Old Testament
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रोमियों 5:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वैसा ही एक धार्मिकता का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
रोमियों 5:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रोमियों 5:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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रोमियों 5:12 (HINIRV) »
इसलिए जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, क्योंकि सब ने पाप किया। (1 कुरि. 15:21-22)

रोमियों 5:19 (HINIRV) »
क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।

रोमियों 5:18 का स्पष्ट अर्थ
इस पद के अनुसार, एक ही अपराध ने सारी मानवजाति पर दंड को धार दिया, उसी प्रकार एक धार्मिकता का कार्य ने भी सब के जीवन के लिए उन्हें दयालु और धर्मी ठहराने का रास्ता खोल दिया। यह तुल्यता दिखाती है कि परमेश्वर की व्यवस्था में एक अनिवार्य समानता है: चूँकि सभी ने एक समान घातक ग़लती की, इसलिए सभी के लिए एक समान उद्धार का मार्ग खुला।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
रोम 5 का सन्देश विश्व मानवीय अवनति और प्रभु यीशु में प्राप्त उद्धार की व्यापक योजना को स्पष्ट करता है। पवित्र अपराध—विशेषकर मानवीय अवमान और स्वार्थ—के कारण मृत्यु सभी के लिए प्रवेश कर गई; परन्तु धर्मी ठहराए जाने का अधिकार भी यीशु मसीह के द्वारा सभी पर प्रभावी हुआ। यह तुलना पुराने नियम और नए नियम के बीच एक पारस्परिक अनुबंध के रूप में भी पढ़ी जाती है: एक अपराध ने चिरस्थायी परिणाम दिए, एक धर्मी कार्य ने जीवन के नवीन स्रोत को खोला।
व्याख्यात्मक विचार
मुख्य थीम्स का संक्षिप्त सार
अनुक्रमित क्रॉस-रेफरेंसेज और उनका छोटाExplanation
• 1 कुरिंथियों 15:22: मरे हुए को फिर से जी उठना—सबके लिए जीवन की संभावना स्पष्ट होती है।
• फ्लिप्पियों 2:8-11: स्वयमेव अभिमन्य का आत्म-उद्धार और मानवीय मान का उन्नयन।
• 1 यूहन्ना 2:2: क्रिस्ट के द्वारा चढ़ाया गया आशीर्वाद और सभी के लिए क्षमा का प्रस्ताव।
प्रायोगिक निष्कर्ष
permanent takeaway: मानवीय असफलता के बावजूद, यीशु के वफादार क्रिया से हर विश्वासी को नया जीवन और धर्मी ठहरना संभव होता है। यह संतोष तब तक है जब हम विश्वास में स्थिर रहते हैं और प्रभु की कृपा को अपनी दैनिक जीवनचर्या में अभ्यास करते हैं।
संक्षिप्त भाषा में पुराने टिप्पणियों का समेकित संकेत
Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त उद्धरण (यदि उपलब्ध हों) नीचे उद्धृत किये जा सकते हैं; इन सुझाओं को पाठ में प्राकृतिक रूप से समाहित किया गया है:
याकी, "एक अपराध" और "एक धर्मी कार्य" के समानांतर, Henry ने कहा कि पाप की प्रकृति और उद्धार की कृपा दोनों की सार्वभौमिकता स्पष्ट करती है; Barnes ने यह दर्शाया कि प्रभु का प्रायश्चित्त सभी के लिए खुला है; Clarke ने इस अनुक्रमण को दिखाया कि मसीह से प्राप्त न्याय विश्वास पर निर्भर है, न कि कर्मों पर।
आखिरी प्रेरणा
हम स्वयं से पूछें: क्या मैं विश्वस्त होकर ईश्वर की धर्मी व्यवस्था के अनुसार जीवित हूँ? क्या मेरी daily routine में उद्धार और नवीन जीवन की वास्तविकता प्रकट हो रही है?