Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
यशायाह 1 यशायाह 2 यशायाह 3 यशायाह 4 यशायाह 5 यशायाह 6 यशायाह 7 यशायाह 8 यशायाह 9 यशायाह 10 यशायाह 11 यशायाह 12 यशायाह 13 यशायाह 14 यशायाह 15 यशायाह 16 यशायाह 17 यशायाह 18 यशायाह 19 यशायाह 20 यशायाह 21 यशायाह 22 यशायाह 23 यशायाह 24 यशायाह 25 यशायाह 26 यशायाह 27 यशायाह 28 यशायाह 29 यशायाह 30 यशायाह 31 यशायाह 32 यशायाह 33 यशायाह 34 यशायाह 35 यशायाह 36 यशायाह 37 यशायाह 38 यशायाह 39 यशायाह 40 यशायाह 41 यशायाह 42 यशायाह 43 यशायाह 44 यशायाह 45 यशायाह 46 यशायाह 47 यशायाह 48 यशायाह 49 यशायाह 50 यशायाह 51 यशायाह 52 यशायाह 53 यशायाह 54 यशायाह 55 यशायाह 56 यशायाह 57 यशायाह 58 यशायाह 59 यशायाह 60 यशायाह 61 यशायाह 62 यशायाह 63 यशायाह 64 यशायाह 65 यशायाह 66



यशायाह 32:17 का अर्थ
इस पद का सार है: धर्म का व्यवहार और नैतिकता शांति और स्थिर चैन के साथ फलते-फूलते हैं; जो प्रभावी तरीके से जीवन की सदा के सुख और निश्चिन्तता को बनाते हैं।
पृष्ठभूमि
यशायाह के भाग 28–32 में भविष्य के निर्णयों और उद्धार की दिशा में संकेत मिलते हैं। यहां लोग धार्मिक दिखावा के बजाय अंतरमन की उज्ज्वलता के बारे में पूछते हैं। बुरे समय के बीच नयी नीति और न्याय की वास्तविकता उभरती है: धर्म की आन्तरिक प्रतिज्ञा और व्यवहारिक नैतिकता—ये शांति के निर्माण के प्रमुख तत्व हैं।
व्याख्यात्मक अवलोकन
छोटे विषय-वाक्य (थीमेटिक पॉइंट्स)
अनुषंगिक संदर्भ (Cross-references)
रोम 14:7 — व्यक्तिगत स्वतंत्रता के कारण सामाजिक शांति को बनाए रखने की exhortation; यशायाह 32:17 के अनुसार धर्म-फल से कुल मिलाकर शांति प्राप्त होती है।
याकूब 3:18 — शांतिपूर्ण व्यवहार से दैवी-प्रेरित धर्म का फल प्रकट होता है; हिंसा नहीं, पर नैतिकता और प्रोत्साहन।
यशायाह 11:4–5 — वैकल्पिक भविष्य में न्याय और धर्म के सत्य से शांति का विस्तार; यह पाठ चरित्र को ऊँचाई देता है।
पक्का निष्कर्ष और व्यावहारिक अनुशासन
यदि हम अपने आचरण में सत्य, दया और निष्कपट व्यवहार को केंद्रित करें, तो जीवन में शांति और चैन प्राकृतिक रूप से बनेंगे। यह धर्म का फल है—न कि सूचनात्मक ज्ञान से प्राप्त होकर भी व्यवहार में नहीं उतरे। आध्यात्मिक स्थिरता के लिए Prayers, सचेत नैतिक निर्णय, और समाज के लिए न्यायपूर्ण व्यवहार अपनाने चाहिए।
टिप्पणीकारों से छोटी-छोटी टिप्पणियाँ
एडम क्लार्क और अल्बर्ट बर्नेज़ के विचार इस बात पर सहमत हैं कि बाहरी दिखावे से अधिक आंतरिक परिवर्तन शांति की कुंजी है। हार्मनी के साथ, वे भी यह मानते हैं कि धर्म का क्रियात्मक परिणाम समुदाय के भीतर शांति और स्थिरता लाता है।