Old Testament
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इब्रानियों 9:28 का उद्घरणात्मक दृश्य
पवित्र ग्रंथ बताता है: वही मसीह जो पहले बार प्रत्यक्ष पापों के लिए एक बार बलिदान हुआ, अब भी और आयेगा ताकि वे उद्धार पाएँ जो उसकी प्रतीक्षा करते हैं। यह उद्धार वाहक है जो नये संहिता के अंतर्गत विश्वासियों के लिए पूर्ण है।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ का संकेत
यह वाक्य परमेश्वर की कृपा और क्रिया-व्यवस्था को स्पष्ट करता है। क्रूस के बलिदान के प्रभाव से पाप के लिए एक बार की क्षमा संभव है, और इस क्षमा के परिणामस्वरूप उद्धार का आश्वासन बना रहता है—क्योंकि मसीह बार-बार नहीं बल्कि एक बार आया और एक बार के बलिदान से हमारी अवरोधक पाप-देह को सम्बोधित किया। वह फिर बिना पाप के लौटकर आएगा ताकि प्रत्यक्ष रूप से उद्धार को पूरी तरह प्रकट करे।
महत्वपूर्ण शब्दों और चित्रों کی स्पष्टता
संबंधित आयतें
1 पतरस 2:24 और तीतुस 2:13 इस घटनाक्रम को परिपूरक करते हैं। यह दिखाते हैं कि मसीह का क्रूसीय जीवन मानवीय पीड़ा को कवर करता है এবং उसकी पुनरावृत्ति से विश्व-उद्धार की आशा पुष्ट होती है।
आज के लिए व्यावहारिक आवेदन
सारांश
इब्रानियों 9:28 यह दर्शाता है कि मसीह का बलिदान एक बार हो कर पाप के कारण पैदा हुए निर्बलों को चुकाने के लिए पर्याप्त है, और उनका पुनरागमन उद्धार को पूर्ण करेगा। यह विश्वासियों को एक स्थिर आशा देता है कि जहाँ भी वे हों, प्रभु की प्रतीक्षा और उद्धार उनकी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि उनकी जीवनशैली है।
नीचे उद्धरण के लिए ध्यान दें: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों से जहां संभव हो, उनके मौखिक संदेशों के संक्षिप्त और आवश्यक अंश दिए गए हैं. यदि उनके ठोस वाक्य उद्धृत होते हैं, उनके स्पष्ट संकेत यहाँ प्रस्तुत हैं:
Matthew Henry से संक्षिप्त मिलान (उद्धृत विचार): “Christ died once for sins”—घटना की एक-दिशा और पूरी-कामयाब सफलता का उल्लेख है।
Albert Barnes से संक्षिप्त मिलान (उद्धृत विचार): बलिदान का प्रभाव सार्वभौमिक है और पुनरागमन उसे पूर्णता देता है।
Adam Clarke से संक्षिप्त मिलान (उद्धृत विचार): मसीह का दोहराव नहीं होता; एक बार हुआ बलिदान और उद्धार का पूर्ण अभिव्यक्ति है।