Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
1 तीमुथियुस 5:1 1 तीमुथियुस 5:2 1 तीमुथियुस 5:3 1 तीमुथियुस 5:4 1 तीमुथियुस 5:5 1 तीमुथियुस 5:6 1 तीमुथियुस 5:7 1 तीमुथियुस 5:8 1 तीमुथियुस 5:9 1 तीमुथियुस 5:10 1 तीमुथियुस 5:11 1 तीमुथियुस 5:12 1 तीमुथियुस 5:13 1 तीमुथियुस 5:14 1 तीमुथियुस 5:15 1 तीमुथियुस 5:16 1 तीमुथियुस 5:17 1 तीमुथियुस 5:18 1 तीमुथियुस 5:19 1 तीमुथियुस 5:20 1 तीमुथियुस 5:21 1 तीमुथियुस 5:22 1 तीमुथियुस 5:23 1 तीमुथियुस 5:24 1 तीमुथियुस 5:25



1 तीमुथियुस 5:3 — वास्तविक विधवाओं के लिए सम्मान
पद का तात्पर्य और संदर्भ: यह आलेख पौलुस का निर्देश है कि चर्च में जिन विधवाओं की वास्तव में आवश्यकता है, उन्हें सम्मान देना चाहिए। यहाँ “विधवाओं” से अभिप्राय ऐसे व्यक्ति हैं जो पति से विकलांग या असमर्थ हैं और अपनी जीविका के लिए समुदाय पर निर्भर हैं। यह निर्देश विश्वासपूर्ण समुदाय के नैतिक दायित्व का संकेत देता है कि समाज में कमजोर और गरबी-लोगों के प्रति करुणा और सहायता का व्यवहार प्रमुख होना चाहिए।
ईश्वर और विश्वास के बारे में पाठ से मिलने वाले संदेश
यह वचन दिखाता है कि ईश्वर गरीबों और पीड़ितों के प्रति कौन-सा दृष्टिकोण रखता है: मानवीय सहायता और समुदाय की जिम्मेदारी। निष्काम सेवा और करुणा में ईश्वर की स्तुति होती है। साथ ही, चर्च का सामाजिक दायरा यह उजागर करता है कि आस्था केवल व्यक्तिगत विश्वास नहीं, बल्कि भाई-चाहना और समुदाय-सेवा का जीवन है।
शब्दों व εικόनों की स्पष्टता
“आदर करना” (honor) स्पष्ट करता है कि विधवाओं के प्रति सम्मान और आत्मीय सहायता पहली प्राथमिकता है, भले ही वे किन परिस्थितियों से गुजर रही हों। यह सम्मान केवल औपचारिक मान-सम्बन्ध नहीं, बल्कि व्यावहारिक सहायता, सुरक्षा-व्यवस्था और आत्म-स्वाभाविक सम्मान से जुड़ा है।
অন्य पवित्र पाठ से संबंध
Related cross-references: - मरकुस ۱۲:41-44 — गरीब widow का दृष्टांत परमेश्वर के नजरिये में साहचर्य की कसौटी बताता है कि सच्ची खुशी और भरोसा कहाँ है. - याकूब 1:27 — पवित्र जीवन में दिखता सामाजिक-नैतिक pure religion; विधवाओं और अनाथों की चिंता को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है. - गलाती 6:2 — एक-दूसरे के बोझ उठाने का बाइबिल-आध्यात्मिक दायित्व।
आज के संदर्भ में व्यावहारिक अनुप्रयोग
महत्वपूर्ण उद्धरणों के संदर्भ
यदि पाठक Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सार्वजनिक-domain टीका-आलेखों से उद्धरण मिलें, तो वे इस विचार को सुदृढ़ करते हैं कि वास्तविक आस्था सामाजिक दायित्व और करुणा से जुड़ी है। (नोट: नीचे उद्धरण पूर्ण टेक्ट नहीं हैं; केवल उपलब्ध मूल-अंश दिए जाते हैं यदि उपलब्ध हो।)
सार-सार: इस वचन में चर्च पर एक नियत दायित्व है—जो सचमुच विधवा हैं, उन्हें सम्मान, सहायता और सुरक्षा देना। यह ईश्वर के अपने दिल का खुला आयना है, जहाँ आस्था का असली परीक्षण सेवा-प्रेरित प्रेम में है।