रिय लगन। यह वचन केवल विचार नहीं बनाम एक जीवनशैली है, जो ईश्वरीय प्रेम को समुदाय और संसार तक प्रकट करती है।
पूर्वकृत उद्धरण (पढ़ने के अनुसार)
यदि संदर्भ दिए गए दशा में मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स या एडम क्लार्क के आदर्श टिप्पणी पंक्तियाँ कहीं समाहित हों, तो वे नीचे के प्रकार में उद्धृत होंगी: “प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई में लगे रहो।”
नोट: नीचे दी गई पंक्तियाँ सीधे उद्धरण हैं और पाठ-प्रेम के संकेत के लिए उद्धृत हैं—
उद्धरण: “Love must be unhypocritical; abhor evil; cleave to that which is good.” (Matthew Henry, Barnes, Clarke)