Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 1:1 यूहन्ना 1:2 यूहन्ना 1:3 यूहन्ना 1:4 यूहन्ना 1:5 यूहन्ना 1:6 यूहन्ना 1:7 यूहन्ना 1:8 यूहन्ना 1:9 यूहन्ना 1:10 यूहन्ना 1:11 यूहन्ना 1:12 यूहन्ना 1:13 यूहन्ना 1:14 यूहन्ना 1:15 यूहन्ना 1:16 यूहन्ना 1:17 यूहन्ना 1:18 यूहन्ना 1:19 यूहन्ना 1:20 यूहन्ना 1:21 यूहन्ना 1:22 यूहन्ना 1:23 यूहन्ना 1:24 यूहन्ना 1:25 यूहन्ना 1:26 यूहन्ना 1:27 यूहन्ना 1:28 यूहन्ना 1:29 यूहन्ना 1:30 यूहन्ना 1:31 यूहन्ना 1:32 यूहन्ना 1:33 यूहन्ना 1:34 यूहन्ना 1:35 यूहन्ना 1:36 यूहन्ना 1:37 यूहन्ना 1:38 यूहन्ना 1:39 यूहन्ना 1:40 यूहन्ना 1:41 यूहन्ना 1:42 यूहन्ना 1:43 यूहन्ना 1:44 यूहन्ना 1:45 यूहन्ना 1:46 यूहन्ना 1:47 यूहन्ना 1:48 यूहन्ना 1:49 यूहन्ना 1:50 यूहन्ना 1:51



यूहन्ना 1:13 पर नया दृष्टिकोण: किसने जन्म दिया?
यह वचन बताता है कि ईश्वर के बच्चों की बाई-बाय-पैदा करने वाली शक्ति कहाँ से आती है। न तो लहू से, न शरीर की इच्छा से, न मनुष्य की इच्छा से—बल्कि परमेश्वर से उत्पन्न हुए हैं। यह विचार हमारे आध्यात्मिक जन्म के स्रोत को स्पष्ट करता है: ईश्वर के काम से, निर्भरता और कृपा के द्वारा। यह verse विश्वस्त मानव की जन्म-स्थिति के आधार को दखना कर देता है—हमारे प्राकृतिक जन्म से ऊपर एक नया जन्म, परमेश्वर के कार्य से, जो जीवन की वास्तविक पहचान बनता है।
पारस्परिक संदर्भ और मूल संदर्भ
यह वाक्य यूहन्ना 1 के प्रारम्भिक परिप्रेक्ष्य में आता है, जहाँ प्रेरित यूहन्ना मसीह के प्रकाशन और विश्व को जीवन-उत्पत्ति की बात करते हैं। “जो नहीं जन्मे परमेश्वर से” का विचार वह है जो यीशु के प्रेरितों को नई उम्मीद और नया जीवन प्रदान करता है—एक ईश्वर-निर्मित जन्म, मानव की प्रकृति के बजाय परमेश्वर की कृपा से।
मुख्य संदेश
अनुबंधित थीम्स तथा सिन्थेसिस
यह आयाम तीन प्रमुख स्रोतों से समझ सकते हैं:
Cross-References और उनके संक्षिप्त अर्थ
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि नया जन्म कौन सा स्रोत है और यह कैसे निर्णायक है:
इन बाइबिलिक संदर्भों से स्पष्ट होता है कि जन्म-स्थिति हमारे उत्पादन के स्रोत से जुड़ी है, न कि हमारे विचार-कार्य या जन्मजात वृद्धि से।
पौराणिक कर्म-निष्कर्ष: एक देवदार्शनिक अवलोकन
जैसा किMatthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke ने सामान्य रूप से कहा है, यह वचन यह दिखाता है कि आत्मिक जीवन परमेश्वर के कृपा-केन्द्रित जन्म से शुरू होता है, और मनुष्यों की योग्यता या अन्य जन्म-उत्पत्ति से नहीं बन सकता। अगर एक उद्धरण चाहिए, तो वे कहते हैं कि यह नया जन्म ईश्वर की अग्नि से आता है, न कि हमारे अपने प्रयास से।
संक्षिप्त, व्यवहारिक दुआ-योगदान
इस वचन के साथ प्रार्थना करें: हे प्रभु, मुझे अपने जी-जीवन के लिए नया जन्म दे, ताकि मैं与你 के ही पुत्र बन जाऊँ। कृपा से मुझे अपने राज्य के सदस्य के रूप में स्थिर बना और मेरी पहचान तुझे ही दिखाए।
देवotional अंतु-उद्धरण
यह पंक्तियाँ हमें बताती हैं कि सतत विश्वासी जीवन ईश्वर के जन्म से शुरू होता है—हर दिन नया अवसर, नया जीवन और नई आशा।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यूहन्ना 1:13 लोग सोचते हैं कि जन्म कौन से स्रोत से हुआ—परन्तु यहाँ स्पष्ट है कि आत्मिक जन्म परमेश्वर की कृपा से होता है। यह जन्म हमें ईश्वर के परिवार का सदस्य बनाता है और यीशु मसीह के साथ नए जीवन की दिशा देता है।