Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरोमियों 12:4 बाइबल पद की व्याख्या
रोमियों 12:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि जैसे हमारी एक देह में बहुत से अंग हैं, और सब अंगों का एक ही जैसा काम नहीं;
रोमियों 12:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रोमियों 12:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

1 कुरिन्थियों 12:12 (HINIRV) »
क्योंकि जिस प्रकार देह तो एक है और उसके अंग बहुत से हैं, और उस एक देह के सब अंग, बहुत होने पर भी सब मिलकर एक ही देह हैं, उसी प्रकार मसीह भी है।

इफिसियों 4:15 (HINIRV) »
वरन् प्रेम में सच बोलें और सब बातों में उसमें जो सिर है, अर्थात् मसीह में बढ़ते जाएँ,

वाक्य का स्पष्ट उद्देश्य
रोमियों 12:4 के अनुसार परमेश्वर के परिवार में प्रत्येक सदस्य एक अलग, पर एक ही समुदाय के अंग के समान है। हमारे एक देह में अनेक अंग होते हैं और हर अंग का अपना खास उद्देश्य होता है; इसलिए एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना अनिवार्य है।
पृष्ठभूमि और पाठ का संदर्भ
पुलकित रोमियों के पाठ में पॉल यीशु मसीह में एक नई ऐसी जिंदगी की चर्चा करते हैं where विश्वासियों के बीच विविधता पर आधारित समर्पण और सेवा की जरूरत है। 12 अध्याय के यह हिस्से एक सकारात्मक सामाजिक जीवन को दर्शाता है, जहाँ हर व्यक्ति को अपनी सहभागिता और कर्तव्य समझना है। यह पद चर्च के भीतर एकीकृत सेवाभाव की प्रेरणा देता है—अलग-अलग gifts के बावजूद एक ही शरीर का भाग बनने की शिक्षा।
व्याख्यात्मक बिंदु
2-3 मुख्य विचार (थीमैटिक बिंदु)
संदर्भ-युग्म (Cross-references) और संक्षिप्त स्पष्टीकरण
पक्का व्यवहारिक निष्कर्ष
चर्च या समुदाय के भीतर अपनी विशेषताओं और प्रतिभाओं को पहचानकर दूसरों के साथ विनम्रता और सहयोग से काम करें। हर अंग की जरूरत को मानें, ताकि पूरे शरीर में प्रेम, उपयोगिता और उच्च उद्देश्य एक साथ आगे बढ़ें।
उद्धृत विचारधारा: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke की परंपरागत टिप्पणियाँ में यह विचार प्रकट होता है कि विविधता में भी एकता बनाए रखना ही असली सृष्टि-जीवन है; इनती टिप्पणी में से कभी-कभी छोटी-सी पुष्टि के रूप में एक-एक लाइन उद्धृत होती है।
अनुवादित जीवन-जागृति: अपनी भूमिका समझकर समुदाय-सेवा में भाग लें; बिना दावे-તित हुए एक दूसरे के अंग बनते रहें।