Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 पतरस 1:10 बाइबल पद की व्याख्या
1 पतरस 1:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसी उद्धार के विषय में उन भविष्यद्वक्ताओं ने बहुत ढूँढ़-ढाँढ़ और जाँच-पड़ताल की, जिन्होंने उस अनुग्रह के विषय में जो तुम पर होने को था, भविष्यद्वाणी की थी।
1 पतरस 1:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 पतरस 1:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

मत्ती 13:17 (HINIRV) »
क्योंकि मैं तुम से सच कहता हूँ, कि बहुत से भविष्यद्वक्ताओं और धर्मियों ने चाहा कि जो बातें तुम देखते हो, देखें पर न देखीं; और जो बातें तुम सुनते हो, सुनें, पर न सुनीं।

लूका 10:24 (HINIRV) »
क्योंकि मैं तुम से कहता हूँ, कि बहुत से भविष्यद्वक्ताओं और राजाओं ने चाहा, कि जो बातें तुम देखते हो देखें; पर न देखीं और जो बातें तुम सुनते हो सुनें, पर न सुनीं।”

लूका 24:25 (HINIRV) »
तब उसने उनसे कहा, “हे निर्बुद्धियों, और भविष्यद्वक्ताओं की सब बातों पर विश्वास करने में मन्दमतियों!
1 पतरस 1:10 का संदर्भ-विवेचन
संयोग और परिप्रेक्ष्य: पाठ का सीधा स्थान
यह पद उन भविष्यवक्ताओं के प्रयासों के बारे में बताता है जिन्होंने उद्धार के विषय में अनुमानित प्रकाशन और पुष्टि की प्रतीक्षा में गहन खोज की। वेदान्तपूर्ण शैली में ये भविष्यवाणी यह दर्शाती है कि उद्धार का विषय परमेश्वर की उदार कृपा से जुड़ा है, जिसे जानने की उत्कंठा ईमानदार विश्वासियों के भीतर धधकती रही। पवित्र लेखक पतरस स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि यीशु के समय से पहले की भविष्यवाणियाँ, जो अनुग्रह के विषय में थी, उनमें ईश्वर की योजना का भाग स्पष्ट था, और वे अब हमारे पास उनकी पूरी बनावट के साथ प्रवेश कर चुकी हैं।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ का प्रधान संदेश
इस पठन से हमें यह समझ में आता है कि उद्धार केवल ऐतिहासिक घटना नहीं है, बल्कि परमेश्वर की क्रिया-योजना का पूर्ण प्रकाशमान उदाहरण है जिसे पूर्वानुमानित रूप से पूजा जाने वाले उत्साह ने माना। यह भी दिखता है कि विश्वासियों के लिए उद्धार की विषय-वस्तु... वह अनुग्रह और कृपा है जो भविष्यवक्ताओं की दी हुई आशा के भीतर प्रकट होती है।
मुख्य शब्दों और चित्रों की व्याख्या
• उद्धार: वह परमेश्वर की कृपा से मिलने वाला मुक्तिदायक शांतन है, जो विश्वास के द्वारा प्राप्त होता है।
• भविष्यवाणी: ईश्वर की योजना के प्रकाशन, जिसे मानने और ग्रहण करने से उद्धार की वास्तविकता व्यक्त होती है।
• अनुग्रह: वह कृपा, जो मसीह के माध्यम से हम तक आती है और हमारे जीवन को बदल देती है।
अनुसंधान-उद्धरणयुक्त पंक्तियाँ और उनसे जुड़े विचार
यह पाठ पतरस की यह भावना दर्शाता है कि शास्त्र की अग्रिम भविष्यवाणियाँ केवल विद्वान विद्वानों तक सीमित नहीं थीं बल्कि दिमागों-मननों में खोजा गया सत्य थीं, जिसे अब हमारे सामने पूर्णता के साथ प्रकट किया गया है।)
अनुरूप क्रॉस-रेफरेंसे
उपरोक्त क्रॉस-रेफरेंसेस यह दिखाती हैं कि कैसे पुराने शास्त्र में पूर्वानुमान और नए-testament के साक्षी एक साथ एक ही उद्धार-ख़बर को उजागर करते हैं: जागृति, विश्वास और आस्था के लिए परमेश्वर की एकचित्त योजना।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
सार-संक्षेप: इस पद के पीछे की प्रेरणा यह है कि उद्धार ईश्वर की गहरी योजना का हिस्सा है, जिसे आने वाले समय से पहले से भी देखा गया और अब हमारे बीच पूरी तरह प्रकट हुआ है। पूर्ववर्ती भविष्यवाणियाँ अगरीकृत हो चुकी हैं, तो हमारे लिए यह जानना अत्यावश्यक है कि हमारा विश्वास उन अवसरों में वास्तविक जीवन बनाकर कैसे प्रकट होता है।
नोट: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध हैं यदि चाहें तो साथ जोड़े जाएँ; यहाँ संक्षेप में उनकी व्याख्या से प्रेरित, परन्तु गद्य में मौलिक कथन प्रस्तुत किया गया है।