Old Testament
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1 पतरस 1:23 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
क्योंकि तुम ने नाशवान नहीं पर अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीविते और सदा ठहरनेवाले वचन के द्वारा नया जन्म पाया है।
1 पतरस 1:23 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 पतरस 1:23 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 पतरस 1:3 (HINIRV) »
हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर और पिता का धन्यवाद हो, जिसने यीशु मसीह को मरे हुओं में से जी उठने के द्वारा, अपनी बड़ी दया से हमें जीवित आशा के लिये नया जन्म दिया,

इब्रानियों 4:12 (HINIRV) »
क्योंकि परमेश्वर का वचन* जीवित, प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत तेज है, प्राण, आत्मा को, गाँठ-गाँठ, और गूदे-गूदे को अलग करके, आर-पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जाँचता है। (यिर्म. 23:29, यशा. 55:11)

यूहन्ना 1:13 (HINIRV) »
वे न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से, परन्तु परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं।
नया जन्म: अविनाशी बीज से परमेश्वर के जीवित वचन के द्वारा
मुख्य interpretive बिंदु: पतरस यह बताता है कि हमारा नया जन्म परमेश्वर के जीवित और कभी नष्ट न होने वाले वचन से होता है, न कि नाशवान कहे जाने वाले पदार्थों से। यह वचन वह बीज है जो हमारे भीतर एक स्थिर, पवित्र जीवन को जन्म देता है और हमें अंततः परमेश्वर के सामने ठहरने योग्य बनाता है।
साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी कॉन्टेक्स्ट)
1 पतरस 1 के संदर्भ में—जो शैतान के झूसे से दूर रहने वाली आशा और पवित्र आस्थाओं पर केंद्रित है—यह वचन बताता है कि हमारी नई जड़ें विश्वासी के भीतर किस प्रकार दृढ़ हैं। तीसरे अध्याय में प्रेरित पतरस हमें सचेत करते हैं कि अचल, अविनाशी बीज से जन्म लेना एक सकल परिवर्तन है, जो हमारा दैहिक जन्म नहीं, बल्कि आत्मिक पुनर्जन्म है। यह बीज परमेश्वर के अभिप्राय और प्रेम की मुहल्लत है, जो हमारे जीवन को नई दिशा देता है।
धर्मशास्त्रीय महत्व
यह वचन यह स्पष्ट करता है कि वैचारिक-विकास से अधिक महत्त्वपूर्ण है आस्तिक-जीवन की परिवर्तनशील प्रकृति—नया जन्म एक दिव्य क्रिया है जिसमें परमेश्वर स्वयं अग्रसर होते हैं। इस पुनर्जन्म से हमारा अस्तित्व शुद्ध, पवित्र और स्थायी बनता है। यह आश्वासन देता है कि हमारे उद्धार की नींव न नश्वर पदार्थों पर है, बल्कि परमेश्वर के स्थिर, जीवित वचन पर है।
क्रॉस-रेफरेंसेस (संकेतित सार, पूर्ण पद न दें)
इन प्रमुख संदर्भों में प्रयुक्त विचार परमेश्वर के वचन की प्रभावशीलता और जन्म-परिवर्तन की प्राथमिकता पर जोर देते हैं।
वचनात्मक-विवेचन (एकीकृत विचारधारा)
हमें यह समझना चाहिए कि अविनाशी वचन वह संकल्प है जो समय के साथ नहीं स्खलित होता। यह जीवन के हर क्षेत्र में नवीनता और दृढ़ता देता है—आस्था, चरित्र, और सेवा के लिए प्रेरणा। बीज की तरह, यह भीतर पैठ बनाते हुए हमारे व्यवहार को दिशा देता है; यह हमें पाप की प्रलोभन से परे उठाकर नये रूप में बनाता है।
आत्मिक अभ्यास के लिए प्रश्न
संक्षिप्त निष्कर्ष
1 पतरस 1:23 बताता है कि हमारा नया जन्म एक दिव्य, अचल बीज—परमेश्वर के जीवित वचन—के द्वारा होता है, न कि मनुष्यों के पदार्थों से। यह आत्मिक पुनर्जन्म हमें पवित्रता, स्थिरता और आशा प्रदान करता है। जैसे बीज, जो मरकर भी मिट्टी में पोषित होकर नई वृद्धि देता है, वैसे ही परमेश्वर का वचन हमारे जीवन में नया जीवन संरचना बनाता है।
महत्वपूर्ण उद्धरण संकेत—यदि उपलब्ध हों, नीचे के अनुभाग में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की प्रत्यक्ष संक्षिप्त उद्धरणों के साथ उल्लेख किया जाएगा.
उद्धृत प्रकाशन से संक्षेपित विचार: पुराने टुकड़ों में इन टिप्पणीकारों ने यह दिखाने की कोशिश की है कि यह परिवर्तन मात्र तात्कालिक नहीं, बल्कि स्थायी है; वचन का बीज समय के अनुसार परिपक्व होता है और विश्वास के साथ फल देता है।