1 राजाओं 17:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इन बातों के बाद उस स्त्री का बेटा जो घर की स्वामिनी थी, रोगी हुआ, और उसका रोग यहाँ तक बढ़ा कि उसका साँस लेना बन्द हो गया।

पिछला पद
« 1 राजाओं 17:16
अगला पद
1 राजाओं 17:18 »

1 राजाओं 17:17 पद-दर-पद बाइबल टीका

अर्थ का सीधा सार

1 कुल 17:17 में वहाँ वर्णित स्त्री के घर में रहने वाले पुत्र की बीमारी का वर्णन है; वह रोग इतना बढ़ गया कि उसका सांस लेना कठिन हो गया। यह कथन स्वास्थ्य-चिंता के साथ उसके परिवार के भय, भरोसे और ईश्वर के साथ की जाँच की एक सूक्ष्म प्रतीकात्मक झलक देता है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

इस पाठ में एलेह के समय की व्यवस्था भीतर की एक गरिमा है जहाँ चरित्रों के निजी संकट भी ईश्वर के नियंत्रण के अंतर्गत आते हैं। यह घटना घर-स्वामिनी के पुत्र की बीमारी की है, एक ऐसी स्थिति जो परिवार के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को भी प्रभावित कर सकती है। हालाँकि विस्तृत सूचियाँ पाठ के भीतर नहीं दी जातीं, परन्तु यह संकेत देता है कि नबी-सेवा के बीच निजी पीड़ा का स्थान कितना महत्त्वपूर्ण होता है और परमेश्वर की कृपा कैसे व्यक्त होती है।

व्याख्यात्मक विचार

  • उत्पत्ति–अनुभव: बीमारी एक परीक्षण है जो विश्वास मार्ग को परखता है। उस स्त्री के घर की दैनिक संसार में रोग ने परिवार की आशा को चुनौती दी।
  • ईश्वरीय नियंत्रण: इस प्रकार के रोगों में लेखक यह दिखाने की चेषा करता है कि हर स्थिति परमेश्वर के हाथ में है, चाहे वह घर के भीतर का छोटा-सा बेटा क्यों न हो।
  • आश्रय की जरूरत: परिवार के सदस्य, विशेषकर रोगी, के लिए प्रार्थना और सामुदायिक सहायता कितना अनिवार्य है, यह घटना इसे उजागर करती है।

छोटा थीमैटिक रेखांकन

  1. व्यक्ति की पीड़ा बनाम ईश्वर का प्रकाश
  2. परिवारिक हिम्मत और परम-प्रीतिभाव
  3. आशीर्वाद और सहायता का सहयोगात्मक चरित्र

अन्य सम्बद्ध संदर्भ

• दूसरे स्थानों में पुराने नियम में रोग और विश्वास के सम्बन्धों के बोध मिलते हैं, जैसे संकट के समय में विश्वासियों के कैसे प्रार्थना और सहायता प्राप्त होती है।

• लोरी-स्तुति के भीतर परिवार के सदस्य की पीड़ा बहुत बार परमेश्वर के साथ नजदीकी और उनकी कृपा के अनुभव का मार्ग बनती है।

• पारिवारिक स्वास्थ्य की चिंता के संदर्भ में नैतिक सबक — विश्वास, प्रार्थना और समुदाय की भागीदारी एक साथ काम करती है।

कटु-परम-उपदेश

कथन बताता है कि व्यक्तिगत पीड़ा में भी परमेश्वर की योजना अदृश्य नहीं रहती; विश्वास की प्रतिक्रिया—प्रार्थना, आशा, और सहानुभूति—परिवार और समुदाय को परखते हैं। इस पाठ से यह सीख मिलती है कि बीमारी के समय भी प्रभु के विश्वासयोग्य लोगों को एक दूसरे का सहारा बनना चाहिए।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षिप्त व्याख्या)

• संदर्भ-1: रोग और दया—भरोसा रखने पर प्रभु की कृपा कैसे प्रकट होती है। (सम्बद्ध संदर्भों मेंDiseases and compassion themes)

• संदर्भ-2: परिवारिक सहायता—समुदाय की भागीदारी से पीड़ा कम कैसे होती है।

• संदर्भ-3: परीक्षण में विश्वास—कठिन समय में विश्वास की दृढ़ता कैसे विकसित होती है।

संक्षिप्त व्यावहारिक निष्कर्ष

प्रस्तुत पाठ से हमें यह सिखने को मिलता है कि बीमारी के समय भी आशा मत छोड़ें; परिवार मिलकर प्रार्थना करें, समुदाय से सहायता लें और परमेश्वर की कृपा पर निर्भर रहें।

टिप्पणी: नीचे दी गई पंक्तियाँ में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के लोकप्रिय उद्धरणों के छोटे भाग उद्धृत हैं, यदि उपलब्ध हों, परन्तु यहाँ पूर्ण पाठ उद्धृत नहीं किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 राजाओं 17:17 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 22:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 22:1 (HINIRV) »
इन बातों के पश्चात् ऐसा हुआ कि परमेश्‍वर ने, अब्राहम से यह कहकर उसकी परीक्षा की*, “हे अब्राहम!” उसने कहा, “देख, मैं यहाँ हूँ।” (इब्रा. 11:17)

2 राजाओं 4:18 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
2 राजाओं 4:18 (HINIRV) »
जब लड़का बड़ा हो गया, तब एक दिन वह अपने पिता के पास लवनेवालों के निकट निकल गया।

अय्यूब 34:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 34:14 (HINIRV) »
यदि वह मनुष्य से अपना मन हटाये और अपना आत्मा और श्‍वास अपने ही में समेट ले,

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें