रोमियों 5:16 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्योंकि एक ही के कारण दण्ड की आज्ञा का फैसला हुआ, परन्तु बहुत से अपराधों से ऐसा वरदान उत्‍पन्‍न हुआ कि लोग धर्मी ठहरे।

पिछला पद
« रोमियों 5:15
अगला पद
रोमियों 5:17 »

रोमियों 5:16 पद-दर-पद बाइबल टीका

रोमियों 5:16 परिदृश्य और संदेश

रोमियों 5:16 में पाप के एक ही परिणाम के विरुद्ध दान की अनुग्रह की विपरीत गाथा प्रस्तुत है—जहाँ पहलीAdam के पाप से दण्ड का एक निर्णायक परिणाम आता है, वहीं नए दाय से बहुत से अपराधों के बावजूद एक वरदान उत्पन्न हुआ जो हमें धर्मी ठहराता है। यह वाक्य पौलुस के दृष्टिकोण का एक केंद्रबिंदु है: धर्म और उद्धार का स्रोत एक ही परमेश्वर की अनुग्रहपूर्ण योजना है, जिसमें पाप के कारण होने वाला दण्ड और विश्वास के द्वारा मिलने वाला न्याय दोनों एक दिशा में काम करते हैं।

केंद्र बिंदु

यह पंक्ति बताती है कि परमप्रधान ईश्वर की योजना में, पाप के परिणामों के कारण जो दण्ड आया, वही एक मात्र कारण नहीं कि दान भी असमर्थ रहे; बल्कि पाप एक ही कारण से दण्ड देता है, परन्तु विश्वास में आने पर दान का भंडार अधिक बहुगुणित होकर जुड़ जाता है। इस तुलना से यह स्पष्ट होता है कि दान का प्रभाव केवल बराबरी की राहत नहीं देता, बल्कि धर्मी ठहराने का एक नया स्तर स्थापित करता है, जो पाप के कारण पहले से अनुमेय नहीं था।

दो-तीन प्रमुख थीम

  • अनुग्रह बनाम दण्ड: एक ही कारण के बावजूद दो विपरीत परिणाम—पाप के कारण दण्ड और दाने के कारण जीवन-धर्माधिकार।
  • आदेश बनाम वरदान: कानून के द्वारा दण्ड तय होता है, परन्तु विश्वास के द्वारा दान मिलता है, जो धर्म की स्थिति को नयी दिशा देता है।
  • नया आयाम: पहले से कुछ लोग केवल पाप से छूटे नहीं, बल्कि अब वे ईश्वर के सम्मुख धर्मी ठहरते हैं—यह उद्धार की विशिष्ट परियोजना है।

संबंधित पाठ

इस विचारधारा को समझाने के लिए कुछ दृश्य संदर्भ उपयोगी हैं:

  • रोमियों 3:24-25—तर्क: दया और विश्वास के साथ धर्मी ठहरना; दान की ता कि उद्धार हो।
  • रोमियों 6:14—ग्रहणीय जीवन: पाप डरावना नहीं, क्योंकि आप दान के अधीन रहते हैं।
  • याकूब 2:24—कार्य और विश्वास का संयुक्त प्रमाण: तत्काल धर्मी ठहरना मात्र विश्वास पर निर्भर।

इन संदर्भों से समझ आता है कि पवित्र लेखन एक संतुलन प्रदर्शित करता है—पाप से दण्ड और दान से धर्मी ठहरना एक ही ईश्वरीय पहल से नियंत्रित होते हैं।

व्यावहारिक चिंतन

किसी भी दिनचर्या में इस वचन से प्रेरणा लें: जब हमें एहसास होता है कि हमने पाप किया है, तो आशा का मार्ग है—ईश्वर की अनुग्रह से उद्धार संभव है। जीवन के हर क्षेत्र में धर्मी व्यवहार का निरंतर अभ्यास करें, क्योंकि दान केवल एक बिंदु नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है जो विश्वास पर स्थिर रहती है।

सीधे निष्कर्ष

रोमियों 5:16 सिखाता है कि पाप के कारण दण्ड और दान के कारण धर्मी ठहरना एक ही ईश्वरीय योजना के दो परिणाम हैं। यह अनुग्रह का महान विधान है: एक जन्म से नहीं, परन्तु विश्वास से—हम परमेश्वर की पुण्यताओं में पुनः जीवित होते हैं।

संक्षिप्त उद्धरण उल्लेख

यदि उपलब्ध हो, नीचे पवित्र-लेखन पर आधारित पुराने सार्वजानिक टिप्पणीकारों के सीधे उद्धरणों के लिए संकेत दिया जाएगा: मैथ्यू हेनरी, अल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के संक्षिप्त शब्द।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

रोमियों 5:16 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यशायाह 1:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 1:18 (HINIRV) »
यहोवा कहता है, “आओ*, हम आपस में वाद-विवाद करें: तुम्हारे पाप चाहे लाल रंग के हों, तो भी वे हिम के समान उजले हो जाएँगे; और चाहे अर्गवानी रंग के हों, तो भी वे ऊन के समान श्वेत हो जाएँगे।

प्रेरितों के काम 13:38 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
प्रेरितों के काम 13:38 (HINIRV) »
इसलिए, हे भाइयों; तुम जान लो कि यीशु के द्वारा पापों की क्षमा का समाचार तुम्हें दिया जाता है।

उत्पत्ति 3:6 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 3:6 (HINIRV) »
अतः जब स्त्री ने देखा* कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उसमें से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, जो उसके साथ था और उसने भी खाया। (1 तीमु. 2:14)

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें