Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकी1 तीमुथियुस 3:1 बाइबल पद की व्याख्या
1 तीमुथियुस 3:1 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यह बात सत्य है कि जो अध्यक्ष होना चाहता है, तो वह भले काम की इच्छा करता है।
1 तीमुथियुस 3:1 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 तीमुथियुस 3:1 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

प्रेरितों के काम 20:28 (HINIRV) »
इसलिए अपनी और पूरे झुण्ड की देख-रेख करो; जिसमें पवित्र आत्मा ने तुम्हें अध्यक्ष ठहराया है कि तुम परमेश्वर की कलीसिया की रखवाली करो, जिसे उसने अपने लहू से मोल लिया है। (भज. 74:2)

तीतुस 1:7 (HINIRV) »
क्योंकि अध्यक्ष को परमेश्वर का भण्डारी होने के कारण निर्दोष होना चाहिए; न हठी, न क्रोधी, न पियक्कड़, न मार पीट करनेवाला, और न नीच कमाई का लोभी।

1 तीमुथियुस 1:15 (HINIRV) »
यह बात सच और हर प्रकार से मानने के योग्य है कि मसीह यीशु पापियों का उद्धार करने के लिये जगत में आया, जिनमें सबसे बड़ा मैं हूँ।
1 तीमुथियुस 3:1 — एक अधिकारी के लिए इच्छा
इस पाठ का आसन तात्कालिक संदर्भ यह है कि प्रेरित पौलुस ने सामुदायिक नेतृत्व के लिए योग्यताओं की निगरानी करते समय एक स्पष्ट लक्ष्य की बात की है: अध्यक्षता (अध्यक्ष होना) एक अच्छी और योग्य इच्छा है। यह सिर्फ राजनीतिक पद नहीं, बल्कि चर्च के अंगीकारित सेवा-कर्तव्य का संकेत है।
पाठ से क्या खुलता है—ईश्वर और विश्वास के बारे में
यह वचन बताता है कि विश्वास के मूल्य और ईश्वरीय उद्देश्य के अनुरूप सेवा की इच्छा वास्तव में पवित्र प्रेरणा से आती है। जो व्यक्ति नेतृत्व की चाह रखता है, वह यह दर्शाता है कि उसके दिल में प्रभावी रूप से समुदाय की भलाई, दृढ़ नैतिकता और सेवा-भाव है। परमेश्वर इच्छा देता है कि उसकी संस्था में प्रेरित प्रेम, शुद्ध रीति-रिवाज और विश्वास के साथ नेतृत्व हो।
महत्वपूर्ण शब्दों और छवियों की स्पष्ट व्याख्या
अनुरेख पाठ (Related Passages)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि नेतृत्व वह है जो समुदाय की वृद्धि और समुदाय के सदस्यों की रक्षा के लिए धैर्य, नैतिकता और पवित्रता का उदाहरण प्रस्तुत करे।
आज के जीवन में अनुप्रयोग
संयोजन: हमारे समय के पवित्र सार
पूर्व-पवित्र टिप्पणीकारों के दृष्टिकोण को सरल रूप में एकजुट करते हुए यह निष्कर्ष निकलता है कि नेतृत्व की इच्छा तब पवित्र मानी जाती है जब उसका मूल उद्देश्य ईश्वर की महिमा और समुदाय की सेवा हो।
महत्त्वपूर्ण उद्धरण (Fuente नोट): Matthews Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के कुछ छोटे पंक्तिपरिचय पाठों के शब्द-उद्धरण मिलने पर उन्हें उद्धृत करने की आवश्यकता के कारण नीचे का संकेत दिया गया है—परन्तु पूरी पाठ-संरचना में पूर्ण उद्धरण नहीं दिया गया है।
Cross-references के संक्षिप्त उल्लेख में संबंधित पाठों के संक्षिप्त संकेत दिए गए हैं; यदि आप चाहें तो मैं प्रत्येक संदर्भ के संपूर्ण पाठ को सन्दर्भ-वाक्यों के साथ दे सकता हूँ।