Old Testament
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रोमियों 5:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
रोमियों 5:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रोमियों 5:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यूहन्ना 3:16 (HINIRV) »
“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।


रोमियों 5:8 पर एक संक्षिप्त व्याख्या
यह पद रोमियों की पंथिक यात्रा में दृढ़ता से दिखाता है कि परमेश्वर का प्रेम कर्मठ और अद्भुत है—पहले पुकारने से पहले नहीं, बल्कि पापियों के प्रति उद्धार की योजना retinal करती है। लेखक प्रेरित पॉल यहाँ स्पष्ट करता है कि ईश्वर हमारे पाप के समय भी हमें प्रेम करते हैं और इस प्रेम को मसीह के बलिदान के द्वारा प्रमाणित किया है।
पद का पाठ-विन्यास और संदर्भ
“परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।”
यह वाक्य रोमियों के अध्याय 5 के क्रम में आत्म-स्वीकृति, पाप का प्रभाव, और उद्धार की उपलब्धि को जोड़ता है। पॉल भाइयों को याद दिलाते हैं कि उद्धार मनुष्यों के लिए आत्म-उन्नति या अच्छे कर्मों से नहीं, बल्कि परमेश्वर की करुणा से है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
अनुरूप दार्शनिक लिंक (Cross-references) और उनके तात्पर्य
जीवन पर लागू करने योग्य पाठ
- आत्म-निर्भरता से नहीं, बल्कि परमेश्वर के प्रेम पर निर्भर होकर जीना सीखें।
- अपने आप को दूसरों के लिए संदिग्ध मानने के बजाय, प्रेम से प्रेरित होकर शांति और क्षमा का उदाहरण दें।
- मसीह के शहद-समरूप प्रेम से प्रेरित होकर, अपने कठिन समय में भी दया और करुणा दिखाने के लिए प्रयत्न करें।
संक्षेप और सार
रोमियों 5:8 यह बताता है कि उद्धार की आधारशिला परमेश्वर का प्रेम है, जो हमारी निरंकुश पाप के समय भी क्रिया-निष्ठ है। मसीह की मृत्यु ने प्रेम की गहराई को प्रकट किया, और यह संदेश आज भी नया जीवन देता है—क्योंकि परमेश्वर का प्रेम हमें पाप के बाद भी जीवन देता है।
इतिहास-संदर्भ के छोटे संकेत
अंग्रेजी के चर्च--commentaries में कहा गया है कि यह संदेश परमेश्वर की ईमानदारी और उद्धार की योजना का केन्द्र है।
उद्धरण-संदर्भ (कथन):
“जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।” यह विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के समान शब्दों में उद्धार की परम प्रेरणा को रेखांकित करता है—परंतु नीचे केवल संक्षिप्त सीधे उद्धरण दिए गए हैं: (ए) “परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई”—यह सामूहिक उद्धार का मूलभूत बिंदु है; (ब) “जब हम पापी ही थे तब मसीह हमारे लिये मरा”—यह प्रेम का उत्कृष्ट प्रमाण है।