Old Testament
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1 तीमुथियुस 3:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
फिर यह कि नया चेला न हो, ऐसा न हो कि अभिमान करके शैतान के समान दण्ड पाए।
1 तीमुथियुस 3:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 तीमुथियुस 3:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 तीमुथियुस 6:4 (HINIRV) »
तो वह अभिमानी है और कुछ नहीं जानता, वरन् उसे विवाद और शब्दों पर तर्क करने का रोग है, जिनसे डाह, और झगड़े, और निन्दा की बातें, और बुरे-बुरे सन्देह,

2 कुरिन्थियों 12:7 (HINIRV) »
और इसलिए कि मैं प्रकशनों की बहुतायत से फूल न जाऊँ, मेरे शरीर में एक काँटा चुभाया गया अर्थात् शैतान का एक दूत कि मुझे घूँसे मारे ताकि मैं फूल न जाऊँ। (गला. 4:13, अय्यू. 2:6)

इब्रानियों 5:12 (HINIRV) »
समय के विचार से तो तुम्हें गुरु हो जाना चाहिए था, तो भी यह आवश्यक है, कि कोई तुम्हें परमेश्वर के वचनों की आदि शिक्षा फिर से सिखाए? तुम तो ऐसे हो गए हो, कि तुम्हें अन्न के बदले अब तक दूध ही चाहिए।
सीधे सार का बयान
1 तीमुथियुस 3:6 में कहा गया है कि नया चेला ऐसा न हो कि वह अभिमान से शैतान के समान दण्ड पाए; अर्थात आरम्भिक ईसाई समुदाय में नए विश्वासियों के लिए विनम्रता and आत्म-ज्ञान अनिवार्य हैं, ताकि वे में उच्च मत-परिग्रह और वास्तविक पवित्रता की कमी न आने पायें।
व्याख्यात्मक पृष्ठभूमि
यह पाठ प्रेरित-पत्र के अंतर्गत बेंचमार्क है कि चुने हुए अराजकता या उत्कृष्टता की ओर नहीं, वरन् नम्र सेवा और ईमानदार चरित्र की मांग है। चर्च-न्याय के मानक और प्रेरितों के चयन के संदर्भ में, यह दृष्टांत बताता है कि नए चेलों के लिए नयी ऊँचाइयों का आकर्षण पवित्रता के मार्ग में बाधा बन सकता है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
सारमिक थीम
अनुरूप क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
1) विचारशील नम्रता के बारे में अन्य प्रेरित-पत्र: विश्वासियों के बीच humildad पर बल; 2) पवित्रता और पात्रता का मूल्यांकन; 3) अभिमान के परिणामों पर चेतावनी।
व्यावहारिक निष्कर्ष
नए विश्वासियों के लिए यह निर्धारित करता है कि वे अपनी जगह को पहचानें, नम्रता से सीखना जारी रखें, और दायित्वों के प्रति सचेत रहें ताकि वे शैतान की चालों से दूर रहें। चर्च में सेवा के लिए चुने जाते समय बाहरी गरिमा नहीं, बल्कि आंतरिक धर्म-निष्ठा मायने रखती है।
अनुदेशक-आइडिया का समेकित संकेत
यह पद चिह्न करता है कि चुना गया चेला प्रतिपादन में आत्म-प्रशंसा से दूर रहे; विजयी जीवन में भी नम्रता पहली कुंजी है।
पूर्व-आत्मा के संबद्ध विचार
2 कुरिन्थियों 12:9–10, याकूब 4:6-7, 1 पतरस 5:5-6—इन संदर्भों में विनम्रता और देव-गुरुत्व के साथ दयालुता की प्रमुखता बताई जाती है।
नोट: नीचे कोई स्पष्ट उद्धरण नहीं है; केवल उद्धरणकार के उपलब्ध पाठ-आकलन से संकेत दिए गए हैं।