Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 राजाओं 18:1 1 राजाओं 18:2 1 राजाओं 18:3 1 राजाओं 18:4 1 राजाओं 18:5 1 राजाओं 18:6 1 राजाओं 18:7 1 राजाओं 18:8 1 राजाओं 18:9 1 राजाओं 18:10 1 राजाओं 18:11 1 राजाओं 18:12 1 राजाओं 18:13 1 राजाओं 18:14 1 राजाओं 18:15 1 राजाओं 18:16 1 राजाओं 18:17 1 राजाओं 18:18 1 राजाओं 18:19 1 राजाओं 18:20 1 राजाओं 18:21 1 राजाओं 18:22 1 राजाओं 18:23 1 राजाओं 18:24 1 राजाओं 18:25 1 राजाओं 18:26 1 राजाओं 18:27 1 राजाओं 18:28 1 राजाओं 18:29 1 राजाओं 18:30 1 राजाओं 18:31 1 राजाओं 18:32 1 राजाओं 18:33 1 राजाओं 18:34 1 राजाओं 18:35 1 राजाओं 18:36 1 राजाओं 18:37 1 राजाओं 18:38 1 राजाओं 18:39 1 राजाओं 18:40 1 राजाओं 18:41 1 राजाओं 18:42 1 राजाओं 18:43 1 राजाओं 18:44 1 राजाओं 18:45 1 राजाओं 18:46



सीधी बात का अर्थ
1 राजाओं 18:8 में कहा गया है कि नबियों के आग्रह के बावजूद ईलिया के संदेशवाहक ने यह उत्तर दिया: “हाँ मैं ही हूँ: जाकर अपने स्वामी से कह, 'एलिय्याह मिला है'।” इसका मतलब है कि एलिय्याह अब जीवित रूप में उपस्थित नहीं है, बल्कि वह उपलब्ध नहीं है; वह इस समय अपने आत्मिक प्रतिनिधि या संदेशवाहक के रूप में प्रतिष्ठित है और उसकी उपस्थिति एक ठहरा हुआ संदेश है कि ईश्वर केProphet एलिय्याह को खोजने के लिए भेजा गया है।
प्रसंगगत पृष्ठभूमि
यह घटना तब की है जब राजा अहेब के समय मोरों की नबियों के साथ संघर्ष चला;.elijah और ऐजहाब के समकक्ष प्रतिस्पर्धा चरम सीमा पर थी. 1 राजाओं 18 अध्याय में एलिय्याह ने परमेश्वर की शक्ति और प्रोत्साहन से इस्लाम के दासता से सम्भव आस्था को पुनर्जीवित करने की इच्छा व्यक्त की। यहाँ एक संदेशवाहक ने स्पष्ट कर दिया कि एलिय्याह अब भी ईश्वर के हाथ में हैं, और उसका निर्देश वही जीवन्तता दे रहा है—ताकि अहेब के संदिग्ध विश्वास को मजबूत किया जाए।
व्याख्यात्मक विचार
संक्षिप्त विचार-सूचियाँ
सम्बंधित पद और संक्षिप्त व्याख्या
— 1 राजाओं 18:15, जहाँ एलिय्याह ने कहा कि आ रहा समय है कि परमेश्वर के प्रचारक सत्य का प्रकाश दिखाएं। यह पंक्ति इस नाटक को संदर्भित करती है कि दुष्टों के बीच भी परमेश्वर का हाथ सक्रिय है।
— 3 राजाओं/यहोशू 2:14 जैसा कि दूत स्पष्ट करता है कि ईश्वर के संदेशवाहक सत्य के मार्गदर्शक होते हैं।
— रोम 10:17 का अनुपातात्मक संदर्भ यह दिखाता है कि विश्वास की वृद्धि वाक्यों के द्वारा होती है; एलिय्याह की उपस्थिति, संदेश के साथ, लोगों के दिलों को प्रेरित करती है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
हमारे जीवन में भी परमेश्वर अपने सेवकों को हमारे सामने प्रस्तुत करता है ताकि हमें सत्य की दिशा दिखाई दे और विश्वास मजबूत हो। जब भी कोई स्पष्ट आह्वान आये, उसे आत्म-समर्पण से अपनाना चाहिए, भले ही परिस्थितियाँ कितनी भी कठिन क्यों न हों।
किए गए उद्धरण (यदि नीचे उद्धरण उपलब्ध हों): Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधे पूर्ण उद्धरण इस पाठ में नहीं दिए गए हैं, पर उनके सामंजस्यपूर्ण टिप्पणियाँ इस वाक्य के अर्थ की गहराई को स्पष्ट करते हैं।