Old Testament
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रोमियों 15:1 रोमियों 15:2 रोमियों 15:3 रोमियों 15:4 रोमियों 15:5 रोमियों 15:6 रोमियों 15:7 रोमियों 15:8 रोमियों 15:9 रोमियों 15:10 रोमियों 15:11 रोमियों 15:12 रोमियों 15:13 रोमियों 15:14 रोमियों 15:15 रोमियों 15:16 रोमियों 15:17 रोमियों 15:18 रोमियों 15:19 रोमियों 15:20 रोमियों 15:21 रोमियों 15:22 रोमियों 15:23 रोमियों 15:24 रोमियों 15:25 रोमियों 15:26 रोमियों 15:27 रोमियों 15:28 रोमियों 15:29 रोमियों 15:30 रोमियों 15:31 रोमियों 15:32 रोमियों 15:33



रोमियों 15:14 पर टिप्पणी (HINIRV)
पवित्रता के मैदान में प्रेरित-पत्र रोमियों के लेखन का एक अहम पहलू यह है कि विश्वासी समुदाय के बीच प्रेम और ज्ञान का संतुलन बना रहे। अध्याय 15 में पौलुस यह दर्शाते हैं कि रोम के ईसाइयों में पहले से भलाई और ईश्वरीय ज्ञान की वृद्धि है, और वे एक दूसरे की सहायता कर सकते हैं। यह संदेश विशेषकर समुदाय के भीतर सहयोग, धैर्य और साक्ष्य-युक्त व्यवस्था के लिए है।
पाठ का संक्षिप्त आशय
“हे मेरे भाइयों; मैं आप भी तुम्हारे विषय में निश्चय जानता हूँ, कि तुम भी आप ही भलाई से भरे और ईश्वरीय ज्ञान से भरपूर हो और एक दूसरे को समझा सकते हो।” यह वाक्य Romans 15:14 में पवित्रताओं के बीच उपस्थित विश्वास के गुणों की पुष्टि करता है—भलाई और ज्ञान से भरपूर होना, तथा एक-दूसरे के साथ सुमहला और समझदारी से मेल-मिलाप बनाये रखना।
मुख्य विचार
प्रमुख विषय
भलाई से भरे और ज्ञान से भरपूर होना: यह केवल नैतिक आदर्श नहीं, बल्कि व्यवहार के लिए मार्गदर्शक गुण हैं—आत्म-नियंत्रण, दया, और अध्ययन के प्रति इच्छाशक्ति।
एक दूसरे को समझाना: विविध पृष्ठभूमियों के होने के बावजूद, चर्च के सदस्य एक-दूसरे की समझ-समझ और शिक्षा के द्वारा एकजुट रहते हैं; यह चर्च की एकता की मिसाल है।
अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेस
• रोमियों 12:3-8: हर सदस्य के लिए दिये गए बहुमूल्य अंगों के समान सुरक्षा और सेवा का विचार; यह सहयोग की संरचना को रेखांकित करता है।
• 1 कुरिन्थियों 12:12-27: देह के अंगों की आपसी निर्भरता और सदस्यता में विविधता के बावजूद एकता की महत्ता।
• इफिसियों 4:11-16: प्रेरित, भविष्यद्वक्ता और शिक्षा देने वालों के द्वारा विश्वास के मापन के लिए सेवाभाव।
व्यावहारिक विचार
- अपने समूह में हर किसी की योग्यता और ज्ञान की कदर करें; कमी को आलोचना के बजाय समझने की दृष्टि रखें।
- चर्चा में नम्रता बनाए रखें; जहाँ आवश्यक हो, अन्यों के मत को सुनकर सीखें।
- एक साथ मिलकर छोटे-छोटे उपक्रम स्थापित करें—देखभाल, मदद और शिक्षा के अवसरों को बढ़ावा दें।
संक्षिप्त सार
रोमियों 15:14 विश्वासियों के समुदाय के गुणों का संकेत देता है—भलाई, ज्ञान और एक दूसरे के साथ सूझ-बूझ से परिपूर्ण जीवन। यह संदेश प्रेरित-पत्र की समुदाय-निर्माण की धारा के अनुरूप है, जिसमें κάθε सदस्य अपनी क्षमताओं को साझा कर सुसंगत और प्रेमपूर्ण संसर्ग बनाता है।
निहित उद्धरण संकेत
प्रथम-हाइपरनोट्स: इस ब्लॉक में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के समान उद्धरण सीधे नहीं दिए गए हैं; लागू परंपरागत विचारों के अनुसार, उनकी आम धारणा—सार-सार में—भलाई और ज्ञान का एक संयुक्त कार्य है, जो समुदाय की एकता को दृढ़ करता है।