रोमियों 15:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परमेश्‍वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।

पिछला पद
« रोमियों 15:12
अगला पद
रोमियों 15:14 »

रोमियों 15:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियोस 15:13 पर विशेष दृष्टिकोण

मुख्य बिंदु: परमेश्वर आशा के दाता के रूप में विश्वास में आनंद, शांति और पवित्र आत्मा की सामर्थ्य से हमारी आशा को बढ़ाते हैं। इस वचन में संतुष्टि और स्थिरता का लक्ष्य स्पष्ट है: परमेश्वर की नम्र अग्रिम कृपा हमारे हृदय में विश्वास के साथ सक्रिय होती है और नया उत्साह देती है।

साहित्यिक संदर्भ

रोमियों के संदर्भ में यह वचन ऐसे समय का है जब प्रेरित पौलुस विश्वासी समुदायों के बीच एकता और उत्साह बढ़ाने का संदेश दे रहे हैं। उसका उद्देश्य है कि ईमानदारी से ट्रस्ट करने पर विश्वासियों की आत्मा में आनंद और शांति भर जाएँ, ताकि कठिन परिस्थितियों में भी उनकी आशा स्थिर रहे। यह वचन रोमीयों के नैतिक-आधार वाले मार्गदर्शन के साथ जुड़ता है कि कैसे क्रूस पर मरे हुए पुराने मन को छोड़कर नया जीवन अपनाया जाए।

धार्मिक महत्व

1) भरोसे की मंज़िल: आशा परमेश्वर की कृपा के परिणामस्वरूप आती है; यह एक गतिशील अवस्था है जिसमें विश्वास आजीवन निभाया जाता है। 2) आनंद और शांति: ये दोनो क्षणों में नहीं, बल्कि जीवन व्यवहार में प्रकट होते हैं—यही असली क्रिश्चियन जीवन के पुष्ट होने के प्रमाण हैं। 3) पवित्र आत्मा की सामर्थ्य: यह शक्ति हमारे भीतर उन्नति लाती है, जिससे हमारी आशा ऊँची उड़ान भरने लगती है।

पुस्तक-संहार्मिक संबंध

- पवित्र आत्मा की सत्ता से प्रेरणा: प्रेरित पवित्र आत्मा के काम से विश्वासी भीतर से परिवर्तन पाते हैं, जो आशा को दृढ़ बनाता है।

- विश्वास और शांति: बाइबल में विश्वास के परिणामस्वरूप मिलने वाली शांति का वर्णन कई बार मिलता है, जैसे नया दिल और नई REST प्राप्त करना।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ (3 सारांश संकेत)

  • रोमियों 5:5 — प्रेम हमारे भीतर पक्का बन जाता है; यह आत्मा के दर्शन से आता है।
  • गलातियों 5:22-23 — आत्मा के फलों में प्रेम, joy, peace आदि प्रकट होते हैं; आशा भी इनमें जुड़ी है।
  • याकूब 1:2-4 — trials से विश्वास को पक्का बनाते हैं; ऐसे समय में भी शांति और धैर्य बढ़ता है।

हर संदर्भ यह साझा करते हैं कि शांति और आनंद बाहर की परिस्थितियों से नहीं, बल्कि भीतर की स्तिथि से उभरते हैं, जो आत्मा की क्रिया से संभव होता है।

आत्म-सवाल

  • क्या मैं अपनी चुनौतियों में भी परमेश्वर की आशा को बनाकर रख रहा हूँ?
  • क्या मेरी जीवनशैली में आत्मा की शक्ति के संकेत स्पष्ट हैं—शांति, धैर्य और प्रेम?
  • कैसे मैं हर दिन अपनी आशा को नए तरीके से बढ़ा सकता/सकती हूँ?

संक्षिप्त निष्कर्ष

रोमियों 15:13 बताता है कि ईमानदारी से विश्वास करने पर परमेश्वर आशा, आनंद और शांति से हमारे जीवन को भर देता है—यह सब पवित्र आत्मा की सक्रिय सहायता से बढ़ता है। इससे एक स्थिर, प्रायः उत्साही जीवन संभव होता है, जिससे हमारी दृढ़ विश्वास की यात्रा सामर्थ्य से भरी रहती है।

प्रकाशित उद्धरणी नोट

यदि किसी के पास उपलब्ध हो तो मैट्यूह Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से सीधे शब्दों के छोटे उद्धरण इस पन्ने में उल्लेख्य रूप से शामिल किए जा सकते हैं। अभी उपलब्ध टेक्स्ट में उनके पूर्ण उद्धरण नहीं मिलते, पर निम्न सार-संजीवनी साझा की जा रही है:

- Henry, Barnes, Clarke से संक्षिप्त परामर्श: "आशा का दाता" परमेश्वर—यह शांति और आनंद का स्रोत है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 15:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 थिस्सलुनीकियों 2:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 थिस्सलुनीकियों 2:16 (HINIRV) »
हमारा प्रभु यीशु मसीह आप ही, और हमारा पिता परमेश्‍वर जिस ने हम से प्रेम रखा, और अनुग्रह से अनन्त शान्ति और उत्तम आशा दी है।

रोमियों 12:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 12:12 (HINIRV) »
आशा के विषय में, आनन्दित; क्लेश के विषय में, धैर्य रखें; प्रार्थना के विषय में, स्थिर रहें।

रोमियों 14:17 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 14:17 (HINIRV) »
क्योंकि परमेश्‍वर का राज्य खाना-पीना नहीं; परन्तु धार्मिकता और मिलाप और वह आनन्द है जो पवित्र आत्मा से होता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें