Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 16:1 1 राजाओं 16:2 1 राजाओं 16:3 1 राजाओं 16:4 1 राजाओं 16:5 1 राजाओं 16:6 1 राजाओं 16:7 1 राजाओं 16:8 1 राजाओं 16:9 1 राजाओं 16:10 1 राजाओं 16:11 1 राजाओं 16:12 1 राजाओं 16:13 1 राजाओं 16:14 1 राजाओं 16:15 1 राजाओं 16:16 1 राजाओं 16:17 1 राजाओं 16:18 1 राजाओं 16:19 1 राजाओं 16:20 1 राजाओं 16:21 1 राजाओं 16:22 1 राजाओं 16:23 1 राजाओं 16:24 1 राजाओं 16:25 1 राजाओं 16:26 1 राजाओं 16:27 1 राजाओं 16:28 1 राजाओं 16:29 1 राजाओं 16:30 1 राजाओं 16:31 1 राजाओं 16:32 1 राजाओं 16:33 1 राजाओं 16:34



अर्थ का प्रत्यक्ष कथन
यही पद यह बताता है कि बेतेल के यादीय हुनर-उद्धारक इल ने यरीहो को फिर बसाया; इसके साथ जुड़ा हुआ भाग यह बताता है कि डाली गई नींव के समय उसका पहला बड़ा बेटा मर गया और फाटक खड़े करते समय उसका छोटा बेटा मर गया—यहोवा के यहूदा के साथ तादात्म्य के अनुसार यह सब हुआ है, जैसा यहोशू ने पहले कहा था।
पृष्ठभूमि संदर्भ
1 राजाों 16:34 गिलगली के बादयुगीन सत्ता-परिवर्तन का भाग है, जब यहोवा के निर्देशानुसार बेतेलवासियों ने ऐतिहासिक शहरों में फिर से बसना शुरू किया। यहवचन यह भी रेखांकित करता है कि जीवन के कामों में अगला कदम उठाते समय परमेश्वर की वाचाओं के अनुसार घटनाएँ घटती हैं। यहोशू के द्वारा दी गई चेतावनी का स्मरण कराता है कि एक शहर का ढांचे और नगर-निर्माण एक साथ परमेश्वर के बारे में विश्वास और निर्भरता पर निर्भर है।
मुख्य interpretación observations
संदर्भित विचार और पंक्तियाँ (थोड़े से, प्रासंगिक)
कथा इस बात को रेखांकित करती है कि छोटा-सा निर्णय भी बड़े परिणाम दे सकता है। नीचे तीन cross-_refs दिलचस्प दৃষ্টिकोण देते हैं:
संक्षेपित thematic takeaways
व्यावहारिक अनुप्रयोग
जीवन में जब हम नए काम शुरू करें, तो यह सीख लें कि स्थिर और टिकाऊ-दृष्टि से आगे बढ़ना चाहिए—परमेश्वर की वचन की सुरक्षा में स्थिति बनती है। परिवार और समुदाय के इतिहास में जो घटनाएं घटती हैं, वे हमें नैतिकता, विश्वसनीयता, और धैर्य की ओर प्रेरित करती हैं।
कंपनी-उद्धरण (Public-domain thinkers)
यहाँ आवश्यक उद्धरण सीमित रूप में संदर्भित हैं।
Matthew Henry के अनुसार, “...”(संক্ষেপित सार) — दृश्य-सम्बन्धों को समझना, परमेश्वर के वचन की गंभीरता को दिखाता है।
Albert Barnes के अनुसार, “...”(संक्षेप) — घटनाओं के क्रम में नैतिक शिक्षा और दया का मूल्य स्पष्ट होता है।
Adam Clarke के अनुसार, “...”(संक्षेप) — इतिहास में पूर्वानुमानित परिणामों के साथ धार्मिक प्रासंगिकता को दर्शाता है।
क्लियर cross-reference नोट्स
1) यहोशू 6:26 से संबंधित चेतावनी: नगर के इतिहास में भविष्यवाणी कैसे सच होती है।
2) यहोशू 18:26-28: यह क्षेत्रीय शहर-निर्माण के विस्तृत परिणाम दिखाता है।
3) अन्य पवित्र-वचन: परमेश्वर के वचन की विश्वसनीयता और उसकी योजना पर विश्वास।