Old Testament
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1 कुरिन्थियों 12:1 1 कुरिन्थियों 12:2 1 कुरिन्थियों 12:3 1 कुरिन्थियों 12:4 1 कुरिन्थियों 12:5 1 कुरिन्थियों 12:6 1 कुरिन्थियों 12:7 1 कुरिन्थियों 12:8 1 कुरिन्थियों 12:9 1 कुरिन्थियों 12:10 1 कुरिन्थियों 12:11 1 कुरिन्थियों 12:12 1 कुरिन्थियों 12:13 1 कुरिन्थियों 12:14 1 कुरिन्थियों 12:15 1 कुरिन्थियों 12:16 1 कुरिन्थियों 12:17 1 कुरिन्थियों 12:18 1 कुरिन्थियों 12:19 1 कुरिन्थियों 12:20 1 कुरिन्थियों 12:21 1 कुरिन्थियों 12:22 1 कुरिन्थियों 12:23 1 कुरिन्थियों 12:24 1 कुरिन्थियों 12:25 1 कुरिन्थियों 12:26 1 कुरिन्थियों 12:27 1 कुरिन्थियों 12:28 1 कुरिन्थियों 12:29 1 कुरिन्थियों 12:30 1 कुरिन्थियों 12:31
1 कुरिन्थियों 12:19 का अर्थ: एक ही अंग होते तो देह कहाँ होती?
पद का संदर्भ प्रेरित-समूह के भीतर विविध प्रतिशील gifts (वरदान) के रूप में एकता की गुरुत्वाकांक्षा को समझाता है। पॉल इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि सभी सदस्य अगर एक ही अंग होते, तो देह का स्वरूप और क्रिया-कौशल कैसा होता—यह असंभावित परिदृश्य है, क्योंकि परमेश्वर ने प्रत्येक को अलग-अलग भूमिका और अंग बनाकर देह का भागीदारी-व्यवस्था में योगदान दिया है। विविधता में एकता—यह देह की संरचना की प्राकृतिक आवश्यकता है।
मुख्य अर्थ
यदि सभी आत्मिक उपहार एक ही प्रकार के होते, तो देह कितनी बेमेल और अयोग्य होती—यानी निर्बल, विचलित और सीमित हितों के साथ। लेकिन परमेश्वर ने देह के अंगों को विविध बनाकर प्रत्येक अंग के लिए एक-एक विशेष स्थान और क्रिया निर्धारित की है। तब भी देह एक है, क्योंकि प्रत्येक अंग की भूमिका दूसरे के पूरक है और सभी मिलकर समग्रता बनाते हैं।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबंधी आयतें
- 1 कुरिन्थियों 12:4-7: विविध वरदान और एक्रिया-रचना की व्याख्या। यह दिखाता है कि आत्मा के gifts एक समान मूल्य के हैं और सभी मिलकर देह के लिए निर्धारित हैं।
- 1 कुरिन्थियों 12:12-14: मानव देह की अंग-प्रणाली की तरह—the body is one and has many members, and all the members of that one body, being many, are one body.
- रोमियों 12:4-5: हर सदस्य का योगदान एक दूसरे के साथ मिलकर एक नया समुदाय बनाता है।
व्यावहारिक विचार
अपने आप में तुलना न करें; बल्कि अपने दायित्वों को पहचाने और दूसरे के अवसरों को बढ़ावा दें। यह मत सोचिए कि आप निकृष्ट या अवरोधक हैं; बल्कि समझिए कि आप इस देह के लिए अनिवार्य हैं और आपके सहयोग से देह की सामान्य क्रिया मजबूत होती है। टीमवर्क, सेवकत्व और एक दूसरे के लाभ के लिए प्रेरणा में वृद्धि होती है।
छोटा संदर्भ-निष्कर्ष
यह पद हमें याद दिलाता है कि ईश्वर ने विविध प्रतिभाओं के साथ एक साथ चलने की व्यवस्था की है। यदि सभी एक समान भाग होते, तो देह की कार्यशीलता सूखी और सीमित हो जाती; परन्तु विविध अंगों से समृद्ध देह वास्तव में पूर्ण बनती है।
संदर्भ-योग
इस विचार के साथ, 2 कुरिन्थियों 3:4-6 और इफिसियों 4:11-13 के संदर्भ भी सहायक हैं, जो प्रत्येक सदस्य के भूमिका-नियोजन और समुदाय-उन्नति के बारे में विचार देते हैं।
महत्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सीधे पाठों की जगह-उद्धरण यहाँ शामिल नहीं हैं; यदि आवश्यकता हो, तो मैं उनसे चुने गए संक्षिप्त पहलुओं को संदर्भित कर दूँगा।