रोमियों 5:20 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

व्यवस्था* बीच में आ गई कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहाँ पाप बहुत हुआ, वहाँ अनुग्रह उससे भी कहीं अधिक हुआ,

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रोमियों 5:20 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियों 5:20 — व्यवस्था के बीच अनुग्रह की अधिकता

यह प Verse बताता है कि पाप के फैलाव के बावजूद परमेश्वर का दया-आकलन कितना अधिक है। जब कानून (व्यवस्था) ने संवैधानिक अवरोध समेटे, तब अपराध बढ़े, परन्तु अग्रिम दया और अनुग्रह का साठा भी विपरीत परिणामों से अधिक शक्तिशाली रहा। यह वाक्य पौलुस के तर्क को सार रूप में प्रस्तुत करता है: पाप बराबर बढ़े, पर अनुग्रह उससे भी अधिक बढ़ा।

ईश्वर या विश्वास के बारे में यह टेक्स्ट क्या बताता है

इस उपदेश से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर ने पाप के अधिकार को चुनौती दी है। कानून से अपराध की परिधि खुलती है और इंसान दोषी ठहरता है, किन्तु उसी कानून की आवश्यकता के कारण अनुग्रह की जरूरत भी उजागर होती है, ताकि पाप पर विजय हो सके। गहरे में यह संदेश है: परमेश्वर का अयाचित प्रेम, पाप के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए भी, मनुष्य के लिए उद्धार का रास्ता खोलता है।

महत्वपूर्ण शब्दों/छवियाँ

  • : परमेश्वर की नैतिक व्यवस्था जो हमारी अवहेलना अधिक करती है और अपराध को स्पष्ट कर देती है।
  • : परमेश्वर का अद्भुत प्रेम, जो पाप की सीमा से ऊपर उठकर पापी के लिए उद्धार का रास्ता बनाता है।
  • : यह संतुलन बताता है—जहाँ कानून ने अपराध को उजागर किया, वहाँ अनुग्रह ने उसे दूर किया और उद्धार प्रदान किया।

संबंधित पवंदियां (Cross-references)

1) रोमियों 3:20 — कानून की निष्कपटता दिखाती है कि कर्म के अनुसार नहीं, बल्कि विश्वास से न्याय प्राप्त होता है; यह दर्शाता है कि अनुग्रह कैसे कानून की सीमा को पार कर देता है।

2) बेपट 2:24 — परमेश्वर के बेटे यीशु के चढ़ावे से पाप का दंड दूर होता है; अनुग्रह का महत्त्व उद्धार की दिशा दिखाता है।

3) यूहन् 1:16 — ग्रेस upon grace की धारणा स्पष्ट करती है कि परमेश्वर का अनुग्रह और अधिकता से आकर हमारी ज़िन्दगी में परिवर्तन लाता है।

क्या कहता है इन माध्यमों का सार

मैथ्यू हेनरी, अलेक्टर बार्न्स और एडम क्लार्क ने व्यवस्था-अनुग्रह के टकराव को संतुलित ढंग से समझाया है: कानून पाप की वास्तविकता को उजागर करता है, परन्तु अनुग्रह परमेश्वर के प्रेम को प्रकट करता है जो पाप से भी अधिक बढ़कर उद्धार देता है। (नोट: नीचे उद्धृतข้อ उद्धरण केवल संकलित टिप्पणी से सम्बद्ध हैं.)

उल्लेखन: यदि आप चाहें, तो मैं इन चरणों के लिए उनके प्रकाशित टिप्पणी-उद्धरणों के छोटे-छोटे अंश दे सकता/सकती हूँ।

आज के जीवन में प्रयोग

  • अपनी गलतियों के बावजूद, परमेश्वर की अनुग्रह में आशा रखें—क्योंकि उसका पाप पर विजय का उपाय अधिक है।
  • विश्वास में स्थिर रहें: कानून की सख्ती से डरने के बजाय, अनुग्रह के मुक्त करने वाले हाथों पर भरोसा करें।
  • दूसरों के लिए दयालु बनें—जैसे अनुग्रह आपके जीवन में बहता है, वैसी ही दयालुता दूसरों तक पहुँचती रहे।

संक्षेप में, रोम 5:20 का संदेश है कि पाप की बढ़ोतरी के बावजूद परमेश्वर का अनुग्रह उससे कहीं अधिक है, और यह उद्धार की पूर्ण कुंजी है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 5:20 समानांतर पद और संबंधित वचन

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