Old Testament
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रोमियों 5:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि हम विश्वास से धर्मी ठहरे, तो अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर के साथ मेल रखें,
रोमियों 5:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रोमियों 5:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यशायाह 32:17 (HINIRV) »
और धर्म का फल शान्ति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा। (रोम. 14:7, याकू. 3:18)

रोमियों 15:13 (HINIRV) »
परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।

रोमियों 6:23 (HINIRV) »
क्योंकि पाप की मजदूरी* तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का वरदान हमारे प्रभु मसीह यीशु में अनन्त जीवन है।
रोमियों 5:1 पर विचार: विश्वास से उद्धार कैसे स्थापित हुआ
पृथ्वी पर परमेश्वर के प्रेम और उद्धार की योजना को रोमियों के बहु-आयामी तर्क के संदर्भ में समझना आवश्यक है। इस verse में प्रेरित पौलुस बताते हैं कि विश्वास के कारण धर्मी ठहरना है, और इस धर्मिता के परिणामस्वरूप हमारे और परमेश्वर के बीच मेल, शांति और आशा का वातावरण बनता है। रोम 5 में प्रारंभिक अध्यायों में उद्धार की व्यवस्था का आधार प्रदर्शित होता है: यीशु मसीह के द्वारा हमारे पाप का दायित्व चुकता है और विश्वास ही वह मार्ग है जिससे हम परमेश्वर के साथ एक नई, दृढ़ स्थिति में आते हैं।
मुख्य अर्थ
इस पद का केंद्रीय संदेश है कि हमारे परमेश्वर के साथ मेल-भाव केवल विश्वास से आता है—न कि हमारे अच्छे कर्मों से। धर्मी ठहरना परमेश्वर की कृपा का परिणाम है, जिसे यीशु मसीह के द्वारा प्रदत्त उद्धार के बल से पाया जाता है। इससे हमारी आंतरिक स्थिति बदलती है—हम शांति, आशा और दृढ़Confidence प्राप्त करते हैं कि परमेश्वर हमारे साथ है।
दो-तीन प्रमुख विषय
अनुसंधान से जुड़ी संदर्भ-स्वर
उद्धार और शांति के विषय में अन्य जगहों से यह विचार मिलता है:\n - रोमियों 3:22-24: विश्वास के द्वारा धर्मी ठहरना-यही मुख्य तर्क। \n - रोमी 8:1: शरीर के कारण नहीं पर आत्मा के मार्ग से जीवन। \n - योहशू 1:9 और 2 कुरिन्थियों 5:17: नयी स्थिति और परमेश्वर के साथ मेल की आशा।
व्यावहारिक विचार
इस Verse से हमें यह सीख मिलती है कि हमारी धार्मिकताओं के बजाय हमारा केंद्र—विश्वास है। क्या मैं वर्तमान समय में परमेश्वर के साथ अपने सम्बन्ध को विश्वास के आधार पर पकड़ रहा हूँ? दैनिक परिस्थिति में—कार्य, परिवार, संघर्ष—हम विश्वास की दृष्टि से पलटाव करें और अपने स्वभाव में शांति, धैर्य और आशा विकसित करें।
संक्षिप्त संकल्पना
धर्मी ठहरना, जो विश्वास के कारण संभव है, परमेश्वर के साथ हमारे मेल और शांति की आधारशिला है; यह हमारे जीवन में आशा और स्थिरता का मार्ग प्रशस्त करता है।
फुटनोट: लाइन-उद्धरण संकेत
यदि आपMatthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरणों के अनुरोध के साथ पाठ देखना चाहें, तो नीचे संक्षिप्त कथन देखें।
मतलबपूर्ण पाठ के लिए: “हम विश्वास से धर्मी ठहरे”—यह विचार उनकेCommentary में भरोसे से उद्धार के तटस्थ स्वर को दर्शाता है, और “परमेश्वर के साथ मेल” को शांति के साथ जोड़ता है।
क्रॉस-रेफरेंस
रोम 3:22-24, रोम 8:1, 2 कुरिन्थी 5:17—धर्मी ठहरना, आत्मिक मेल और नई Creations का सार।