रोमियों 15:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

परन्तु जैसा लिखा है, वैसा ही हो, “जिन्हें उसका सुसमाचार नहीं पहुँचा, वे ही देखेंगे और जिन्होंने नहीं सुना वे ही समझेंगे।” (यशा. 52:15)

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रोमियों 15:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

romiyōn 15:21 का सरल अर्थ

इस वचन में प्रेरित पौलुस कहते हैं कि परमेश्वर के सबसे पहले बुलाए गए इब्रानियों के बाहर जिस सुसमाचार की घोषणा हुई, वही महान उद्धार का संदेश दूसरों तक पहुँचकर उन तक पहुंचेगा। सार रूप में कहा जाए तो: “जो लोग पहले नहीं सुने, वे ही सुनेंगे और जो पहले नहीं देखे, वे ही समझेंगे।”

संदर्भ-परिप्रेक्ष्य

यह पंक्ति रोमियों के दमकते चर्च के संदर्भ में है, जहाँ प्रेरित पौलुस यह दिखाते हैं कि ईश्वर का योजना सारी जनजातियों के लिए है। (रोमियों 15:16-21) यह एक धारा है जो यहूदियों के साथ-साथ अन्य जातियों के लिए भी ईश्वरीय वरदान के व्यापक प्रसार को द्योतित करती है। यशायाह के संदर्भ से जुड़कर, जो संदेशा ऐसे लोगों की लाक्षणिक दृश्यता बनाता है जिन्होंने पहले नहीं सुना, वे अब देखेंगे और समझेंगे।

interpretive observations

  • ईश्वर की उद्धार-योजना सर्वव्यापी है: पहले जिन्हें सुसमाचार नहीं पहुँचा, उन्हें भी सुनने और समझने का अवसर मिलेगा।
  • यशायाह 52:15 के संदर्भ के संकलन में यह विचार है कि प्रतिदिन के प्रचार से अतीत के अंधेरे टूटते हैं और लोग सच में समझ पाते हैं।
  • पौलुस की घोषणा उल्लेख करती है कि सुसमाचार की पहुँच सीमा-रहित है; यह केवल यहूदियों तक सीमित न होकर सभी जातियों के लिए है।

मूल पाठ से निकले छोटे तथ्य

– उद्धरण का मूल भाव यह है कि जो लोग पहले सुने नहीं थे, वे अब सुनेंगे और समझेंगे।

मुख्य क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)

  • (यशायाह 52:15): नये परिदृश्य में मसीह के कार्य से हर जाति शीश-पेड़ों से निर्गत प्रकाश को देखती है—यह उद्घोषणा का व्यापक सार है।
  • ": वह मुझे जो देखेगा, वही पाएगा; यह संतती संदेश की सार्वभौमिकता को पुष्ट करता है कि क्रूस के उपरांत सभी को उद्धार की राह दी जाती है।
  • ": उच्चारण पर समान विचार— सबों ने सुना है, पर कुछ ने न सुना।

संक्षिप्त मौलिक निष्कर्ष

1) ईश्वरीय उद्धार की योजना सार्वभौमिक है; 2) सुसमाचार का फैलना जोखिम नहीं, बल्कि प्रेरित के संदेश का उद्देश्य है; 3) हमारे जीवन में यह संदेश कैसे पहुँचे, इसका उत्तर प्रतिक्रिया और विश्वास में है—हम भी साझा करें।

व्यावहारिक takeaway

हम यह सीखें कि जहां भी अवसर मिले, ईश्वर के सुसमाचार को सुनकर समझाने की चेष्टा करें। निस्संसय के लिए भी यह संदेश उपलब्ध है, और उसका प्रभाव समय के साथ दिखेगा।

निष्कर्ष

रोमियों 15:21 एक प्रेरक स्मरण है कि उद्धार-योजना का दायरा सीमाओं से परे है और ईश्वर के काम में हमारी भूमिका उन लोगों तक पहुँचने की है जिन्हें अभी तक वह चिड़िया नहीं मिली है।

नोट: God-breathed commentary के समान पार्श्व-उद्धरणों में Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के संक्षिप्ट उद्धरण आवश्यकतानुसार शामिल किए गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 15:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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