Old Testament
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रोमियों 5:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कारण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।
रोमियों 5:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रोमियों 5:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 कुरिन्थियों 15:21 (HINIRV) »
क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई*; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरुत्थान भी आया।

रोमियों 5:12 (HINIRV) »
इसलिए जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब ने पाप किया। (1 कुरि. 15:21-22)

1 कुरिन्थियों 15:49 (HINIRV) »
और जैसे हमने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। (1 यूह. 3:2)
रोमियों 5:17 का अर्थ संक्षेप में
इस पद का स्पष्ट अर्थ है: एक आदमी के अवगुणों के कारण मृत्यु ने राजा की तरह शासन किया; परंतु वह अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान जो बहुतायत से मिलते हैं, यीशु मसीह के आधार पर वे लोग परमजीवन में राज करेंगे।
संदर्भ-भूमिका
पौलुस यहां पहलेadam की असफलता के प्रभाव को स्पष्ट स्वर में दिखाते हैं और उस के विपरीत प्रमाण बताते हैं: Christ के आने से अनुग्रह की बहुलता और धर्म की वरदान मिलती है। यह साक्ष्य पुराने नियम के दोष-यातना के बाद परमेश्वर के उद्धारपूर्ण वचन की पुष्टि करता है, कि मसीह के द्वारा जीवन सुधरता है।
व्याख्यात्मक विचार
आध्यात्मिक शीर्षकियाँ
अनुवादित cross-references और संक्षेप समझ
1) रोमियों 3:24-25— अनुग्रह से उद्धार: मसीह में ऋणमुक्ति। यह दिखाता है कि धर्मरूपी वरदान कैसे हमारे दोषों के बदले जीवन देता है।
2) रोमियों 6:23— मृत्यु के वेग के विरुद्ध जीवन का परम-उहार: कर्मों के कारण नहीं, पर चिरस्थायी जीवन का उपहार।
3) यूहन्ना 10:10— शैतान की लूट-खोरी के बजाय यीशु का जीवन-भरपूर देना: जीवन abundantly. यह verse इस भाषा से मेल खाता है कि जीवन की अपेक्षा और कृषि एक साथ है।
पदार्थी निष्कर्ष
यह पद हमें याद दिलाता है कि जिनमें मसीह के द्वारा अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान प्रबल होते हैं, वे मृत्यु के शासन से मुक्त रहते हुए अनंत जीवन में राज्य करते हैं। जीवन का यह राज केवल मान्यता नहीं, बल्कि दिन-प्रतिदिन के विश्वास और समर्पण में विकसित होता है।
युक्त उदाहरणात्मक उद्धरण (मिश्रित टिप्पणी):
Adam Clarke की टिप्पणी संकेत देती है कि मसीह के कारण जीने की नीति और अनुग्रह का बहाव यह दर्शाता है कि जीवन की वास्तविक सत्ता नहीं मृत्यु, बल्कि परमेश्वर की कृपा है।
Matthew Henry और Albert Barnes ने भी यही विचार संरक्षित किया है कि उद्धार का स्रोत मसीह का अवतार और उसका बल है, जो विश्वासियों को न्याय-सत्य के अनुसार जिंदा बनाता है।
संक्षेपित निष्कर्ष
खुला-खुला संदेश यह है कि एक व्यक्ति के अपराध से मृत्यु का राज सक्रिय हुआ, लेकिन यीशु मसीह के माध्यम से जो अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान मिलते हैं, वे हमारे जीवन में स्थायी राज स्थापित करते हैं—यानी हर अनुयायी को अनंत जीवन प्राप्त होता है।