Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरोमियों 5:11 बाइबल पद की व्याख्या
रोमियों 5:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और केवल यही नहीं, परन्तु हम अपने प्रभु यीशु मसीह के द्वारा, जिसके द्वारा हमारा मेल हुआ है, परमेश्वर में आनन्दित होते हैं।
रोमियों 5:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रोमियों 5:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 कुरिन्थियों 5:18 (HINIRV) »
और सब बातें परमेश्वर की ओर से हैं*, जिस ने मसीह के द्वारा अपने साथ हमारा मेल मिलाप कर लिया, और मेल मिलाप की सेवा हमें सौंप दी है।

रोमियों 5:10 (HINIRV) »
क्योंकि बैरी होने की दशा में उसके पुत्र की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ, फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएँगे?

रोमियों 5:11 — इस verse का महत्व और संदर्भ
यह वचन बताता है कि मेरे और परमेश्वर के बीच मेल (reconciliation) होने के बाद, हम अब वैर नहीं बल्कि आनन्दित होते हैं, क्योंकि यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर से हमारा संबंध सुरक्षित है। इसका संदेश हमारे जीवन में शांति, विश्वास और आशा का आधार बनाता है।
पुष्टि: ग्रंथ-संदर्भ के भीतर का संदर्भ
रोमियों के पहले अध्याय में पाप की समस्या और इब्रानी दृष्टिकोण से न्याय की चाह समाज के भीतर फैली है। अध्याय 5 में Paul दिखाते हैं कि यीशु के निष्कलंक बलिदान के द्वारा हमें परमेश्वर के साथ मेल हुआ है, और यह मेल हमारे भीतर आशावादी-अनुग्रह का प्रवेश-पथ बनाता है। इस विशेष पद में, मेल होने से पहले की दशा—घात और दूरी—के बदले अब एक नई अवस्था है: प्रभु यीशु के द्वारा परमेश्वर में आनन्द।
मुख्य संदेश
पवित्र ग्रंथ से जुड़ी अर्थगति
यहाँ “मेल” शब्द को Paul ने स्वर्गीय से जुड़ाव और नई स्थिति कहा है—पाप के कारण आई दूरी अब दूर हुई है क्योंकि मसीह ने खून बहाकर हमारा बदला चुका दिया। “जो नवीन जीवन की आशा है” वह केवल व्यक्तिगत सुधार नहीं, बल्कि परमेश्वर के क्रिया-कार्य का परिणाम है जो हमारे विश्वास से सक्रिय होता है।
कौन-से प्रभावी थीम इस पाठ में उभरते हैं
1) शांति और आनन्द: मेल के परिणामस्वरूप हमारे भीतर परमेश्वर के प्रति संतोष और joy भरता है।
2) सामाजिक-उद्धार: मेल एक व्यक्तिगत अनुभव होने के साथ-साथ समुदाय के बीच भी नवीन रिश्ते बनाता है—ख़ासकर भाइयों के बीच शांति।
3) उद्धार की सुरक्षा: यीशु के द्वारा दिया गया मेल स्थिर और अटल है; हमें बारम्बार की चिंता से मुक्त करता है।
cross-reference (संकेत-तत्व) — संक्षिप्त व्याख्या
1) Romans 8:1-2 — आत्मा के प्रभाव से जीवनगत स्वतंत्रता और शांति का अनुभव एक नया प्रकार का मेल है, जो पाप की दासता को हटाता है।
2) Ephesians 2:14-18 — चर्च के भीतर मेल की एकता, अलग-अलग समूहों के बीच की दीवार गिरना, और एक नई मानवजाति का निर्माण।
3) Colossians 1:20-22 — दुष्ट शक्तियों की सत्ता के विरुद्ध खून के द्वारा मेल बना—परमेश्वर के साथ पुनःस्थापना का तथ्य।
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि मेल केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं, बल्कि समुदायिक और cosmic स्तर पर उद्धार का मार्ग है।
प्रेरक अंतर्मनः एक संक्षिप्त devotional विचार
जीवन की भाग-दौड़ में कभी-कभी हम विचलित हो जाते हैं और अपने आप को परमेश्वर से दूर पाते हैं। रोमियों 5:11 हमें पुनः याद दिलाता है कि यीशु के द्वारा मेल इतना गहरा है कि अब हम परमेश्वर के साथ आनंदित हो सकते हैं। हर बार जब हम विचारते हैं, “मैं कैसे परमेश्वर के प्रेम में सुरक्षित हूँ?”—तब यह वचन हमें एक नई आशा देता है कि मेल केवल theological सिद्धांत नहीं, वरन् वर्तमान अनुभव है। आत्मा की प्रेरणा से, चलिए इस मेल को हर दिन जीते रहें: बहुधा अपने दैनिक कदमों में परमेश्वर के साथ निकटता की अनुभूति करें, और दूसरों के साथ भी वही आनंद बाँटें।
उद्धृत उद्धरण: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के उनके सारग्रहण टिप्पणियों में प्रयुक्त एक-हमेशा याद रहने वाला संकेतक विचार: मायने यही है कि मेल से परमेश्वर के आनंद और शांति का अनुभव हमारे जीवन की मूल धूरी बनता है (उद्धरण पाठ के बिना, उनके चिंतन से संचयनित विचार)।