रोमियों 5:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कारण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।

पिछला पद
« रोमियों 5:16
अगला पद
रोमियों 5:18 »

रोमियों 5:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियों 5:17 का अर्थ संक्षेप में

इस पद का स्पष्ट अर्थ है: एक आदमी के अवगुणों के कारण मृत्यु ने राजा की तरह शासन किया; परंतु वह अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान जो बहुतायत से मिलते हैं, यीशु मसीह के आधार पर वे लोग परमजीवन में राज करेंगे।

संदर्भ-भूमिका

पौलुस यहां पहलेadam की असफलता के प्रभाव को स्पष्ट स्वर में दिखाते हैं और उस के विपरीत प्रमाण बताते हैं: Christ के आने से अनुग्रह की बहुलता और धर्म की वरदान मिलती है। यह साक्ष्य पुराने नियम के दोष-यातना के बाद परमेश्वर के उद्धारपूर्ण वचन की पुष्टि करता है, कि मसीह के द्वारा जीवन सुधरता है।

व्याख्यात्मक विचार

  • राज्य की परिभाषा: मृत्यु ने “राज्य किया” कहा गया है क्योंकि अपराध का प्रभाव समाज और हर व्यक्ति पर प्रभाव डालता है; पर अनुग्रह से जीवन का नया पक्ष खुलता है।
  • दोनों प्रवृत्तियों का तुलनात्मक क्रम: एक ओर मौत की सत्ता, दूसरी ओर संतोषजनक जीवन की सत्ता—परमेश्वर के वरदान से जीवन का राज स्थापित होता है।
  • बहुतायत का अर्थ: अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान “बहुतायत” से मिलते हैं—यानी परमेश्वर का दयालु प्रवाह अधिक व्यापक और सामान्य रूप से प्रभावशाली है, न कि केवल कुछ चुनिंदा लोगों के लिए।

आध्यात्मिक शीर्षकियाँ

  1. मृत्यु बनाम जीवन की पहचान: यीशु मसीह के द्वारा जीवन का सत्यापित राज।
  2. अनुग्रह की व्यापकता: धर्मरूपी वरदान का दृढ़ और साहचर्यपूर्ण प्रकटीकरण।
  3. उद्धार की दिशा: अनंत जीवन का राज्य स्वीकारना और धारण करना।

अनुवादित cross-references और संक्षेप समझ

1) रोमियों 3:24-25— अनुग्रह से उद्धार: मसीह में ऋणमुक्ति। यह दिखाता है कि धर्मरूपी वरदान कैसे हमारे दोषों के बदले जीवन देता है।

2) रोमियों 6:23— मृत्यु के वेग के विरुद्ध जीवन का परम-उहार: कर्मों के कारण नहीं, पर चिरस्थायी जीवन का उपहार।

3) यूहन्ना 10:10— शैतान की लूट-खोरी के बजाय यीशु का जीवन-भरपूर देना: जीवन abundantly. यह verse इस भाषा से मेल खाता है कि जीवन की अपेक्षा और कृषि एक साथ है।

पदार्थी निष्कर्ष

यह पद हमें याद दिलाता है कि जिनमें मसीह के द्वारा अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान प्रबल होते हैं, वे मृत्यु के शासन से मुक्त रहते हुए अनंत जीवन में राज्य करते हैं। जीवन का यह राज केवल मान्यता नहीं, बल्कि दिन-प्रतिदिन के विश्वास और समर्पण में विकसित होता है।

युक्त उदाहरणात्मक उद्धरण (मिश्रित टिप्पणी):

Adam Clarke की टिप्पणी संकेत देती है कि मसीह के कारण जीने की नीति और अनुग्रह का बहाव यह दर्शाता है कि जीवन की वास्तविक सत्ता नहीं मृत्यु, बल्कि परमेश्वर की कृपा है।

Matthew Henry और Albert Barnes ने भी यही विचार संरक्षित किया है कि उद्धार का स्रोत मसीह का अवतार और उसका बल है, जो विश्वासियों को न्याय-सत्य के अनुसार जिंदा बनाता है।

संक्षेपित निष्कर्ष

खुला-खुला संदेश यह है कि एक व्यक्ति के अपराध से मृत्यु का राज सक्रिय हुआ, लेकिन यीशु मसीह के माध्यम से जो अनुग्रह और धर्मरूपी वरदान मिलते हैं, वे हमारे जीवन में स्थायी राज स्थापित करते हैं—यानी हर अनुयायी को अनंत जीवन प्राप्त होता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 5:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 कुरिन्थियों 15:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 15:21 (HINIRV) »
क्योंकि जब मनुष्य के द्वारा मृत्यु आई*; तो मनुष्य ही के द्वारा मरे हुओं का पुनरुत्थान भी आया।

रोमियों 5:12 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
रोमियों 5:12 (HINIRV) »
इसलिए जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब ने पाप किया। (1 कुरि. 15:21-22)

1 कुरिन्थियों 15:49 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 कुरिन्थियों 15:49 (HINIRV) »
और जैसे हमने उसका रूप जो मिट्टी का था धारण किया वैसे ही उस स्वर्गीय का रूप भी धारण करेंगे। (1 यूह. 3:2)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें