Old Testament
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रोमियों 5:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जिसके द्वारा विश्वास के कारण उस अनुग्रह तक जिसमें हम बने हैं, हमारी पहुँच* भी हुई, और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करें।
रोमियों 5:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रोमियों 5:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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इफिसियों 2:18 (HINIRV) »
क्योंकि उस ही के द्वारा हम दोनों की एक आत्मा में पिता के पास पहुँच होती है।

1 कुरिन्थियों 15:1 (HINIRV) »
हे भाइयों, मैं तुम्हें वही सुसमाचार बताता हूँ जो पहले सुना चुका हूँ, जिसे तुम ने अंगीकार भी किया था और जिसमें तुम स्थिर भी हो।

रोमियों 5:2 का संदर्भ וה अर्थ
पदोन्नति के क्रम में पवित्र परमेश्वर के अनुग्रह तक पहुँच हमें विश्वास के द्वारा मिली है। रोमियों 5:2 में प्रेरित पॉल बताते हैं कि किन कारणों से हम भय से नहीं, बल्कि आशा की घमण्ड के साथ परमेश्वर की महिमा में खड़े रहते हैं। यह अनुभूति हमारे जीवन में प्रेम, धैर्य और विश्वास के प्रकटन को उजागर करती है—जब हमने मसीही विश्वास के कारण अनुग्रह को स्वीकार किया, तब हमारे पास एक स्थिर पहुँच और एक उज्जवल उम्मीद है।
मुख्य विचार
मुख्य संदेश यह है कि विश्वास के कारण हमें अनुग्रह तक पहुँच प्राप्त होती है, और यह पहुँच परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करने योग्य बनाती है। इस आशा का केन्द्रक तत्व यह है कि भविष्य में परमेश्वर के उद्धार के काम का भागीदार हम बने रहते हैं और अब भी उसके अनुग्रह के प्रभाव में हैं।
दो-तीन प्रमुख विषय
अन्य पाठों से सम्बद्ध संदर्भ
– उन्नयन के लिए विश्वास और अनुग्रह पर एक साथ जोर देने वाले अन्य आयत: रोमियों 3:24-26 और 8:24-25; टीतुस 2:11-13। इन स्थानों में दिखाया गया है कि अनुग्रह कैसे हमारे उद्धार का स्रोत है और कैसे आशा को पुष्ट किया जाता है।
व्यावहारिक चिंतन
हमारी दैनिक जिन्दगी में यह संदेश इस प्रकार प्रकट होता है: जब मानसिक दबाव, दुःख या सांसारिक खामियाँ सामने हों, तब भी विश्वास के कारण हम परमेश्वर की महिमा की आशा पर टिके रहते हैं। यह आशा हमें धैर्य, सेवाभाव और स्थिरता प्रदान करती है—हम दूसरों के लिए प्रेरणा बनते हैं और अपने जीवन में ईश्वरीय प्रतिफल देखने की प्रतीक्षा करते हैं।
संक्षिप्त समापन
रोमियों 5:2 कहता है कि विश्वास के कारण प्राप्त हुआ अनुग्रह हमें पहुँच देता है और परमेश्वर की महिमा की आशा पर घमण्ड करना सीखाता है। यह घमण्ड मात्र अंकों की नहीं, बल्कि एक जीवित विश्वास का प्रतीक है जो हमें उद्धार की पुष्टि और भविष्य की महिमा की उम्मीद देता है।
सूक्ष्म संदर्भ संकेत
जो दृष्टिकोण पवित्रशास्त्र ने इस अंश में प्रस्तुत किया है, उसे पुराने और नए नियम के अन्य हिस्सों के साथ जोड़ना संतोषजनक रहता है—विश्वास, अनुग्रह और आशा तीनों एक साथ चलते हैं ताकि भक्त जीवन में स्थिरता और नम्रता के साथ परमेश्वर के कार्य को देख सके।