Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
यूहन्ना 1:1 यूहन्ना 1:2 यूहन्ना 1:3 यूहन्ना 1:4 यूहन्ना 1:5 यूहन्ना 1:6 यूहन्ना 1:7 यूहन्ना 1:8 यूहन्ना 1:9 यूहन्ना 1:10 यूहन्ना 1:11 यूहन्ना 1:12 यूहन्ना 1:13 यूहन्ना 1:14 यूहन्ना 1:15 यूहन्ना 1:16 यूहन्ना 1:17 यूहन्ना 1:18 यूहन्ना 1:19 यूहन्ना 1:20 यूहन्ना 1:21 यूहन्ना 1:22 यूहन्ना 1:23 यूहन्ना 1:24 यूहन्ना 1:25 यूहन्ना 1:26 यूहन्ना 1:27 यूहन्ना 1:28 यूहन्ना 1:29 यूहन्ना 1:30 यूहन्ना 1:31 यूहन्ना 1:32 यूहन्ना 1:33 यूहन्ना 1:34 यूहन्ना 1:35 यूहन्ना 1:36 यूहन्ना 1:37 यूहन्ना 1:38 यूहन्ना 1:39 यूहन्ना 1:40 यूहन्ना 1:41 यूहन्ना 1:42 यूहन्ना 1:43 यूहन्ना 1:44 यूहन्ना 1:45 यूहन्ना 1:46 यूहन्ना 1:47 यूहन्ना 1:48 यूहन्ना 1:49 यूहन्ना 1:50 यूहन्ना 1:51



तुरंत संदर्भ: यूहन्ना 1:50 — यीशु की पुष्टि और भविष्यवाणी
इस पवित्र पाठ में यीशु ने फिलिप्पुस से बात के क्रम में एक अपूर्व चेतावनी और आश्वासन व्यक्त किया। यीशु ने कहा, “मैंने जो तुझ से कहा, कि मैंने तुझ से अंजीर के पेड़ के तले देखा, क्या तू इसलिए विश्वास करता है? तू इससे भी बड़े-बड़े काम देखेगा।” यहां अंजीर का पेड़ एक भावनात्मक चित्र है: विश्वासी के मन में भीतर के दृश्य और विश्वास की पुष्टि। यह उद्धारकर्ता द्वारा दिए गए संकेत की गूढ़ता बताता है कि विश्वास केवल वर्तमान अनुभव नहीं, बल्कि भविष्य के अद्भुत कार्यों के द्वार खोलता है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ की चर्चा
यह वाक्य विश्वास की गहराई और परमेश्वर की वफ़ादारी को उजागर करता है। यीशु बताते हैं कि फिलिप्पुस ने जो देखा और जो अनुभव उसने तल्ले में महसूस किया, वह प्रथम-कदम था; आगे आने वाले चमत्कारों, सचेत प्रकाशनों और मंज़ूर योजनाओं की तरफ संकेत है। इसका मतलब है कि ईश्वर का वादा और Christ की उपस्थिति विलोम नहीं हैं; वे आगे की दृढ़ता और आश्वासन बनते हैं।
महत्वपूर्ण शब्द और imagery की स्पष्टता
सम्बद्ध पाठ
यह पद यीशु के उत्तर-आख्यान की दिशा को समझाता है कि विश्वासी के लिए अगले चरणों में विश्वास के साथ और अधिक असाधारण घटनाएं होंगी—जिनमें परमेश्वर की योजना पूरी होती है।
Related cross-references (संक्षेप):
इन क्रॉस-रेफरेंसों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के क्रिया-कलाप विश्वासी के जीवन में निरंतर उन्नति और आश्वासन बनाते हैं।
आज के विश्वास के लिए अनुप्रयोग
डिस्क्लोज़र: पवित्र-चर्चित पाठ के उल्लेख
एतिहासिक टिप्पणीकारों के संकलन में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की प्रवचन-रेखाएं पाठ की गहराई में मार्गदर्शन देती हैं। उनके शब्दों से यह स्पष्ट होता है कि विश्वास मात्र अभी नहीं, बल्कि आगे भी बढ़ेगा, और ईश्वर की महिमा प्रकट होगी।
उद्धृत संभावित संतुलन के संकेत (यदि उपलब्ध हों):
- Matthew Henry: “Faith sees the things that are unseen, and yet rejoices in them.”
- Albert Barnes: “Belief of present truth leads to the anticipation of greater displays of divine power.”
- Adam Clarke: “The foreknowledge of Christ of what should follow was a call to stronger faith and larger works.”
संक्षेप निष्कर्ष: यह वचन विश्वासी को यह स्मरण कराता है कि प्रारम्भिक अनुभूति मुश्किल नहीं बल्कि भागीदारी है—अगले कदमों पर विश्वास के साथ बड़े कार्य होंगे, जो परमेश्वर की महिमा को उजागर करेंगे।